कैमोमाइल इत्र, पेय और बेकरी उत्पादों में स्वाद बढ़ाने किया जाता ह उपयोग जिले के छोटो किसान भी इससे लाभांवित होगें और किसानों की आमदनी बढ़ेगी समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर जशपुर जिले में चाय, काफी, स्ट्राबेरी, काजू, नाशपाती आदि की सफल खेती के बाद वन विभाग के अंतर्गत् वनमण्डलाधिकारी जितेन्द्र उपाध्याय के मार्गदर्शन एवं उप वनमण्डलाअधिकारीएस.के.गुप्ता के दिशा-निर्देश में कैमोमाइल के खेती का सफल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बाताया कि जर्मनी कैमोमाइल बहुत ही लोकप्रिय एवं व्यवसायिक रूप से महत्वपूर्ण गुणवत्ता वाला तेलीय पौधा है। इसका उपयोग हर्बल…
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छत्तीसगढ़ में तीन साल में 10 गुना बढ़ गया मक्के का रकबा, कोण्डागांव में मक्का प्रसंस्करण केन्द्र शुरू होने से किसानों का रूझान बढ़ा
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में बीते तीन-चार सालों में मक्के की खेती को लेकर किसानों का रूझान काफी तेजी से बढ़ा है। इस दरम्यिान मक्के का रकबा 13 हजार हेक्टेयर से बढ़कर एक लाख 46 हजार हेक्टेयर हो गया है, जो कि 10 गुना से भी अधिक है। राज्य में समर्थन मूल्य पर 1870 रूपए प्रति क्विंटल की दर से मक्के की खरीदी और कोण्डागांव में प्रसंस्करण केन्द्र शुरू होने से किसानों को बेहतर दाम मिलने लगा है, जिसके चलते मक्के के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई…
Read Moreकृषि पंप ऊर्जीकरण योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में तीन वर्षों में 95 हजार 643 सिंचाई पम्पों को दिए गए बिजली कनेक्शन
60 हजार 197 सिंचाई पंपों को स्थाई तथा 35 हजार 446 पंपों को दिए गए अस्थाई बिजली कनेक्शन समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार प्रदेश में किसानों के सिंचाई पम्पों को बिजली कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षो में 95 हजार 643 सिंचाई पम्पों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें से 60 हजार 197 स्थाई कनेक्शन तथा 35 हजार 446 अस्थाई बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा कृषि पंप ऊर्जीकरण योजना के अंतर्गत विद्युत लाईन के विस्तार…
Read More16 लाख 35 हजार 720 हेक्टेयर में हो चुकी रबी फसलों की बोनी : इस साल 18 लाख 50 हजार हेक्टेयर रकबे में रबी फसल की बोनी का लक्ष्य निर्धारित
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न प्रकार की रबी फसलों की 16 लाख 35 हजार 720 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है, जो कि इस साल रबी सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य का 88 प्रतिशत है। इस साल 18 लाख 50 हजार हेक्टेयर रकबे में रबी फसल की बोनी का लक्ष्य निर्धारित है। रबी सीजन के अंतर्गत 21 फरवरी तक अनाज की बोनी 4 लाख 40 हजार 470 हेक्टेयर में, दलहन की बोनी 7 लाख 88 हजार 390 हेक्टेयर में तथा तिलहन की बोनी 2 लाख 14 हजार…
Read Moreबगीचा की जय भवानी समूह की महिलाएं एक सीजन में आलू की खेती से कमाए 1 लाख 40 हजार, बगीचा का पाठ क्षेत्र में आलू की खेती के लिए मिट्टी एवं जलवायु है उपयुक्त
महिलाएं अनेक आजीविका के गतिविधियों में शामिल होकर माह में 30 हजार तक आर्थिक लाभ भी अर्जित कर रही समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर बगीचा विकासखंड के सुलेसा गोठान की जय भवानी स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं आलू की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रही है। बगीचा विकासखंड में कुल 1347 समूह संचालित है इनमें से जय भवानी समूह द्वारा गौठान में साग-सब्जी की खेती के साथ आलू की खेती कर रही है। पाठ क्षेत्रों में आलू की खेती के लिए यहां की मिट्टी एवं जलवायु बहुत उपयुक्त है। इन क्षेत्रों…
Read Moreसल्हाईटोला गौठान में स्व-सहायता समूह विकसित कर रहा ड्रैगन फ्रूट का बगीचा : रोपे एक हजार पौधे, सल्हाईटोला गौठान ले रहा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का आकार
वर्मी कम्पोस्ट बेचकर दो समूहों ने कमाए 73 हजार रुपए मछली पालन से 40 हजार रुपए, मुर्गी पालन से हर 45 दिनों में 30-40 हजार रुपए की आमदनी समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत् निर्मित गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। गांवों के मवेशियों के डे-केयर सेंटर के रूप में गांव-गांव में बनाए गए गौठनों में विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों का संचालन कर गौठान को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप…
Read Moreछत्तीसगढ़ में चने की खेती का बढ़ता क्रेज, एक साल में चने के रकबे में 52 हजार हेक्टेयर की रिकार्ड वृद्धि
यह बढ़ोत्तरी बीते सालों की औसत वृद्धि से 5 गुना से भी ज्यादा छत्तीसगढ़ में इस साल 4.15 लाख हेक्टेयर में हो रही चने की खेती समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में चने की खेती को लेकर किसानों में क्रेज बढ़ा है। रबी सीजन 2021-22 में चने के रकबे में 52 हजार हेक्टेयर (लगभग एक लाख 30 हजार एकड़) से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। एक साल में चने का रकबा 3 लाख 63 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 4 लाख 15 हजार हेक्टेयर हो गया है। चने की खेती…
Read Moreनरवा विकास कार्यक्रम : कैम्पा मद में वर्ष 2019-20 के समस्त कार्य पूर्णता की ओर, लगभग 160 करोड़ रूपए की लागत से 12 लाख से अधिक भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का हो रहा निर्माण
वनांचल के 863 छोटे बड़े नालों में लगभग 05 लाख हेक्टेयर भूमि होगी उपचारित: वन मंत्री श्री अकबर समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत चलाए जा रहे महत्वपूर्ण ‘‘नरवा विकास कार्यक्रम’’ के अंतर्गत कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2019-20 में 160 करोड़ रूपए से अधिक की राशि की स्वीकृति दी गई है। इसमें 01 हजार 829 किलोमीटर लंबाई वाले 863 छोटे बड़े नालों के 4.84 लाख हेक्टेयर जल ग्रहण क्षेत्र में 12 लाख 24 हजार भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।…
Read Moreगोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना और सुराजी गांव योजना से किसानों के जीवन में आया बड़ा बदलाव: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक ग्रामीणों, महिला समूहों और गौठान समितियों को जारी की 10.24 करोड़ रूपए की राशि गोबर विक्रेताओं को अब तक 127.79 करोड़ रूपए का भुगतान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में रायपुर और दुर्ग के 10 गौठानों में जैविक गुलाल और पूजन सामग्री के उत्पादन के लिए किए गए एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक पदार्थों से निर्मित उत्पादों के लिए एकीकृत ‘अर्थ ब्रांड‘ किया लांच गौठानों में 152 तेल मिलों और 173 दाल मिलों की होगी स्थापना समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…
Read Moreकर्रानाला में स्टापडेम बनने से 20 किसानों को मिली सिंचाई की सुविधा, सब्जी की खेती कर आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में जुटे किसान, 125 एकड़ में सिंचाई के लिए मिलने लगा पानी
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल सुराजी गांव योजना के नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम से स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के साथ ही उनका सदुपयोग सुनिश्चित हुआ है। इससे ग्रामीण जनजीवन एवं अर्थव्यवस्था में बदलाव का एक नया दौर शुरू हुआ है। नरवा विकास कार्यक्रम के चलते प्राकृतिक नालों का आवश्यतानुसार उपचार कर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं सिंचाई के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है। राज्य में बीते तीन सालों में 2477 प्राकृतिक नालों (नरवा) को उपयोगी बनाने के उद्देश्य से 614 करोड़…
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