बस्तर के किसान दिनेश को भाया नैनो यूरिया और नैनो डीएपी, बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को मिला विकल्प

रायपुर : आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक नवाचारों ने कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है, जिसका एक जीता-जागता उदाहरण बस्तर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। यहाँ पारंपरिक बोरी वाले उर्वरक को छोड़कर किसान अब नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान दिनेश पाणीग्राही का अनुभव इस बात को दर्शाता है कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी न सिर्फ फसलों का उत्पादन बढ़ा रहा है, बल्कि किसानों की जेब और मेहनत दोनों को बचा रहा है और…

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नैनो उर्वरकों के प्रयोग से ग्राम उतई की महिला किसान अंजनी ने गेंहू की फसल में हासिल किया बंपर उत्पादन, लागत घटने से बढ़ी आमदनी

रायपुर : कृषि के क्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक तौर-तरीकों को अपनाकर महिलाएं अब न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा दे रही हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम उतई की एक महिला कृषक श्रीमती अंजनी ने नैनो टेक्नोलॉजी (उर्वरक) का सफल प्रयोग कर पारंपरिक खेती की पूरी तस्वीर बदल दी है। उन्होंने चालू रबी सीजन में अपने 40 डिसमिल रकबे में बोई गई गेंहू की फसल में रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग को बंद करते हुए, पूरी…

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विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : फ्लाई-ऐश और औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग से बन रहीं पर्यावरण-अनुकूल सड़कें, एनएचएआई का पर्यावरण-हितैषी निर्माण पर जोर

रायपुर : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आधुनिक सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में कई अभिनव पहलें की हैं। प्रकृति, वन्य जीव और आधुनिकता के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित करने का यह अनूठा मॉडल विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। औद्योगिक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर पर्यावरण-अनुकूल सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। औद्योगिक कचरे की…

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मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं – राज्यपाल रमेन डेका

लोक भवन में तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया ध्यान अभ्यास रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि मेडिटेशन (ध्यान) को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आज के तनावपूर्ण और व्यस्त जीवन में ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता और कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। लोक भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन राज्यपाल श्री रमेन डेका भी उपस्थित रहे। इस दौरान हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर से आए प्रशिक्षकों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ध्यान की…

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पानी है तो पेड़ हैं और पेड़ हैं तो पानी है : विश्व पर्यावरण पर राज्यपाल श्री डेका ने दिया जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर :  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि जल और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पानी रहेगा तो पेड़-पौधे सुरक्षित रहेंगे और यदि पेड़ रहेंगे तो जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा।  राज्यपाल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि…

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धान के बदले मक्का की खेती बनी फायदे का सौदा : किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक का मक्का खरीदा गया

605 किसानों ने 1763 एकड़ में की पॉपकॉर्न मक्का की खेती अनुबंध खेती से बढ़ी आय और मिला मार्केट रायपुर :  फसल विविधीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और भूमि की उर्वरता में सुधार हो रहा है। पारंपरिक फसलों से हटकर नई और उच्च-मूल्य वाली फसलें उगाने से किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है और जोखिम कम होता है। धान के बदले मक्का की खेती अपनाना फसल विविधीकरण की दिशा में एक बेहतरीन और अत्यधिक लाभदायक कदम है। इससे न…

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विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : तकनीकी नवाचार से सशक्त हो रहा पर्यावरण संरक्षण

ड्रोन निगरानी, स्मार्ट मॉनिटरिंग और हरित विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ की नई पहल विज्ञान, तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से आकार ले रहा है स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य प्रकृति का संरक्षण: वर्तमान की आवश्यकता, भविष्य की जिम्मेदारी धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक, जनसंपर्क रायपुर : धरती केवल हमारे रहने का स्थान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। स्वच्छ हवा, निर्मल जल, हरे-भरे वन और समृद्ध जैव विविधता ही मानव सभ्यता के अस्तित्व का आधार हैं। लेकिन आज जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग,…

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बरसों का सपना हुआ पूरा : अब मन में भविष्य की चिंता नहीं, आशा, संतोष और आत्मसम्मान

रायपुर : एक सुरक्षित और पक्का घर हर परिवार का सपना होता है। यह सपना केवल चार दीवारों का नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भी होता है। दुर्ग नगर निगम के उरला वार्ड की श्रीमती कुंती जगने के मन में भी वर्षों से खुद के पक्के घर का सपना पल रहा था, जो अब प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 से साकार हो गया है। श्रीमती कुंती जगने मजदूर हैं। उनके पति श्री प्रभुदास जगने मोची का काम करते हैं। सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना ही…

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पिच्चेकट्टा जलाशय के कार्यों के लिए 4.85 करोड़ रुपए स्वीकृत

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा कांकेर जिले के विकासखण्ड-भानुप्रतापपुर के पिच्चेकट्टा जलाशय के जीर्णाेद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 85 लाख 2 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यो के पूर्ण हाने पर क्षेत्र के किसानों को कुल 364 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। योजना के निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

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नैनो उर्वरकों से खेती बन रही अधिक लाभकारी, किसान अपना रहे ‘कम लागत, अधिक मुनाफा’ का मॉडल

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से बढ़ रही उत्पादन क्षमता, मिट्टी की सेहत को भी मिल रहा संरक्षण रायपुर : छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा मिलने से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में सफल कदम बढ़ा रहे हैं। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरकों का उपयोग किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ फसलों को बेहतर पोषण और मिट्टी की गुणवत्ता के संरक्षण में…

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