समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर कलेक्टर कार्यालय के खाद्य शाखा में तृतीय श्रेणी सहायक ग्रेड-03, चतुर्थ श्रेणी चौकीदार एवं भृत्य के रिक्त पदों की पूर्ति सीधी भर्ती द्वारा किए जाने हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित योग्यताधारी अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन पत्र 27 जुलाई 2023 तक जिले के बेवसाईट ीजजचेरूध्ध्रेंचनतण्दपबण्पद में मेनू नोटिस के सबमेनू भर्ती जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस हेतु लिंक 27 जुलाई तक उपलब्ध रहेगा। उक्त संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिले के वेबसाईट या कलेक्टर कार्यालय के खाद्य शाखा में संपर्क कर सकते हैं।
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72 किसान परिवारों को चाय की खेती से मिला रोजगार : चाय विशेषज्ञ किसानों को दे रहे हैं तकनीकी मार्गदर्शन.
किसानों की लगभग 95 एकड़ निजी भूमि में लगाये जा रहे हैं 3 लाख 58 हजार 500 चाय के पौधे समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर रायपुर : प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जशपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की जलवायु, मिट्टी चाय और काफी की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है। जिला प्रशासन, स्थानीय किसानों को चाय-काफी के साथ ही साथ फल-फूल, मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। अब जिले के किसान धान की खेती के अतिरिक्त मसालों और मौसम के अनुकूल फसल लेने लगे…
Read Moreबस्तर से लेकर सरगुजा तक खुले स्थानीय रोजगार के नए आयाम, पुरानी परम्पराएं अब रोजगार से जुड़कर बन रही आय का जरिया
युवा ऊर्जा को सकारात्मक रूप देने राजीव युवा मितान क्लब का गठन नवाचार, स्व-रोजगार और उद्यमिता को मिल रहा प्रोत्साहन समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर रोजगार के नए और स्थानीय आयामों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ा रही है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक अब स्थानीय रोजगार के नए आयाम खुले हैं। पुरानी परम्पराएं अब रोजगार से जुड़कर आय का जरिया बन रही है। रोजगार का अनूठा मॉडल आज पूरे देश में चर्चा का विषय है, यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ पूरे देश में…
Read Moreसफलता की नई कहानियां लिख रही है महिलाएं : जशपुर सी-मार्ट में 2 करोड़ 40 लाख रूपए से अधिक की हुई बिक्री, सामग्रियों की पैकेजिंग करने के लिए फूड लैब की है सुविधा,
महिलाओं द्वारा तैयार सामग्रियों को सी-मार्ट के साथ-साथ स्कूल के आश्रम छात्रावास, स्थानीय हाट बाजार, जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में विक्रय किया जाता है समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांव को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महात्मा गांधी औद्योगिक पार्क (रीपा) की शुरूआत की है। स्व-सहायता समूह की माहिलाएं आज विभिन्न आजिविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर सफलता की नई कहानियां लिख रही है और अपने सपने को साकार करने छत्तीसगढ़ शासन ने महिलाओं की सामग्रियों को विक्रय कराने के लिए सी-मार्ट…
Read Moreजशपुर जिले में मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना अंतर्गत 28 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जशपुर द्वारा जिले के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु ऋण लेकर स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने वाले इच्छुक आवेदकों से 28 जुलाई 2023 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। उक्त योजनान्तर्गत आवेदन समस्त दस्तावेजों के साथ दो प्रतियों में जमा करना होगा। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत अधिकतम स्वीकार्य लागत निर्माण एवं उद्योग इकाईयों हेतु 25 लाख, सेवा इकाईयों हेतु 10 लाख एवं व्यवसाय हेतु 2 लाख रुपए…
Read Moreधागाकरण कार्य से सुनिता की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत, कुन्जारा में 50-60 महिलाएं समूह में सक्रिय होकर कर रही धागाकरण कार्य
कोसाफल का उपयोग कर 25.50 किलोग्राम धागा उत्पादन किया है धागाकरण से लगभग राशि 1 लाख 7 हजार रूपये प्राप्त हुई है समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर जशपुर जिला टसर कोसा उत्पादन कार्य में अग्रणी जिला के नाम पर उभर कर आया है यहॉ प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ पालित प्रजाति का कोसा उत्पादन जिले के विभिन क्षेत्रों के हितग्राही के द्वारा उत्पादन किया जाता है तथा ककून बैंक के माध्यम से उक्त कोसा को क्रय किया जाता है। विगत 05 वर्ष पहले जशपुर के अन्तर्गत ग्राम कुन्जारा तहसील कुनकुरी में महिलाओं…
Read Moreजशपुर जिले में टसर कीटपालन से बढ़ी आमदनी, पीपीसी केन्द्र कांसाबेल में 72 हेक्टयर वन भूमि पर रेशम विभाग ने किया है साजा, अर्जूना टसर खाद्य पौधरोपण, ग्राम के 45 हितग्राही कर रहे टसर कीट पालन
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर कांसाबेल : रेशम उत्पादन एक ग्रामीण कृषि आधारित उद्योग है जो कि विश्व स्तर पर अपनाया जा रहा है। इससे बहुत ही अधिक मांग में रहा प्राकृतिक रेशम जो कि वस्त्रों की रानी भी कहलाता है। यह ग्रामीण कृषकों के लिए उत्तम है और निर्धनों को पर्याप्त आय व रोजगार का अवसर प्रदान करता है। जिससे कम समय में अधिक रोजगार और आकर्षक आय प्राप्त होती है। पीपीसी केन्द्र कांसाबेल में 72 हेक्टयर वन भूमि में विभाग द्वारा साजा ,अर्जूना टसर खाद्य पौधरोपण कराया गया है…
Read Moreएनटीपीसी से प्रभावित भू विस्थापितों के आंदोलन को माकपा ने दिया समर्थन, कहा – रोजगार के मुद्दे पर लड़ाई एक राजनैतिक संघर्ष !
सरकार की कॉरपोरेटपरस्त नीतियां गरीबों की आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों को उनसे छीन रही है समदर्शी न्यूज ब्यूरो, कोरबा कोरबा : एनटीपीसी से प्रभावित भू विस्थापितों का अनिश्चितकालीन आंदोलन कोरबा के तानसेन चौक में 22 अप्रैल से चल रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, सीटू तथा छत्तीसगढ़ किसान सभा ने इस आन्दोलन का समर्थन किया है। बालको सीटू, परिवहन कर्मचारी संघ और किसान सभा के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। धरना को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा गरीब किसानों से देशहित में उद्योग…
Read More‘सारबिला सी-मार्ट’’ छत्तीसगढ़िया मॉल में है जिले के अधिकांश उत्पाद : बिहान और रीपा के स्वसहायता समूहों के उत्पाद को मिला विक्रय केन्द्र
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, सारंगढ़-बिलाईगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बिहान एवं रीपा की सहायता से गांव और शहर की घरेलू महिलाओं द्वारा स्वसहायता समूह, संगठन या लघु उद्योग के रूप में उत्पाद किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को विक्रय के लिए राज्य सरकार द्वारा जिलों में सी-मार्ट व्यावसायिक दुकान का संचालन कराया जा रहा है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले अंतर्गत सारबिला सी-मार्ट छत्तीसगढ़िया मॉल कलेक्टोरेट सारंगढ़ के सामने साप्ताहिक बाजार में संचालित हो रहा है। इसमें जिले के स्वसहायता समूहों द्वारा बनाए गए अधिकांश उत्पाद सहित अन्य आवश्यक उत्पादों…
Read Moreजशपुर जिला अन्तर्गत ग्राम कोरना के गंगा मैया स्व सहायता समूह की 14 महिलाएं मुर्गी पालन से बनी आत्मनिर्भर : पशुधन विभाग द्वारा समूह की महिलाओं को विभाग की योजनाओं से किया गया लाभान्वित
मुर्गी विक्रय से अब तक 1 लाख 36 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौठानों को स्वावलंबी बनाने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है और स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। गौठानों में मुर्गी पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, बांस की टोकरी निर्माण, बटेर पालन, बाड़ी विकास, साग सब्जी का उत्पादन, राईस मिल संचालन सहित अन्य गतिविधियों में शामिल करके समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसी…
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