Category: अन्य

अन्य

  • स्वास्थ्य सचिव ने किया डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर का औचक निरीक्षण

    स्वास्थ्य सचिव ने किया डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर का औचक निरीक्षण

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने बुधवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सालय की स्वास्थ्य सुविधाओं तथा चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण कार्यों का ज़ायज़ा लिया। निरीक्षण के पश्चात् आयोजित बैठक में उन्होंने विभाग के अधिकारियों से चिकित्सालय के सुचारू रूप से संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन, दवाइयां, बायोकेमिस्ट्री एवं पैथोलॉजी जांच, उपकरणों की आवश्यकता, फायर फाइटिंग, प्रस्तावित निर्माण कार्यों की प्रगति, चिकित्सा छात्रों के छात्रावास, डॉक्टर स्टाफ क्वाटर्स तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य सचिव ने सबसे पहले चिकित्सालय के ओपीडी पंजीयन काउंटर का निरीक्षण किया। उसके बाद आपात चिकित्सा विभाग पहुंचकर उपचार करा रहे मरीज के परिजनों से उनका कुशलक्षेम पूछा। उन्होंने आपात चिकित्सा के मेडिसिन विभाग में भर्ती मरीज के परिजन मनमोहन नागरिया से पूछा कि उन्हें दवा की कोई कमी तो नहीं है, जवाब में परिजन ने कहा कि अब तक उपचार के दौरान उन्हें दवा की कोई कमी नहीं हुई है। विभिन्न विभागों से होते हुए स्वास्थ्य सचिव ने एल. टू. ट्रामा केयर सेंटर के प्रस्तावित स्थल को देखा तथा पी. डब्ल्यू. डी. विभाग के अधिकारियों से उसके प्रस्तावित निर्माण योजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

    इसके बाद उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में स्थित पुराने ब्वाॅयज हाॅस्टल का निरीक्षण किया तथा ब्वाॅयज हाॅस्टल के स्थान पर प्रस्तावित मातृ-शिशु अस्पताल की कार्य योजना के संबंध में अधिष्ठाता डाॅ. तृप्ति नागरिया से चर्चा की। सचिव श्री प्रसन्ना आर. ने चिकित्सालय के केन्द्रीय औषधि भंडार में कार्यरत कर्मियों से सीजीएमएससी के माध्यम से होने वाले दवाओं के इंडेंट तथा उसके कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

    निरीक्षण के पश्चात् चिकित्सालय के टेलीमेडिसिन हाल में आयोजित मीटिंग में उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर कमेटी बनाकर सभी विभागों में आवश्यक उपकरणों के स्टैंडर्ड स्पेसिफिकेशन बनाकर शासन को प्रेषित करें। ताकि चिकित्सा उपकरणों के प्रोक्योरमेंट जल्द से जल्द हो सकें। 

    निरीक्षण के दौरान संचालक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. विष्णु दत्त, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री अभिजीत सिंह, चिकित्सा महाविद्यालय अधिष्ठाता डाॅ. तृप्ति नागरिया, अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डाॅ. एस. बी. एस. नेताम, डाॅ. एम. के. साहू, डाॅ. विनित जैन, डाॅ. अरविंद नेरल, डाॅ. विजय कापसे, डाॅ. शारजा फुलझेले, डाॅ. निधि पांडे समेत लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 

  • तंबाकू उत्पाद अधिनियम का पालन कर जिले को तंबाकू मुक्त बनाने का होगा प्रयास : समस्त विभाग कार्यालय परिसर में धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाएं और धाराओं के उल्लंघन पर करें कार्यवाही –कलेक्टर

    तंबाकू उत्पाद अधिनियम का पालन कर जिले को तंबाकू मुक्त बनाने का होगा प्रयास : समस्त विभाग कार्यालय परिसर में धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाएं और धाराओं के उल्लंघन पर करें कार्यवाही –कलेक्टर

    अंतर्विभागीय कार्यशाला में विभाग प्रमुखों को तंबाकू उत्पाद अधिनियम के बारे में दी गई जानकारी

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, बिलासपुर/मुंगेली

    तंबाकू उत्पाद अधिनियम का पालन करते हुए जिले को तंबाकू मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस क्रम में कलेक्ट्रेट में अंर्तविभागीय उन्मुखीकरण कार्यशाला सह अंर्तविभागीय बैठक का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं द यूनियन संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर राहुल देव ने की। इस दौरान राज्य विधिक सलाहकार ख्याति जैन ने राष्ट्रीय तंबाकू सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के समस्त धाराओं की जानकारी प्रदान की, साथ ही कलेक्टर ने समस्त विभागीय कार्यालय परिसर में धारा 4 के अंतर्गत धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाने और इन धाराओं के उल्लघंन होने पर कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।

    कार्यशाला के दौरान राज्य विधिक सलाहकार ख्याति जैन ने राष्ट्रीय तंबाकू सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के समस्त धाराओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समस्त सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड प्रदर्शित करने, समस्त शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान हेतु 100 गज के दायरे पर तंबाकू विक्रय के प्रतिबंधित होने, धारा 5 के अंतर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर प्रतिबंध, बिना वैधानिक चेतावनी के तंबाकू पदार्थों के विक्रय पर सख्ती से कार्यवाही करने के संबंध में भी बताया।

    इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मधुलिका सिंह ठाकुर ने बताया ” राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कई गतिविधियों की गई हैं। साथ ही प्रवर्तन दल, जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों हेतु क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप समस्त शासकीय कार्यालयों में धूम्रपान निषेध क्षेत्र के बोर्ड प्रदर्शित किए जा चुके हैं एवं नगर पालिका से सहयोग लेते हुए तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों को हटाने की कार्यवाही भी की जा रही है।“

    इस अवसर पर द यूनियन संस्था के संभागीय सलाहकार संजय नामदेव ने तंबाकू मुक्त/धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किए जाने हेतु रणनीति के संबंध में बताते हुए कहा- ” यदि कोटपा अधिनियम 2003 के समस्त धाराओं का अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है तो जिले को तंबाकू मुक्त जिला घोषित किया जा सकता है। वर्तमान में राज्य का जशपुर शहर एवं सरगुजा जिला धूम्रपान मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।“

    जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी ने बताया- ”जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए समस्त विभागों से समन्वय स्थापित कर इस पर तेजी से कार्य किया जाएगा। जिससे जिले को तंबाकू मुक्त बनाया जा सकेगा। “कार्यक्रम में समस्त विभाग के प्रमुख, स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला इकाई के सदस्य जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश खैरवार एवं द यूनियन संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    तंबाकू मुक्त जिले के लिए निर्देश– इस दौरान कलेक्टर राहुल देव ने समस्त विभागीय कार्यालय परिसर में धारा 4 के अंतर्गत धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाने, तंबाकू उत्पाद अधिनियम की धारा 4 और 6 के उल्लघंन होने पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है, साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को नगरी निकाय एवं पुलिस विभाग के सहयोग से शैक्षिक संस्थानों के 100 गज में स्थापित तंबाकू विक्रय केंद्रों को हटाने तथा कोटपा अधिनियम के अंतर्गत प्रावधानों को लागू कर तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाने को कहा है। इसके अलावा राज्य से प्राप्त निर्देश के अनुसार जिले से तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापनों को जल्द से जल्द हटाने, बिना चित्रात्मक चेतावनी के बेचे जा रहे तंबाकू उत्पादों पर कार्रवाई करने को कहा गया है, जिससे जिले को तंबाकू मुक्त बनाने का प्रयास सफल हो सके।

  • मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अन्तर्गत जशपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैंकू में किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

    मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अन्तर्गत जशपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैंकू में किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत् मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत् आज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैंकू में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं गंभीर कुपोषित बच्चों का जांच करके दवाई प्रदाय किया गया है।

    स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैंकू में 29 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 13 लोगों का दवाई वितरण किया गया है।

  • बिलासपुर के न्यूरो सर्जन डॉक्टर अशोक येंडे 18 सितंबर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में देगें अपनी सेवाएं

    बिलासपुर के न्यूरो सर्जन डॉक्टर अशोक येंडे 18 सितंबर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में देगें अपनी सेवाएं

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    बिलासपुर के न्यूरो सर्जन डॉक्टर अशोक येंडे 18 सितंबर 2022 रविवार को सुबह 10.00 बजे से कुनकुरी विकाखण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों का निःशुल्क जांच परीक्षण करें। न्यूरो से संबंधित मरीज ईलाज हेतु अपना पंजीयन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में करा सकते हैं।

  • राज्य का पहला सिविल अस्पताल जहाँ मिलेगी ब्लड बैंक की सुविधा

    राज्य का पहला सिविल अस्पताल जहाँ मिलेगी ब्लड बैंक की सुविधा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायगढ़

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक का आज शुभारंभ किया। सिविल अस्पताल खरसिया प्रदेश का पहला सिविल अस्पताल होगा जहां ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ब्लड की समस्या एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने में सहायता मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने यहां अत्याधुनिक हमर लैब का शुभारंभ भी किया। जहां सीबीसी, एचबी 1सी, इलेक्ट्रॉनिक ई एसआर, बायो कैमिस्ट्री, यूरिन एनालाइजर, ट्रू नॉट (टी.बी. जांच) जैसे सुविधाएं स्थानीय सिविल अस्पताल में लोगों को मिल पाएगी।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ब्लड बैंक के शुभारंभ के दौरान पोषण पुनर्वास केंद्र के बच्चों और उनके अभिभावकों से मिले। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के देखभाल के बारे में जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि यहां बच्चे की बेहतर देखभाल की जाती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को सुपोषण आहार भी प्रदान किया।

  • सरकार व लिड्स रेस परियोजना के सहयोग से सामूहिक स्तर पर ग्रामीणों की आय में हो रही वृद्धि

    सरकार व लिड्स रेस परियोजना के सहयोग से सामूहिक स्तर पर ग्रामीणों की आय में हो रही वृद्धि

    सोलर लिफ्ट एरिगेशन पम्प के माध्यम से आज लगभग 50 किसानों के कुल 200 एकड़ में खेती की जा रही है

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रांची

    आकांक्षी जिला योजना के अंतर्गत बिशुनपुर ब्लाक में रेस परियोजना के अंतर्गत ग्रामीणों को जिला योजना मद के बारे में बताकर, सोलर लिफ्ट एरिगेशन पम्प लगवाया गया है, जिसका उपयोग पूरे ग्रामीण कर रहे हैं.

    ब्लाक बिशुनपुर के अमतिपानी पंचायत के राजस्व ग्राम रोल में इस योजना को लगवाने से पहले पंचायत स्तर पर रेस परियोजना द्वारा एक बैठक किया गया, इस बैठक में इस योजना के अंतर्गत लगने वाले उपकरणों के बारे में बतलाया गया.

    रेस परियोजना के कार्यकर्ता शत्रुघन लकड़ा के द्वारा स्वछ ऊर्जा समिति के सदस्यों के द्वारा एक बैठक किया गया, उस बैठक में वहाँ के समिति के द्वारा यह बतलाया गया की यदि हमारे गाँव में एक सोलर वाटर पम्प लग जाये तो हम सब गाँव वाले बड़े पैमाने पर किसानी कर अपने आय की वृद्धि में श्रोत कर सकते हैं, साथ ही हम लोगों को ईंधन ज्यादा मात्रा में नहीं लगाना पड़ेगा, क्योंकि  ईंधन के 100/-रूपये लीटर हो जाने के कारण हम सब खेती नहीं कर पा रहे हैं।  इस बात को शत्रुघन लकड़ा द्वारा रेस ऑफिस बिशुनपुर में DPM योगेश राय व BPM बिपिन तिवारी के समक्ष रखा गया। इसके बाद जिला योजना गुमला में सम्पर्क किया गया और इस बात को रखा गया, फिर वहाँ से आकांक्षी जिला योजना के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया, कि इस योजना के अंतर्गत बिशुनपुर में भी कार्य किया जाना है, जहाँ पर यह कार्य किया जाना है, वहाँ पर एक ग्रामसभा कर प्रस्ताव पारित करा के स्थल का परीक्षण कर जिला में भेज देना है, जिससे आगे की कार्यवाही की जा सकें.

    जिला द्वारा मांगे गए सभी कार्य को पूर्ण कर उस ग्रामसभा में सोलर लिफ्ट एरिगेशन का कार्य पूर्ण किया गया, उस गाँव में आज लगभग 50 किसानों के कुल 200 एकड़ में खेती की जा रही है, वहाँ पर मूंगफली की खेती, आलू की खेती, सब्जी की खेती सालों भर खेती की जा रही है  और लोगों के आय में भी वृद्धि हो रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि किसी किसान का अब डीजल ईंधन में एक पैसा नहीं लगता है, सोलर पम्प से ही खेती की जा रही है.

    रेस परियोजना के सहयोग से किसानो के साथ से इस ग्रामसभा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि प्राप्त की गयी।  अब इस गाँव के सभी किसान सोलर के माध्यम से खेती कर रहे हैं और लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं.

  • लंबोदर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से मिलेगी  02 लाख की मदद, सैकड़ों लोगों की के पूरे हुए अरमान

    लंबोदर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से मिलेगी  02 लाख की मदद, सैकड़ों लोगों की के पूरे हुए अरमान

    शहीद दिनेश पटेल के नाम पर होगा खरसिया सिविल हॉस्पिटल

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर/रायगढ़

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत रायगढ़ जिले के नगर पालिका खरसिया के विश्राम गृह में विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिले के ग्राम सेमरा के सात वर्षीय लंबोदर के झटका बीमारी के इलाज के लिए 2 लाख रूपये की आर्थिक मदद की स्वीकृति दी तथा आगे के उपचार के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से इलाज करवाने के निर्देश दिए। आज लंबोदर के पिता श्री दुर्गेश अपनी पत्नी और पिता के साथ अपने सात वर्षीय बेटे लंबोदर के इलाज की आस लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने नन्हे लंबोदर की समुचित उपाय के लिए आर्थिक मदद स्वीकृत करते हुए हर संभव मदद के लिए आश्वस्त किया। इसी प्रकार श्री बैगन लाल राठौर की मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के उपचार के लिए के लिए 13 लाख रुपए की मंजूरी दी।

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न सामाजिक संगठनों की मांग पर खरसिया के सिविल हॉस्पिटल को शहीद दिनेश पटेल के नाम पर करने की सहमति प्रदान की। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री से मिलने वाले आज सैकड़ों लोगों ने के अरमान पूरे हुए। मुख्यमंत्री ने सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की योजना के अंतर्गत सामाजिक संगठनों को शासन के निर्धारित दर से 10 प्रतिशत मूल्य पर 7500 वर्गफुट भूमि आवंटित करने का प्रावधान है। उन्होंने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि समाज के नाम पर भूमि होने से उन्हें भवन बनाने के लिए विभिन्न मदों से राशि भी आवंटित की जा सकेगी।

    मुख्यमंत्री ने जैन समाज के प्रतिनिधियों की आगरा पर मंदिर निर्माण के लिए 10 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। इसी प्रकार ब्राह्मण समाज के भवन निर्माण के लिए 8लाख रूपये मुस्लिम समाज की एक कब्रिस्तान के में विकास कार्याे के लिए 13 लाख रुपए, सिख समाज के गुरुद्वारा में लंगर भवन के निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, साहू समाज के भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, खरसिया अधिवक्ता संघ में बार रूम फर्नीचर लाइब्रेरी आदि के लिए 10 लाख रुपए जैन समाज के भवन निर्माण के लिए 10 रुपए तत्काल स्वीकृति प्रदान की और सभी को समाज के विकास के लिए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। खरसिया के श्री ओम प्रभु साहू के राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 44 वें स्थान पर चयनित होने पर उसे पेन डायरी उपहार स्वरूप प्रदान कर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने ओम प्रभु साहू के शिक्षा व्यवस्था के लिए 5 लाख रूपये की मंजूरी भी दी। साथ ही उनके  उज्जवल भविष्य की कामना की।

  • सहकारी बैंक उद्यानिकी फसलों के लिए किसानों को ज्यादा से ज्यादा ऋण दें, वित्तीय सक्षमता के लिए जमा पूंजी का 40 से 60 प्रतिशत तक ऋण वितरण जरूरी

    सहकारी बैंक उद्यानिकी फसलों के लिए किसानों को ज्यादा से ज्यादा ऋण दें, वित्तीय सक्षमता के लिए जमा पूंजी का 40 से 60 प्रतिशत तक ऋण वितरण जरूरी

    मार्च 2023 तक सभी सहकारी बैंक शाखाओं में हो एटीएम की सुविधा

    दूरस्थ एवं वनांचल इलाकों में मोबाईल बैंकिंग शुरू करें

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    सहकारिता विभाग के विशेष सचिव हिम शिखर गुप्ता ने आज यहां अपेक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर राज्य में किसानों को बिना ब्याज के दिए जाने वाले अल्पकालीन कृषि ऋण सहित बैंकिंग गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। विशेष सचिव ने सहकारी बैंक के अधिकारियों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा अनुरूप धान के अतिरिक्त अन्य फसलों, उद्यानिकी की खेती करने वाले किसानों को ज्यादा से ज्यादा ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि राज्य में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने में मदद मिले। उन्होंने सहकारी बैंक के अधिकारियों को बैंकों की वित्तीय सक्षमता के लिए जमा पूंजी पर 40 से 60 प्रतिशत तक ऋण वितरण किए जाने के साथ ही अन्य सुरक्षित ऋणों के वितरण पर ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि बैंकों को लाभ हो। बैठक में प्रबंध संचालक, अपेक्स बैंक, समस्त संयुक्त पंजीयक, पंजीयक कार्यालय के अधिकारी, सहकारी बैंकों के मुख्यालय के उप पंजीयक एवं समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।

    विशेष सचिव श्री गुप्ता ने बैठक में अल्पकालीन कृषि ऋण देने के लिए अपेक्स बैंक के अधिकारियों को बैंकवार लक्ष्य निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में किसानों तक बैंकिंग सुविधा का लाभ सुगमता से पहुंचाने के लिए सहकारी बैंक की शाखा विस्तार की घोषणाएं की गयी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा संभाग के सहकारी बैंकों के साथ ही अन्य बैंक भी मार्च 2023 तक प्राथमिकता के आधार पर अपने मुख्यालय, जिला एवं नगर पंचायत में ए.टी.एम. स्थापित किए जाने की कार्यवाही पूरी करें। उन्होंने दूरस्थ इलाकों में साख व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने हेतु मोबाईल बैंकिंग सेवा भी शुरू करने के निर्देश दिए।

    बैठक में सभी सहकारी बैंकों को पुराने डेबिट कार्ड को बदलने तथा नवीन कार्ड दूरस्थ अंचल के किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विशेष सचिव ने कहा कि दूरस्थ अंचलों में माइक्रो एटीएम एक सुविधाजनक व्यवस्था है, जिसका प्रचार-प्रसार आवश्यक है। उन्होंने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि केवायसी के कारण बैंकों को पेनाल्टी लगने की दशा में संबंधित बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

    बैठक में आरआईडीएफ योजनान्तर्गत 725 नवीन समितियों में निर्मित होने वाले गोदान सह कार्यालय के निर्माण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके लिए समितियों को समय पर राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को गोदाम सह कार्यालय निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रस्तावित निर्माण स्थल तक आवागमन की सुविधा होनी चाही। गोदामों का निर्माण तेजी से पूर्ण कराने तथा अप्रैल 2023 तक सभी नवीन समितियों को नवीन गोदाम सह कार्यालय में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बैंकों में बायोमेट्रिक सिस्टम अनिवार्य रूप से शुरू कराए जाने के भी निर्देश दिए गए।

  • जशपुर विधायक ने नन्हे-मुन्हें बच्चों को विटामिन ए की सिरप पिलाकर जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह का किया शुभारंभ, जिले में कुल 73,680 बच्चों को विटामिन ए तथा आईएफए सिरप पिलाने का रखा गया है लक्ष्य

    जशपुर विधायक ने नन्हे-मुन्हें बच्चों को विटामिन ए की सिरप पिलाकर जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह का किया शुभारंभ, जिले में कुल 73,680 बच्चों को विटामिन ए तथा आईएफए सिरप पिलाने का रखा गया है लक्ष्य

    जिले में 13 सितम्बर से 14 अक्टूबर 2022 तक चलाया जाएगा अभियान

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    विधायक जशपुर विनय भगत नेआज जिला चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र में नन्हे-मुन्हें बच्चों को विटामिन ए एवं आयरन फोलिक एसिड की सिरप पिलाकर जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह विटामिन ए अनुपूरक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर सभी पात्र बच्चों को सिरप पिलाने की बात कही। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्री रंजीत टोप्पो, सिविल सर्जन डॉ श्री आर एन केरकेट्टा, डीपीएम सुश्री स्मृति एक्का, डीआईओ, सुरज चौरसिया अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारियों ने भी बच्चों को दवा पिलाई।

    विधायक श्री भगत ने कहा कि जिले में 13 सितम्बर 2022 से 14 अक्टूबर 2022 तक शिशु संरक्षण माह विटामिन ए अनुपूरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। श्री भगत ने समस्त शिशुवती माताओं को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी केन्द्रों में आयोजित टीकाकरण सत्र में पहुँच कर सत्र के दौरान दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का लाभ लेने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी माताएं अपने ग्रामों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित टीकाकरण सत्र में अपने 06 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयरन सिरप एवं 9 माह से 5 वर्ष के बच्चे को विटामिन ए का सिरप अनिवार्य रूप से पिलाए। इससे  कुपोषण स्तर व बाल मृत्यु दर में कमी आएगी।

    इस हेतु जिले में शिशु संरक्षण माह 13 सितम्बर से 14 अक्टूबर 2022 तक चलाया जा रहा है। इन सेवाओं में शिशुओं को विटामिन ‘ए‘ की खुराक, नियमित टीकाकरण, एनीमिया प्रकरणों में आवश्यक जांच व परीक्षण उपरान्त आयरन फोलिक एसिड की गोलियों की प्रदाय की जाती है। यह कार्यक्रम समस्त स्वास्थ्य केन्द्र एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को आयोजित की जायेगी। इस हेतु जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाने के लिए 2424 टीकासत्र बनाया गया है। जिसमें कुल 73,680 बच्चों को विटामिन ए तथा आईएफए सिरप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

           उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य केद्रों के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में टीकाकरण केन्द्र बनाये जाएंगे। शिशु संरक्षण माह  के अंतर्गत 6 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयरन फोलिक एसिड का सीरप एवं 09 माह आयु वर्ग से लेकर पांच आयु वर्ष के सभी पात्र बच्चों को विटामिन ‘‘ए‘‘ की खुराक दी जायेगी और टीकाकरण किया जायेगा। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया व अन्य स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आयरन फोलिक एसिड की दवाओं, आयरन की गोलियों का वितरण सहित उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जायेगी। उन्होंने बताया की इस दौरान केंद्रों में बाल कुपोषण नियंत्रण के लिए बच्चों का वजन करना, शिशुवती माताओं को बच्चों की आयु के अनुरूप पोषण आहार देने के सम्बंध में विस्तार से जानकारी दिया जाएगा। उन्हें अनुपूरक पोषण आहार, ऊपरी आहार के बारे में बताने के साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा, साफ-सफाई बरतने के सम्बंध में प्रोत्साहित भी किया जाएगा साथ ही अति गंभीर कुपोषित श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन कर पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कर उन्हें पोषण आहार की प्रदान किया जाएगा।

  • शिशु संरक्षण माह का हुआ शुभारंभ, माह भर होगी कुपोषित बच्चों की पहचान, बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए आयरन और विटामिन ए की खुराक है जरूरी

    शिशु संरक्षण माह का हुआ शुभारंभ, माह भर होगी कुपोषित बच्चों की पहचान, बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए आयरन और विटामिन ए की खुराक है जरूरी

    14 अक्टूबर तक प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को स्वास्थ्य संवर्द्धन संबंधी चलाया जाएगा विशेष अभियान

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, बिलासपुर

    बच्चों के संपूर्ण विकास के मद्देनजर “शिशु संरक्षण माह” का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। 14 अक्टूबर तक चलने वाले इस माह का शुभारंभ जिला अस्पताल में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ एवं पूर्व राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक सप्ताह में दो बार यानि प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को दी जाएगी, जिससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों का स्वास्थ्य संवर्द्धन किया जाएगा। साथ ही बच्चों को रतौंधी और एनीमिया से बचाव के लिए विटामिन-ए तथा आयरन फोलिक एसिड सिरप भी पिलाया जाएगा। बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए आयरन और विटामिन ए की खुराक जरूरी है, अभियान के अंतर्गत इसकी जानकारी जनमानस को देकर समुदाय में जागरूकता का प्रयास भी किया जाएगा।

    इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया- “रोग प्रतिरोधक क्षमता बीमारी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। पौष्टिक आहार के साथ ही बच्चों को विटामिन एवं आयरन देना बहुत जरूरी है, जिससे उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके। विटामिन ए की खुराक से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही कुपोषण में कमी भी आती है। यह खुराक नौ माह से 5 साल तक के बच्चों को 6 माह में एक बार दी जाती है। इसकी कमी से बच्चों की आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है। जिले में 13 सितंबर से 14 अक्टूबर तक शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया गया है। जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य संवर्द्धन संबंधी विशेष अभियान विकासखंड स्तर पर चलाया जाएगा। एएनएम और मितानिन भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करेंगी। सत्र स्थल पर किसी बच्चे का वजन मानक वजन से कम होने की स्थिति में उसको तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र भेजकर सुपोषित करने का कार्य किया जाएगा।“

    सीएमएचओ ने बच्चों के अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वह 14 अक्टूबर तक चलने वाले शिशु संरक्षण माह के दौरान 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को सत्र स्थल पर लेकर अवश्य पहुंचे। इस अवसर पर डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया- “आयरन और विटामिन ए की खुराक से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार आता है। यह खुराक नहीं पीने वाले बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए आयरन और विटामिन ए की खुराक जरूरी है। इसलिए इस आयुवर्ग के सभी बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक अवश्य पिलाया जाना चाहिए।“ इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, आरएमओ डॉ. दुधेश्वर, जिला अस्पताल के समस्त स्टाफ एवं क्षेत्र मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

    कोविड नियमों का होगा पालन – प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य (आरएमएनसीएचए) के जिला सलाहकार हमीत कश्यप ने बताया- “शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए ही दी जाएगी। इस दौरान स्वच्छता एवं शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा जाएगा। 13 सितंबर, 16 सितंबर, 20 सितंबर, 23 सितंबर, 27 सितंबर, 30 सितंबर, 04 अक्टूबर, 07 अक्टूबर, 11 अक्टूबर, 14 अक्टूबर को सत्र आयोजित होगा। अभिभावकों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी जाएगी, जिससे वह बच्चों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र लाकर इन दवाइयों की खुराक बच्चों को दिलवा सकें।