समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर कभी दूसरे के खेतों और फैक्ट्री में मजदूरी करने वाली महिलाएं आज खुद मालकिन बन गई है। अब वे खुद के लिए काम कर रही है। महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के माध्यम से इन महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है। राज्य सरकार की इस नवाचारी पहल से उद्यमियों को बड़ा सहारा मिला है। गावों के गौठानों में अब तक 300 रीपा का निर्माण हो चुका है, जहां लोगों को आजीविका की गतिविधियों के लिए पर्याप्त साधन और सुविधाएं मिली है। ग्रामीण उद्यमियों के…
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जशपुर जिले में रेशम विभाग के टसर धागाकरण योजना से समूह की 501 महिलाएं हो रही है लाभान्वित, उत्पादित धागे से 1 करोड़ 95 लाख 40 हजार का किया है लाभ अर्जित
अब तक 3355279 कि.ग्रा. रिलींग धागा, 2315.273 कि.ग्रा. घींचा धागा एवं वेस्ट सामग्री से 547.148 कि.ग्रा. धागा किया गया हैं उत्पादन समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर रेशम विभाग के टसर धागाकरण योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य, मजदूरी एवं वनोपज से आय का एक प्रमुख साधन है जो एक निश्चित अवधि के लिए होती है। पुरूष तो काम के तलाश में बाहार जा सकते हैं। किन्तु महिलाओं के लिए अपने गांव के आस-पास में रोजगार प्राप्त करने हेतु इधर-उधर भटकना पड़ता था ऐसे ही कुछ जरूरत मंद महिलाएं शासकीय कोसा बीज…
Read Moreस्थानीय स्तर पर महिलाओं को मिल रहा रोजगार का अवसर, करलखा और कोचवाही के गौठान में गौमूत्र से हो रही है, फसलों की संजीवनी ब्रम्हास्त्र तैयार
महिलाएं गौठानों में ब्रम्हास्त्र तैयार कर 64 हजार 950 रूपए की कर चुकी हैं आमदनी समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण कृषि, पशुपालन और उनके उत्पाद तथा अपशिष्ट पदार्थ का उपयोग स्थानीय स्तर पर कृषि एवं उस पर आधारित कार्यों में कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में ग्रामीण पशुपालकों से 2 रुपए प्रति…
Read Moreकोसा धागाकरण बना आजीविका का साधन, समूह के सदस्यों ने तीन महीनों में 82 हजार रूपये से अधिक का अर्जित किया मुनाफा
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, गरियाबंद राज्य शासन द्वारा संचालित हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ लेकर जिले के समूह के सदस्य अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। शासन द्वारा प्रदान किये जाने वाले अधोसंरचना और तकनीकी सहयोग के बदौलत ग्रामीण अधिक आय अर्जित करने के लिए आजीविका के अन्य साधनों पर भी जोर दे रहे हैं। इसी तारतम्य में समूह के सदस्यों ने कोसा धागाकरण को आजीविका का नया साधन बनाकर पिछले तीन महीनों में ही 82 हजार रूपये से अधिक का आय अर्जित कर चुके है। ग्राम किरवई के कोसा विकास स्वसहायता…
Read Moreरायपुर बनेगा पपीता उत्पादक जिला : आईआईएचआर ने तैयार की पपीता की उन्नत प्रजाति अर्का प्रभात
एक उत्पाद-एक जिला योजना में रायपुर शामिल किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान एवं बिना ब्याज के 3 लाख का ऋण समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर रायपुर जिले में बड़े पैमाने पर पपीते की खेती को लेकर उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण दिए जाने की सिलसिला शुरू कर दिया गया है। एक उत्पाद-एक जिला योजना के तहत रायपुर जिले का चयन पपीते की खेती के लिए हुआ है। किसानों को उन्नत और रोग-प्रतिरोधी क्षमता वाले पपीते के पौधे उपलब्ध हो सके, इसके लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हार्टिकल्चर बैंगलोर में…
Read Moreकिसान परिवारों को नाशपाती खेती से मिला रोजगार : जशपुर कलेक्टर एवं यूनिसेफ की टीम ने छिछली में नाशपाती पौधे का किया रोपण, किसानों से चर्चा कर अच्छी खेती करते हुए आर्थिक लाभ प्राप्त करने प्रोत्साहित किया
किसानों ने बताया इस वर्ष नाशपाती खेती से दो लाख से अधिक की आमदनी हुई समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने रायपुर से आए यूनिसेफ टीम के साथ भ्रमण के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली पहुंचे। जहां उन्होंने किसान रामजन मिंज के भूमि पर नाशपाती पौधे का पौधरोपण किया। इस दौरान जगसाय भगत, अमृत कुजुर, विनय प्रकाश मिंज और अन्य किसान भी मौजूद थे। उन्होंने नाशपाती, चाय खेती, आम, मिर्च, जैसे फसलों के संबंध में किसानों से चर्चा की और अच्छी खेती करते हुए आर्थिक लाभ…
Read Moreबस्तर से लेकर सरगुजा तक खुले स्थानीय रोजगार के नए आयाम, पुरानी परम्पराएं अब रोजगार से जुड़कर बन रही आय का जरिया
युवा ऊर्जा को सकारात्मक रूप देने राजीव युवा मितान क्लब का गठन नवाचार, स्व-रोजगार और उद्यमिता को मिल रहा प्रोत्साहन समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर रोजगार के नए और स्थानीय आयामों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ा रही है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक अब स्थानीय रोजगार के नए आयाम खुले हैं। पुरानी परम्पराएं अब रोजगार से जुड़कर आय का जरिया बन रही है। रोजगार का अनूठा मॉडल आज पूरे देश में चर्चा का विषय है, यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ पूरे देश में…
Read Moreकृषि आदान विक्रय केन्द्रों में निरीक्षण दल की छापेमारी, अनियमितता पर तीन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, बलौदाबाजार कृषकों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध हो सके इस उद्देश्य से कलेक्टर श्री चंदन कुमार के निर्देशानुसार शुक्रवार को अनुविभागीय कृषि अधिकारी, बलौदा बाजार श्री जय इंद्र कंवर के अगुवाई में जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा भाटापारा के कीटनाशक, उर्वरक एवं बीज विक्रय केंद्रों में छापेमारी की कार्यवाही की गई।इस दौरान विक्रय केन्द्रों के समस्त दस्तावेज स्कंध पंजी, बिल बुक, अनुज्ञप्ति पत्र प्रतिस्ठान में विक्रय हेतु उपलब्ध उत्पाद आदि का अवलोकन किया गया। तीन प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन…
Read Moreजशपुर जिले में टसर कीटपालन से बढ़ी आमदनी, पीपीसी केन्द्र कांसाबेल में 72 हेक्टयर वन भूमि पर रेशम विभाग ने किया है साजा, अर्जूना टसर खाद्य पौधरोपण, ग्राम के 45 हितग्राही कर रहे टसर कीट पालन
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर कांसाबेल : रेशम उत्पादन एक ग्रामीण कृषि आधारित उद्योग है जो कि विश्व स्तर पर अपनाया जा रहा है। इससे बहुत ही अधिक मांग में रहा प्राकृतिक रेशम जो कि वस्त्रों की रानी भी कहलाता है। यह ग्रामीण कृषकों के लिए उत्तम है और निर्धनों को पर्याप्त आय व रोजगार का अवसर प्रदान करता है। जिससे कम समय में अधिक रोजगार और आकर्षक आय प्राप्त होती है। पीपीसी केन्द्र कांसाबेल में 72 हेक्टयर वन भूमि में विभाग द्वारा साजा ,अर्जूना टसर खाद्य पौधरोपण कराया गया है…
Read More‘सारबिला सी-मार्ट’’ छत्तीसगढ़िया मॉल में है जिले के अधिकांश उत्पाद : बिहान और रीपा के स्वसहायता समूहों के उत्पाद को मिला विक्रय केन्द्र
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, सारंगढ़-बिलाईगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बिहान एवं रीपा की सहायता से गांव और शहर की घरेलू महिलाओं द्वारा स्वसहायता समूह, संगठन या लघु उद्योग के रूप में उत्पाद किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को विक्रय के लिए राज्य सरकार द्वारा जिलों में सी-मार्ट व्यावसायिक दुकान का संचालन कराया जा रहा है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले अंतर्गत सारबिला सी-मार्ट छत्तीसगढ़िया मॉल कलेक्टोरेट सारंगढ़ के सामने साप्ताहिक बाजार में संचालित हो रहा है। इसमें जिले के स्वसहायता समूहों द्वारा बनाए गए अधिकांश उत्पाद सहित अन्य आवश्यक उत्पादों…
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