Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की सौजन्य भेंट, जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की सौजन्य भेंट, जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।

  • दोकड़ा धाम में आज दिव्य महारण स्नान महोत्सव, 108 कलशों से होगा भगवान जगन्नाथ का महाभिषेक

    दोकड़ा धाम में आज दिव्य महारण स्नान महोत्सव, 108 कलशों से होगा भगवान जगन्नाथ का महाभिषेक

    दोकड़ा धाम में आज सजेगा दिव्य महारण स्नान महोत्सव, 108 पवित्र कलशों से होगा भगवान जगन्नाथ का महाभिषेक, जुटेंगे हजारों श्रद्धालु

    दोकड़ा (जशपुर)। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा धाम में आज स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं मैया सुभद्रा का दिव्य महारण स्नान महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान का 108 पवित्र कलशों के सुगंधित जल से महाभिषेक किया जाएगा तथा भक्तों को भगवान के दिव्य गजानन (हाथी) वेश के अलौकिक दर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 1:00 बजे मंगल आरती एवं हरि कीर्तन से होगा। इसके बाद 1:30 बजे पहंडी विजय, 2:30 बजे 108 कलशों के जल से देव स्नान, 3:30 बजे दिव्य श्रृंगार एवं गजानन वेश दर्शन तथा 4:00 बजे संध्या आरती एवं महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य एवं दुर्लभ धार्मिक आयोजन में शामिल होने तथा भगवान श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

  • अब नहीं बच पाएंगे अपराधी ! न्यायाधीशों ने पुलिस को सिखाए मजबूत साक्ष्य जुटाने के ‘मास्टर फॉर्मूले’, कमजोर जांच पर लगेगा विराम ! सूरजपुर में 145 विवेचकों को मिला हाई-टेक विवेचना और फॉरेंसिक का विशेष प्रशिक्षण.

    अब नहीं बच पाएंगे अपराधी ! न्यायाधीशों ने पुलिस को सिखाए मजबूत साक्ष्य जुटाने के ‘मास्टर फॉर्मूले’, कमजोर जांच पर लगेगा विराम ! सूरजपुर में 145 विवेचकों को मिला हाई-टेक विवेचना और फॉरेंसिक का विशेष प्रशिक्षण.

    गंभीर अपराध विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने और साक्ष्य संकलन को मजबूत करते हुए आरोपियों को सजा दिलाने को लेकर शनिवार, 27 जून 2026 को जिला पंचायत के सभाकक्ष में गंभीर अपराधों, बीएनएस, बीएनएसएस, एनडीपीएस एक्ट व पाक्सो एक्ट पर 01 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूरजपुर श्रीमती विनीता वार्नर द्वारा किया गया जिसमें पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को कानूनी जानकारी देकर मजबूत बनाते हुए अपराधों की विवेचना की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया।

    इस अवसर पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश श्री मानवेन्द्र सिंह, डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर उपस्थित रहे। कार्यशाला में माननीय न्यायाधीश, डीडीपी विरेन्द्र लकड़ा, डीपीओ मनोज चतुर्वेदी द्वारा नवीन कानूनों, प्रमुख धाराओं और कानूनी प्रक्रियाओं की बारीकियों से पुलिस अधिकारी व विवेचकों को अवगत कराया। कार्यशाला में विवेचकों के द्वारा विवेचना से जुड़े कई प्रश्नों का समाधान माननीय न्यायाधीशों से प्राप्त किया तो वहीं संयुक्त संचालक एफएसएल आर.के.पैंकरा, कुलदीप कुजूर एवं डॉ. रसलीन कौर ने वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, घटना स्थल पर छोटी-बड़ी सुराग कैसे आरोपियों तक पहुंचने का जरिया बनता है उसकी जानकारी दी।

    कार्यशाला में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर ने कहा कि अपराध की विवेचना में त्रुटियां न हो यह सुनिश्चित करने यह कार्यशाला अत्यन्त उपयोगी साबित होगी। विवेचकों में विवेचना के प्रति ज्ञान और बढ़ेगा ताकि पीड़ितों को न्याय व आरोपियों को सजा दिलाने में कारगर साबित होगा। उन्होंने विवेचना में एफआईआर से लेकर चालान पेश करने तक किन-किन बातों का ध्यान रखना है, क्या-क्या कार्यवाही सुनिश्चित की जानी है, खामियां कहा होती है और विधिवत् तरीके से विवेचना पूर्ण करने जरूरी मार्गदर्शन दिए। नवीन कानून बीएनएस, बीएनएसएस के प्रावधानों को बताया और कहा कि विवेचना में प्रक्रियात्मक खामियां न करें, सबूतों को सही ढंग से इकट्ठा करें, डिजिटल साक्ष्यों को बारीकी से प्राप्त करें ताकि साक्ष्य मजबूत हो और अपराधी को दण्ड मिल सकें। 7 साल या उससे अधिक सजा वाले सभी अपराधों में फोरेंसिक जांच की अनिवार्यता के बारे में बताया।

    अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में विवेचक चूक कर बैठते है जिसका फायदा अभियुक्त को मिलता है। उन्होंने एनडीपीएस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से लेकर सही तरीके से अनुसंधान की जानकारी दी। इन मामलों से जुड़ी चेकलिस्ट को साथ रखने कहा ताकि त्वरित कार्रवाई करने में सहूलियत हो। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट की प्रमुख धाराओं और कानूनी प्रक्रियाओं, जांच की गुणवत्ता बढ़ाने और साक्ष्य संकलन को मजबूत करने विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

    कार्यशाला के आयोजक व जिले के डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने उपस्थित विवेचकों को कहा कि कार्यशाला से प्राप्त मार्गदर्शन का उपयोग बेहतर अपराध अनुसंधान में करें ताकि पीड़ित को न्याय और आरोपी को सजा सुनिश्चित हो। कार्यशाला के माध्यम से माननीय न्यायाधीश का मार्गदर्शन पुलिस को तकनीकी बारीकियों को समझने, कानूनी रूप से मजबूत विवेचना में मददगार साबित होगा। उन्होंने विवेचकों को जांच की गुणवत्ता बढ़ाने और मजबूत साक्ष्य संकलन कर अभियोग पत्र पेश करने कहा ताकि पीड़ित को न्याय और दोषी को सजा मिल सके, साथ ही विवेचना के दौरान ई-साक्ष्य प्रणाली का प्रभावी एवं विधिसम्मत उपयोग सुनिश्चित करने तथा तकनीक आधारित विवेचना को अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक जावेद मियादाद ने किया।

  • ₹3 लाख की उगाही के लिए रचा ‘फर्जी गैंगरेप’ का खौफनाक खेल! पुलिस जांच में खुली सनसनीखेज साजिश, 5 आरोपी गिरफ्तार

    ₹3 लाख की उगाही के लिए रचा ‘फर्जी गैंगरेप’ का खौफनाक खेल! पुलिस जांच में खुली सनसनीखेज साजिश, 5 आरोपी गिरफ्तार

    नौकरी के नाम पर सामूहिक ुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर ₹3 लाख की अवैध उगाही व ब्लैकमेलिंग करने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार

    सरपंच बीडीसी को गंभीर केस में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूलने की रची थी सोचीसमझी साजिश

    निष्पक्ष पुलिस जांच में खुली पोल; ब्लैकमेलिंग में प्रयुक्त ‘महिंद्रा थार’ वाहन और मोबाइल फोन जब्त।

    बलौदाबाज़ार-भाटापारा : पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन में थाना कसडोल पुलिस द्वारा ब्लैकमेलिंग और झूठे केस में फंसाकर अवैध उगाही करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। गिरोह के सदस्यों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत सरपंच और बीडीसी के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके एवज में वे मोटी रकम वसूलना चाहते थे।

    दिनांक 24.06.2026 को आवेदिका द्वारा थाना कसडोल में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि थाना कसडोल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरपंच एवं बीडीसी ने नौकरी लगाने के नाम पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना कसडोल पुलिस द्वारा तत्काल मामले की विस्तृत व सूक्ष्म जांच प्रारंभ की गई।

    जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा:- विवेचना व जांच के दौरान जब कथित पीड़िता से कड़ाई से पूछताछ कर उसका कथन लेखबद्ध किया गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। कथित पीड़िता ने स्वीकार किया कि उसके साथ ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। वास्तव में, उसकी सहेली पूनम, भागवत थवाईत एवं अन्य ने मिलकर एक षड्यंत्र रचा था। इन लोगों ने सरपंच व बीडीसी को झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने का डर दिखाया और उनसे 03 लाख रुपये की अवैध उगाही (ब्लैकमेलिंग) करने के उद्देश्य से आवेदिका को झांसा देकर मोहरा बनाया और यह झूठा शिकायत आवेदन तैयार करवाया था।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई व गिरफ्तारी:- संपूर्ण जांच एवं साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट पाया गया कि आरोपियों द्वारा निर्दोष व्यक्तियों को गंभीर अपराध में फंसाने और धनार्जन करने का कुकृत्य किया गया है। थाना कसडोल में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्र. 260/2026, धारा 308(2), 308(6),217,248(ख), 61(2)(a),45 BNS के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर गिरोह के सभी 05 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आज दिनांक 28.06.2026 को सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया है।

    गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

    1. भागवत थवाईत पिता संतोष थवाईत, उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम कटगी, थाना कसडोल।

    2. दीपक थवाईत पिता आनंदराम थवाईत, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम कटगी, थाना कसडोल।

    3. शिवा चेलक पिता राजू चेलक, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम कटगी, थाना कसडोल।

    4. विजय शंकर उम्र 40 वर्ष, निवासी वार्ड क्र. 12 लवन, थाना लवन।

    5. पूनम पिता विनोद, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम सुकली, चौकी गिरोधपुरी, थाना गिधौरी।

    जब्तशुदा सामग्री का विवरण

    1. घटना में प्रयुक्त वाहन महिंद्रा थार (रजिस्ट्रेशन नंबर: CG 04 PV 9211)

    2. घटना में प्रयुक्त कुल 03 अदद मोबाइल फोन

  • जसवंत क्लॉडियस का विशेष आलेख: ओलंपिक की सफलता के पीछे आईओसी की दूरदर्शिता और खिलाड़ियों के हितों की बड़ी कहानी

    जसवंत क्लॉडियस का विशेष आलेख: ओलंपिक की सफलता के पीछे आईओसी की दूरदर्शिता और खिलाड़ियों के हितों की बड़ी कहानी

    अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद(आईओसी) : खेल के स्तर को ऊंचा बनाए रखने सदैव प्रयासरत, सबके हित का रखती है ख्याल

    आलेख . जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर .

    रायपुर : 1896 से अनवरत जारी आधुनिक ओलंपिक स्पर्धा आज विश्व की सबसे पुरानी बहुखेल चैम्पियनशिप है। इसको बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया, इंस्ट्राग्राम, व्हाट्सअप, इंटरनेट आदि माध्यमों से दुनिया के कोने-कोने तक आईओसी की गतिविधियां प्रचारित प्रचारित की जाती हैं। ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन, पैरालिंपिक्स, आयोजनों के लिए टेलीविजन मार्केटिंग और लाइसेंसनिंग अधिकारों की बिक्री के माध्यम से आईओसी को करीब 66011 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होती है। दूसरी तरफ फीफा याने फेडरेशन इंटरनेशनल डी फुटबाल एसोसिएशन के गवर्निंग बॉडी के गाइडलाइन अनुसार कार्य करता है। आज की परिस्थिति में ओलंपिक और फुटबाल के उपरोक्त संगठन के अलावा अन्य कोई भी गवर्निंग बॉडी उतने अमीर नहीं है। फीफा की पूंजी वतर्मान विनिमय दर के आधार पर 66100 करोड़ रुपये होती है। जबकि फुटबॉल की पूंजी लगभग 103000 करोड़ रुपए है .दोनों ही संगठन नान प्राफिट आधार पर कार्य करते हैं और दोनों ही मान्यता प्राप्त देशों में फुटबाल या बहुखेल के विकास के लिए किसी न किसी रूप में देश, खेल या खिलाडिय़ों को धन, प्रशिक्षक, खेल सामग्री के रूप में सहायता उपलब्ध कराते है। आज अगर हम ओलंपिक खेलों या फुटबाल की लोकप्रियता की बात करें तो इसकी वजह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों संस्थाओं के खेल संघ के पदाधिकारियों द्वारा विश्व भर में मान्यता दिए गए देशों को प्रदत्त सुविधाएं हैं। ओलंपिक खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिए गवर्निंग बॉडी के विभिन्न संकायों के समस्त सदस्य ईमानदारी व समर्पण से अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। लांस एजिल्स में होने वाली 2028 के ओलपिंक में 28 खेलों की जगह 31 खेलों को प्रमुख खेल के रूप में मान्यता दे दी गई है।इन खेलों में मान्यता प्राप्त करीब 206 देश भाग लेंगे। इन देशों में से 36 खेलों के लिए एरेना में उतरने वाले योग्यतानुसार विभिन्न देशों के एथलीट की संख्या निर्धारित है। इसमें से कुछ खेल में विश्व में योग्यता, कुछ में महाद्वीपीय योग्यता, कुछ में विश्वकप प्रतियोगिताओं में प्राप्त आदि वरीयता आधार होती है। इसके साथ ही एथलेटिक्स जैसे खेलों के 48 इवेंट में प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों की भरमार को देखते हुए पहले ही समय, दूरी, ऊंचाई, लंबाई आदि के आधार पर एथलीट को मैदान में उतरने का अवसर दिया जाता है। स्पष्ट है कि एलए 2028 में लगभग 206 देशों से लगभग 11198 एथलीट 353 इवेंट में पदक जीतने की कोशिश करेंगे। पूरी दुनिया से सिर्फ योग्यता प्राप्त खिलाड़ी ही ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेंगे और अनुमान है कि एक इवेंट में प्रतिभागियों की संख्या कम से कम 50 से 60 होगी तो आप अनुमान लगा सकते हैं कि पूरे जगत से 2028 के ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों ने अपने अपने प्रशिक्षक, देश की सरकार के प्रतिनिधियों के सहयोग से कितनी कड़ी मेहनत की होगी। एथलेटिक्स के विभिन्न इवेंट में भाग लेने हेतु पात्रता आधार पर एक नजर डालेंगे तो पता चल जाएगा कि एक खिलाड़ी को उनके प्रशिक्षक, सहयोगी स्टाफ की मदद से इस पात्रता आधार तक पहुंचने के लिए कितना त्याग, समर्पण करना पड़ता होगा। 100 मीटर दौड़ में क्रमश: पुरुष एथलीट/महिला एथलीट के लिए पात्रता समय 10.00 सेकंड, 11.17 सेकंड, 200 मीटर के लिए 20.16 सेकंड, 22.57 सेकंड, 400 मीटर के लिए 45.00, 50.95 सेकंड, 800 मीटर के लिए 1 मिनट 44.70, 1 मिनट 59.30 सेकंड, 1500 मीटर 3 मिनट 33.50, 4 मिनट 2.50 सेकंड है। इसके अलावा सीधे प्रवेश, 100 मीटर के लिए 56 खिलाड़ी नहीं होते है तो विश्व रेकिंग से एथलीट लिए जाते हैं। हवा की गति 100 मीटर/200 मीटर के लिए+2.0 से अधिक गति नहीं होनी चाहिए। एक एथलीट को कम से कम चार साल लगातार मेहनत करनी पड़ती है, तब वह विभिन्न खेलों में योग्यता हासिल कर पाता है। यह भी सच है सभी खिलाड़ी पदक नहीं जीत पाते हैं तो फिर ऐसी परिस्थिति में चार साल परिश्रम करके, ट्रेनिंग में, खान-पान में पैसा लगा कर कोई खिलाड़ी मदद नहीं पाता तो उसे निराशा हो सकती है अत: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद ने 2028 से कार्यक्रम फिट फार फ्यूचर निकाला है जिसके तहत लास एंजिल्स में प्रत्येक खेल में भाग लेने वाले प्रतिभागी को करीब नौ लाख रुपये दिये जाएंगे। चाहे उसे कोई पदक हासिल हो या न हो. ओलंपिक परिषद के पदाधिकारियों का यह कदम खेल भविष्य के लिए सराहनीय है। इसी तरह का निर्णय छत्तीसगढ़ राज्य ओलंपिक संघ द्वारा लिया गया है . यह कदम खेल व खिलाडिय़ो के हित में है।अतः खेल पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई .

  • जशपुर पुलिस जल्द चलाएगी बड़ा चालानी अभियान : बिना हेलमेट घूम रहे हैं ? अब हो जाएं सावधान ! ‘अब सिर्फ समझाइश नहीं, होगी कार्रवाई’— हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर पुलिस का बड़ा अलर्ट.

    जशपुर पुलिस जल्द चलाएगी बड़ा चालानी अभियान : बिना हेलमेट घूम रहे हैं ? अब हो जाएं सावधान ! ‘अब सिर्फ समझाइश नहीं, होगी कार्रवाई’— हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर पुलिस का बड़ा अलर्ट.

    सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने तथा प्रत्येक नागरिक में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा हेलमेट एवं सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में आज जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में विशेष अभियान संचालित किया गया।

    अभियान के दौरान बिना हेलमेट एवं बिना सीट-बेल्ट वाहन चलाते पाए गए चालकों को रोककर उन्हें यातायात नियमों की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी वाहन चालकों को लगभग एक घंटे तक सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर आधारित जागरूकता फिल्म दिखाई गई, जिसमें हेलमेट नहीं पहनने, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने तथा लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों को दर्शाया गया।

    इसके उपरांत सभी वाहन चालकों को “सड़क सुरक्षा के सात वचन” की शपथ दिलाई गई, जिसमें हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, तेज गति से बचने, मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने तथा सभी यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया गया।

    उल्लेखनीय है कि जशपुर पुलिस के द्वारा पिछले कई दिनों से जन-चौपाल, बाइक रैली, वीडियो संदेश, विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बचाना है।

    डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि अभी पुलिस केवल समझाइश देकर लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन कुछ ही दिनों में बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जिले भर में विशेष अभियान चलाकर सख्त चालानी एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • चरित्र शंका पर खूनी खेल: पत्नी ने ईंट-पत्थर और लकड़ी से पति को मौत के घाट उतारा, हत्या का राज खुलते ही गिरफ्तार

    चरित्र शंका पर खूनी खेल: पत्नी ने ईंट-पत्थर और लकड़ी से पति को मौत के घाट उतारा, हत्या का राज खुलते ही गिरफ्तार

    बात से नाराज होकर आरोपिया द्वारा पति को ईट पत्थर एवं लकड़ी के फाड़ी से गंभीर चोट कारित कर की गई थी हत्या।

    आरोपिया के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त ईट पत्थर एवं लकड़ी का फाड़ी एवं घटना के दौरान पहना गया कपड़ा पेश करने पर किया गया जप्त।

    अम्बिकापुर : सूचक सरोता मझवार थाना बतौली द्वारा थाना बतौली आकर सूचना दर्ज कराया गया कि दिनांक 26/06/26 को सूचक की माँ मानकुंवर और पिता नेतराम मझवार दिन मे घर मे ही थे और रात्रि में शराब पीकर वापस अपने घर आये थे कि दिनांक 27/06/28 को सूचक को फ़ोन के माध्यम से सूचना प्राप्त हुआ कि सूचक का पिता घर के आंगन में पड़ा है, और उठाने से नहीं उठ रहा है तब सूचक घर आकर देखा कि सूचक का पिता नेतराम मझवार घर के आंगन में चित हालत में पड़ा हुआ था, शरीर मे चोट के निशान दिखाई पड़ रहा था और सांस चल रहा था जिसे एम्बुलेंश के माध्यम से ईलाज हेतु सी०एच०सी० बतौली लाया गया जहाँ जाँच के बाद डॉक्टर साहब द्वारा नेतराम मझवार को मृत घोषित कर दिया गया । सूचक के रिपोर्ट पर मर्ग इन्टीमेशन चाक कर शव पंचनामा कार्यवाही में लिया गया एवं मामले मे गवाहों के कथन, शव निरीक्षण, घटनास्थल निरीक्षण के आधार पर पाया गया कि दिनांक घटना 26/06/26 के रात्रि करीब 10.00 बजे मृतक नेतराम व उसकी पत्नि मानकुंवर के बीच चरित्र शंका को लेकर बहस हुआ था, इस दौरान मानकुंवर अपने पति को तुम मेरे चरित्र पर हमेशा शंका करते हो कहकर गुस्से में आकर नेतराम मझवार की हत्या करने की नियत से ईंट पत्थर व लकड़ी के फाड़ी से सिर, कंधा, माथे, चेहरा एवं पीठ में मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाई थी, जिससे नेतराम की मृत्यु हो गयी है, मामले मे सूचक की रिपोर्ट पर थाना बतौली मे अपराध क्रमांक 75/26 धारा 103 (1) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही मे लिया गया।

    दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर गवाहों का कथन लेख कर शव पंचनामा किया गया एवं मामले की आरोपिया मानकुंवर को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपिया द्वारा अपना नाम मानकुंवर पति स्व. नेतराम मझवार उम्र 40 वर्ष साकिन कदनई लोटाभावना थाना बतौली का होना बताया, आरोपिया से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर मृतक द्वारा अपनी पत्नी मानकुंवर पर चरित्र शंका करने की बात से नाराज होकर आरोपिया द्वारा पति को ईट पत्थर एवं लकड़ी के फाड़ी से गंभीर चोट कारित कर हत्या कारित करना स्वीकार किया गया, आरोपिया के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त ईट पत्थर एवं लकड़ी का फाड़ी एवं घटना के दौराना पहना गया कपड़ा पेश करने पर जप्त किया गया है, आरोपिया के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपिया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है।

    सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना बतौली से उप निरीक्षक आभाष मिंज, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, महिला प्रधान आरक्षक मेबिश खाका, आरक्षक राकेश एक्का, राजेश खलखो, राजू कुजूर, जोगी, महिला आरक्षक मेरी क्लोरेट, किरण तांडे सक्रिय रहे।

  • जिंदगी की जंग जीता चालक: मिक्सर मशीन में फंसे युवक का पुलिस और ग्रामीणों ने किया सफल रेस्क्यू

    जिंदगी की जंग जीता चालक: मिक्सर मशीन में फंसे युवक का पुलिस और ग्रामीणों ने किया सफल रेस्क्यू

    अनियंत्रित होकर पलटी मिक्सर मशीन में फंसे चालक को पुलिस एवं जनसहयोग से सुरक्षित रेस्क्यू कर पहुंचाया गया अस्पताल

    थनोद रोड पर अनियंत्रित होकर पलटी मिक्सर मशीन में चालक गंभीर रूप से फंस गया था, जिसे चौकी अंजोरा पुलिस एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य कर घायल चालक को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

    पुलिस एवं जनसहयोग के समन्वय से चालक का सफल रेस्क्यू कर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

    घटनास्थल पर उपस्थित नागरिकों ने पुलिस की त्वरित एवं मानवीय कार्यवाही की सराहना की तथा पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा भी रेस्क्यू टीम एवं सहयोगी नागरिकों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।

    रायपुर : दिनांक 28.06.2026 को चौकी अंजोरा क्षेत्र अंतर्गत थनोद रोड पर क्रमांक CG 07 CZ 6051 की मिक्सर मशीन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। दुर्घटना में वाहन चालक केबिन के भीतर गंभीर रूप से फंस गया। सूचना प्राप्त होते ही चौकी अंजोरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।

    पुलिस टीम ने बिना विलंब किए स्थानीय ग्रामीणों एवं आसपास उपस्थित नागरिकों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। संयुक्त प्रयासों से चालक को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जिससे समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध हो सकी।

    घटनास्थल पर उपस्थित आम नागरिकों द्वारा पुलिस की त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय कार्यवाही की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा भी राहत एवं बचाव कार्य में शामिल पुलिस टीम तथा जनसहयोग करने वाले नागरिकों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार तत्परता एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

    घटनास्थल :

    थनोद रोड, चौकी अंजोरा क्षेत्र, जिला दुर्ग।

    सराहनीय भूमिका :

    उक्त राहत एवं बचाव कार्य में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक चंद्रशेखर सोनी, पीएसआई अभिषेक चंद्रा, आरक्षक सुमन, आरक्षक विक्की यादव तथा ग्राम थनोद एवं आसपास के ग्रामीणों की सराहनीय भूमिका रही।

    दुर्ग पुलिस की अपील :

    दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सड़क दुर्घटना अथवा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस एवं आपातकालीन सेवाओं को दें। संकट की परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से पुलिस का सहयोग करें, जिससे समय पर राहत एवं बचाव कार्य कर जनहानि को रोका जा सके।

  • ग्राहकों की तलाश में घूम रहे थे गांजा तस्कर, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा; लाखों का मादक पदार्थ और एक्टिवा जब्त

    ग्राहकों की तलाश में घूम रहे थे गांजा तस्कर, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा; लाखों का मादक पदार्थ और एक्टिवा जब्त

    अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी एवं बिक्री में संलिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।

    मुखबिर की सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को ग्राम घोटा पेट्रोल पम्प के पास धमधा से गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से लगभग 03.100 किलोग्राम गांजा मादक पदार्थ जप्त किया गया।

    आरोपियों से कुल 3.100 किलोग्राम गांजा, एवं एक एक्टिवा दो नग मोबाइल कुल 2,40,00 रुपये मूल्य की जप्ती की गई।

    थाना धमधा में अपराध क्रमांक 162/2026, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

    दुर्ग : दिनांक 27.06.2026 को थाना धमधा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम घोटा पेट्रोल पम्प के पास धमधा देवकर रोड धमधा दुर्ग के पास दो व्यक्ति एक्टिवा क्रमांक CG 07 DD 0132 अपने पास अवैध मादक पदार्थ गांजा रखकर ग्राहकों की तलाश कर बिक्री करने की फिराक में है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई तथा संदेही को पकड़कर पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मनीराम ठाकुर और ढाल सिंह यादव बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक सफेद रंग की बोरी में रखा अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ, जिसे विधिवत जप्त किया गया।

    पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन के दौरान आरोपीगण साथ मिलकर गांजा मंगाकर उसकी अवैध बिक्री करना स्वीकार किया तथा बताया कि दोनों गांजा की पुड़िया तैयार कर बिक्री करते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपी मनीराम ठाकुर और ढाल सिंह यादव को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से भी अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया।

    दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना धमधा में अपराध क्रमांक 162/2026, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

    घटना का कारण :

    अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से मादक पदार्थ गांजा की तस्करी एवं बिक्री करना।

    घटनास्थल :

    ग्राम घोठा पेट्रोल पम्प के पास धमधा देवकर रोड थाना धमधा जिला दुर्ग।

    आरोपी का नाम :

    1. मनीराम ठाकुर पिता रिखी राम ठाकुर उम्र 55 वर्ष साकिन ग्राम शिवकोकड़ी चौकी लिटिया थाना बोरी दुर्ग

    2. ढाल सिंह यादव पिता भुवन सिंह यादव उम्र 23 वर्ष साकिन भाठा कोकड़ी थाना धमधा जिला दुर्ग।

    जप्त सामग्री :

    1. कुल 3.100किलोग्राम गांजा मादक पदार्थ।

    2. एक्टिवा क्रमांक CG 07 DD 0132।

    3. कुल जप्ती मूल्य 2.40.000 रुपये।

    सराहनीय भूमिका :

    उक्त कार्यवाही में थाना धमधा के उप निरीक्षक प्रमोद , श्वेत साहू आरक्षक शफ़ीक़ मोहम्मद , आरक्षक गोवर्धन चौहान आरक्षक हेमेन्द्र कुर्रे, एवं आरक्षक चालक यशवंत साहू की त्वरित, सतर्क एवं प्रभावी भूमिका रही।

    दुर्ग पुलिस की अपील :

    दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें। मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन अथवा अवैध बिक्री संबंधी किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

  • देर रात जुआ अड्डे पर पुलिस का धावा: 8 जुआरी रंगे हाथ गिरफ्तार, ₹5.20 लाख की नगदी और सामान जब्त

    देर रात जुआ अड्डे पर पुलिस का धावा: 8 जुआरी रंगे हाथ गिरफ्तार, ₹5.20 लाख की नगदी और सामान जब्त

    दुर्ग पुलिस की जुआ पर लगातार कार्यवाही जारी,गनियारी स्थित बड़कू दाऊ के बाड़ा पर पुरानी भिलाई पुलिस एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई, 08 जुआरी गिरफ्तार

    गनियारी स्थित मकान में संचालित जुआ अड्डे पर छापेमारी कर 08 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए वैधानिक कार्रवाई की गई।

    आरोपियों के कब्जे एवं जुआ फड़ से ₹1,82,670 नगद, 08 मोबाइल एवं 03 मोटरसाइकिल सहित कुल ₹5,20,170 मूल्य की संपत्ति जप्त की गई।

    आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 5 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

    अवैध जुआ, सट्टा एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी है।

    दुर्ग : दिनांक 27.06.2026 की रात्रि मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना पुरानी भिलाई क्षेत्रांतर्गत ग्राम गनियारी, भिलाई-3 स्थित बड़कू दाऊ की बाड़ी में बने मकान के अंदर कुछ व्यक्ति रुपए-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर थाना पुरानी भिलाई पुलिस एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर विधिवत दबिश दी गई।

    कार्यवाही के दौरान मौके से 08 व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे एवं जुआ फड़ से नगद राशि, मोबाइल फोन एवं मोटरसाइकिल जप्त किए गए। आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 327/2026 अंतर्गत छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 5 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

    घटना स्थल :

    बड़कू दाऊ की बाड़ी स्थित मकान, ग्राम गनियारी, भिलाई-3, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग।

    आरोपी का नाम :

    1. तुंगत चंद्राकर, उम्र 35 वर्ष, निवासी सिरसा कला, भिलाई-3।

    2. केवल चंद्राकर, उम्र 29 वर्ष, निवासी गुड़ी परछी, सिरसा कला।

    3. शिवम वर्मा, उम्र 25 वर्ष, निवासी सिरसा कला, भिलाई-3।

    4. प्रवीण देवांगन, उम्र 24 वर्ष, निवासी हनुमान मंदिर के पास, सिरसा कला।

    5. ताकेश्वर साहू, उम्र 41 वर्ष, निवासी पाटन पुल के पास, उतई।

    6. चिराग चंद्राकर, उम्र 25 वर्ष, निवासी विश्व बैंक कॉलोनी, भिलाई-3।

    7. प्रकाश चंद्राकर, उम्र 41 वर्ष, निवासी गायत्री मंदिर के पास, सिरसा कला, भिलाई-3।

    8. कुल्लू साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी गांधी चौक, उतई।

    जप्त सामग्री :

    1. नगद राशि – ₹1,82,670/-

    2. 08 नग मोबाइल फोन।

    3. 03 नग मोटरसाइकिल।

    कुल जप्त संपत्ति का मूल्य – ₹5,20,170/-

    सराहनीय भूमिका :

    उक्त कार्यवाही में थाना पुरानी भिलाई पुलिस एवं एसीसीयू टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त एवं प्रभावी भूमिका रही।

    दुर्ग पुलिस की अपील :

    दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि जुआ, सट्टा एवं अन्य अवैध गतिविधियों से दूर रहें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।