अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद(आईओसी) : खेल के स्तर को ऊंचा बनाए रखने सदैव प्रयासरत, सबके हित का रखती है ख्याल
आलेख . जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर .
रायपुर : 1896 से अनवरत जारी आधुनिक ओलंपिक स्पर्धा आज विश्व की सबसे पुरानी बहुखेल चैम्पियनशिप है। इसको बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया, इंस्ट्राग्राम, व्हाट्सअप, इंटरनेट आदि माध्यमों से दुनिया के कोने-कोने तक आईओसी की गतिविधियां प्रचारित प्रचारित की जाती हैं। ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन, पैरालिंपिक्स, आयोजनों के लिए टेलीविजन मार्केटिंग और लाइसेंसनिंग अधिकारों की बिक्री के माध्यम से आईओसी को करीब 66011 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होती है। दूसरी तरफ फीफा याने फेडरेशन इंटरनेशनल डी फुटबाल एसोसिएशन के गवर्निंग बॉडी के गाइडलाइन अनुसार कार्य करता है। आज की परिस्थिति में ओलंपिक और फुटबाल के उपरोक्त संगठन के अलावा अन्य कोई भी गवर्निंग बॉडी उतने अमीर नहीं है। फीफा की पूंजी वतर्मान विनिमय दर के आधार पर 66100 करोड़ रुपये होती है। जबकि फुटबॉल की पूंजी लगभग 103000 करोड़ रुपए है .दोनों ही संगठन नान प्राफिट आधार पर कार्य करते हैं और दोनों ही मान्यता प्राप्त देशों में फुटबाल या बहुखेल के विकास के लिए किसी न किसी रूप में देश, खेल या खिलाडिय़ों को धन, प्रशिक्षक, खेल सामग्री के रूप में सहायता उपलब्ध कराते है। आज अगर हम ओलंपिक खेलों या फुटबाल की लोकप्रियता की बात करें तो इसकी वजह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों संस्थाओं के खेल संघ के पदाधिकारियों द्वारा विश्व भर में मान्यता दिए गए देशों को प्रदत्त सुविधाएं हैं। ओलंपिक खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिए गवर्निंग बॉडी के विभिन्न संकायों के समस्त सदस्य ईमानदारी व समर्पण से अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। लांस एजिल्स में होने वाली 2028 के ओलपिंक में 28 खेलों की जगह 31 खेलों को प्रमुख खेल के रूप में मान्यता दे दी गई है।इन खेलों में मान्यता प्राप्त करीब 206 देश भाग लेंगे। इन देशों में से 36 खेलों के लिए एरेना में उतरने वाले योग्यतानुसार विभिन्न देशों के एथलीट की संख्या निर्धारित है। इसमें से कुछ खेल में विश्व में योग्यता, कुछ में महाद्वीपीय योग्यता, कुछ में विश्वकप प्रतियोगिताओं में प्राप्त आदि वरीयता आधार होती है। इसके साथ ही एथलेटिक्स जैसे खेलों के 48 इवेंट में प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों की भरमार को देखते हुए पहले ही समय, दूरी, ऊंचाई, लंबाई आदि के आधार पर एथलीट को मैदान में उतरने का अवसर दिया जाता है। स्पष्ट है कि एलए 2028 में लगभग 206 देशों से लगभग 11198 एथलीट 353 इवेंट में पदक जीतने की कोशिश करेंगे। पूरी दुनिया से सिर्फ योग्यता प्राप्त खिलाड़ी ही ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेंगे और अनुमान है कि एक इवेंट में प्रतिभागियों की संख्या कम से कम 50 से 60 होगी तो आप अनुमान लगा सकते हैं कि पूरे जगत से 2028 के ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों ने अपने अपने प्रशिक्षक, देश की सरकार के प्रतिनिधियों के सहयोग से कितनी कड़ी मेहनत की होगी। एथलेटिक्स के विभिन्न इवेंट में भाग लेने हेतु पात्रता आधार पर एक नजर डालेंगे तो पता चल जाएगा कि एक खिलाड़ी को उनके प्रशिक्षक, सहयोगी स्टाफ की मदद से इस पात्रता आधार तक पहुंचने के लिए कितना त्याग, समर्पण करना पड़ता होगा। 100 मीटर दौड़ में क्रमश: पुरुष एथलीट/महिला एथलीट के लिए पात्रता समय 10.00 सेकंड, 11.17 सेकंड, 200 मीटर के लिए 20.16 सेकंड, 22.57 सेकंड, 400 मीटर के लिए 45.00, 50.95 सेकंड, 800 मीटर के लिए 1 मिनट 44.70, 1 मिनट 59.30 सेकंड, 1500 मीटर 3 मिनट 33.50, 4 मिनट 2.50 सेकंड है। इसके अलावा सीधे प्रवेश, 100 मीटर के लिए 56 खिलाड़ी नहीं होते है तो विश्व रेकिंग से एथलीट लिए जाते हैं। हवा की गति 100 मीटर/200 मीटर के लिए+2.0 से अधिक गति नहीं होनी चाहिए। एक एथलीट को कम से कम चार साल लगातार मेहनत करनी पड़ती है, तब वह विभिन्न खेलों में योग्यता हासिल कर पाता है। यह भी सच है सभी खिलाड़ी पदक नहीं जीत पाते हैं तो फिर ऐसी परिस्थिति में चार साल परिश्रम करके, ट्रेनिंग में, खान-पान में पैसा लगा कर कोई खिलाड़ी मदद नहीं पाता तो उसे निराशा हो सकती है अत: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद ने 2028 से कार्यक्रम फिट फार फ्यूचर निकाला है जिसके तहत लास एंजिल्स में प्रत्येक खेल में भाग लेने वाले प्रतिभागी को करीब नौ लाख रुपये दिये जाएंगे। चाहे उसे कोई पदक हासिल हो या न हो. ओलंपिक परिषद के पदाधिकारियों का यह कदम खेल भविष्य के लिए सराहनीय है। इसी तरह का निर्णय छत्तीसगढ़ राज्य ओलंपिक संघ द्वारा लिया गया है . यह कदम खेल व खिलाडिय़ो के हित में है।अतः खेल पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई .
