Category: राजनीति

  • भुपेश जी याद रखें अमेठी में जिस कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आप हम से टकराए थे उसकी जमानत जप्त हो गई थी- स्मृति ईरानी

    आपकी प्रदेश की सरकार ने 16 लाख आवास नहीं 16 लाख महिलाओं का सम्मान वापस किया है

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भाजपा महिला मोर्चा के सम्मेलन में भूपेश बघेल को ललकारते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि भुपेश जी याद रखें अमेठी में जिस कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आप हम से टकराए थे उसकी जमानत जप्त हो गई थी और हम तो भारतीय जनता पार्टी के वो अदने से कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने आप के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट तक जब्त कर दी थी। उन्होंने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपकी प्रदेश की सरकार ने 16 लाख आवास नहीं 16 लाख महिलाओं का सम्मान वापस किया है।

    भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में महिला मोर्चा की बहनों को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा सबसे पहले आप बहनों की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष शक्ति को प्रणाम  करती हूं। भाजपा में महिला मोर्चा एक सशक्त दंड है, जो आज देश की ढाल बनकर खड़ी है। परंतु मैं भारतीय जनता पार्टी में कार्य करने वाले लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं के पीछे शक्ति बनकर खड़ी उनके घर की महिलाओं को भी प्रणाम करती हूं जिन की हिम्मत से ही आज वे निस्वार्थ भाव से भाजपा के लिए कार्य कर रहे और राष्ट्र निर्माण कर रहे हैं।

    भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा से कहा कि याद रखें राजनीति एक कठिन डगर है परंतु सिद्धि हमेशा संकल्प से ही मिलती है। आप हमेशा याद रखें कि बड़ों का सम्मान करते हुए छोटो के सामने झुकने में ना हिचकिचाए यह आपकी संकल्प में सहायक होता है। याद रखें आज की महिलाओं को किसी सहारे की जरूरत नहीं बल्कि अब समय हो गया है कि आप सब का सहारा बने। उन्होंने कहा की ये डिजिटल युग है और माननीय नरेंद्र मोदी जी ने दीक्षा एप के जरिए आपको रास्ता दिखाया है कि आप डिजिटल साक्षर हो।  इस ऐप के माध्यम से देश में दो करोड़ 60 महिलाएं डिजिटली साक्षर हो गई है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जानते हैं कि हिंदुस्तानी महिला को सिर्फ रास्ता दिखा दो समाधान वे स्वयं  ढूंढ लेती है

    महिलाओं मोर्चा की बहनों  का आवाहन करते हुए उन्होंने कहा कि आप देख रहे हैं कि हमारा प्रधान सेवक बिना थके लगातार काम कर रहे हैं तो फिर हम कैसे थक सकते हैं। महिला मोर्चा के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, रायपुर सांसद सुनील सोनी, भूपेंद्र सवन्नी , महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत, प्रदेश प्रभारी लता उसेंडी, उषा टावरी, विभा अवस्थी, किरण बघेल, मिली बनर्जी उपस्थित थी.

  • केंद्र की मोदी सरकार के 8 साल पूरा होने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय ने ली जशपुर जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता : सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को बताया केंद्र की भाजपा सरकार का मूलमंत्र

    केंद्र की मोदी सरकार के आठ वर्ष की स्वर्णिम यात्रा को सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के वर्ष बताकर युगपरिवर्तनकारी इस यात्रा के निरंतर जारी रहने का दिया सन्देश

    कॉंग्रेस की सरकार पर जशपुर जिला को अपनी प्राथमिकता में न रखने का लगाया आरोप

    जिले के आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता पर जताई आपत्ति

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    जिला भाजपा कार्यालय जशपुर में केंद्र की मोदी सरकार के 8 साल पूरा होने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में बिलासपुर संभाग के संगठन प्रभारी कृष्ण कुमार राय, जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत एवं जिला भाजपाध्यक्ष रोहित साय की उपस्थिति में एक प्रेस वार्ता अयोजित की गई। प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपाध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने शानदार, ऐतिहासिक 8 वर्ष पूरे किये हैं। इस  कहा जा सकता है। मोदी जी के नेतृत्व में युगपरिवर्तनकारी यह यात्रा अहर्निश जारी है।

    अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर आज छत्तीसगढ़ बने लगभग 22 वर्षों में यही देखा गया है कि राज्य की कॉंग्रेस की सरकार ने जशपुर जिला को अपनी प्राथमिकता में कभी नहीं रखा। कॉंग्रेस को जशपूर के लोगों से केवल वोट चाहिए, लेकिन जशपुरवासियों के दुःख तकलीफ को समझने, क्षेत्र का विकास करने में उनकी कोई रुचि नहीं है, तभी तो जिले के तीनों विधायक कॉंग्रेस के होने के बावजूद विकास के काम को प्रशासनिक प्रक्रिया का बहाना बनाकर अटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

    कॉंग्रेस की सरकार की इस जशपुर विरोधी मानसिकता के साथ अविभाजित मध्यप्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता संघर्ष करते रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, बिलासपुर सम्भाग संगठन प्रभारी कृष्ण कुमार राय, सांसद श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रायमुनी भगत, जिला भाजपा अध्यक्ष रोहित साय सहित सभी कार्यकर्ताओं ने पिछले साढ़े तीन सालों से लगातार भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कॉंग्रेस की सरकार की जशपुर विरोधी मानसिकता के साथ संघर्ष किया है और यह अनवरत जारी है। इस अनवरत संघर्ष के कारण ही जशपुर से सन्ना मार्ग में हर्रापाठ से सोनक्यारी सरडीह तक के सड़क मार्ग निर्माण की टेंडर प्रक्रिया प्रारम्भ हो सकी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जशपुर से सन्ना सड़क मार्ग स्वीकृत हुआ था, निर्माण कार्य प्रारंभ भी हो गया था, लेकिन प्रदेश में सरकार बदल जाने से जशपुर फिर से उपेक्षा का शिकार हो गया और टेंडर प्रक्रिया के लिए ही सरकार ने अपने लगभग साढ़े तीन साल लगा दिए। अब अगर इस सड़क के निर्माण कार्य में और देरी करने के लिए प्रशासनिक बहानेबाजी की जाएगी, तो भाजपा के कार्यकर्ता आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

    जिला भाजपा कार्यालय जशपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय और बिलासपुर सम्भाग के संगठन प्रभारी कृष्ण कुमार राय ने उक्त जानकारी देते हुए यह भी कहा कि जशपुर विरोधी सरकार की मानसिकता का एक और उदाहरण जिले के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का भी है। जिला मुख्यालय जशपुर को छोड़कर शेष 7 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पिछला शिक्षा सत्र बिना शिक्षकों के ही बीत गया। सरकार केवल अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के नाम पर वाहवाही लेना चाहती है, स्कूलों के गुणवत्ताहीन जीर्णोद्धार कार्य और सामग्री आपूर्ति में उनकी रुचि है। प्राथमिकता में बच्चों की पढ़ाई के लिए योग्य शिक्षक की उपलब्धता नहीं है, बल्कि प्राथमिकता में हैं चहेते ठेकेदार, चहेते आपूर्तिकर्ता और चहेते शिक्षक। चहेते शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए ही जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, अंकसूचियों के न्यूनतम आर्हता अंक के बजाय साक्षात्कार में 10 अंक में से 5 अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया है। किसी भी सरकारी पदों में नियुक्ति के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की जाती है, परन्तु जशपुर जिले के आत्मानन्द इंग्लिश माध्यम स्कूलों में भर्ती के लिए साक्षात्कार में न्यूनतम 50% अंक निर्धारित किया गया है, क्योंकि साक्षात्कार के अंकों को लेकर किसी तरह से दावा नहीं किया जा सकता है। इस नियम की आड़ लेकर योग्य और मेरिट वाले अभ्यर्थियों के बजाय चहेतों की प्रावीण्य सूची जारी की गई।

    भ्यर्थियों ने प्रक्रिया में कई दोषों की जानकारी दी है, जो इस प्रकार है-

    1. चयन के लिए न्यूनतम साक्षात्कार अंक आवश्यक है, न कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता। इस नियम के द्वारा कई उच्च शैक्षणिक अहर्ता वाले अभ्यर्थी को अपात्र घोषित कर दिया गया।

    2. अंग्रेजी माध्यम के लिए शिक्षक की नियुक्ति के लिए हुए साक्षात्कार में अधिकांश सवाल हिंदी में पूछे गए। विषय से सम्बंधित सवालों को हिंदी में पूछने से उन्हें जवाब देने में परेशानी हुई। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि हिंदी माध्यम से पढ़े विषय विशेषज्ञों ने अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक के चयन प्रक्रिया में भाग लिया।

    3. इस नियुक्ति के लिए चयन सूची सार्वजनिक नहीं की गयी। जिले के एन आई सी की वेबसाइट में अपलोड भी नहीं किया गया। हद तो यह है कि  जिला शिक्षा अधिकारी के चहेते  कार्यालय के कर्मचारियों  ने अभ्यथियों को फोन करके अपने कार्यालय बुलाया और कार्यालयीन समय के बाद नियुक्ति आदेश देकर आधे घण्टे के अंदर कार्यभार ग्रहण करवाया। यह घटना नियुक्ति प्रक्रिया के दोषपूर्ण होने के दावे को और पुष्ट करती है। सामान्यतः नियुक्ति प्रक्रिया में  प्रावीण्य सूची जारी होने के बाद दावा आपत्ति का अवसर प्रदान किया जाता है। दावा आपत्ति के निराकरण के पश्चात चयन सूची जारी कर नियुक्ति आदेश पृथक से प्रसारित किया जाता है।

    4. जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में लिपिक के बजाय डाटा एंट्री ऑपरेटर को आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया का शाखा प्रभारी बनाया गया है, जो समझ के परे है। उल्लेखनीय है कि यही डाटा एंट्री ऑपरेटर पिछले साल की अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की दोषपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का भी प्रभारी था।

    5. 2 जून 2022 को जशपुर के स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के अनुसार आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पिछले साल की भर्ती को लेकर माननीय उच्च न्यायालय ने रोक लगाई थी,  याचिका के निराकरण के पहले ही जिला के शिक्षा विभाग ने उन्हीं स्कूलों में नियुक्ति प्रक्रिया नए सिरे से की, जिस पर माननीय न्यायालय के द्वारा जारी नोटिस को पहले तो जिला शिक्षा अधिकारी ने फेक दिया, फिर बाद में दबाव पड़ने पर लिया। यह घटना भी पूरी भर्ती प्रक्रिया के दोषपूर्ण होने को पुष्ट करती है।

    6.आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में लगभग 250 विभिन्न पदों के लिये आवेदन मंगाए गए थे, जिसमें करोड़ो के लेनदेन की खबर है।

    7. शिक्षक संगठन से जुड़े लोगों ने भी हमें अवगत कराया है कि आत्मानंद स्कूलों में नियमित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति में भी चहेतों को प्राथमिकता दी गयी न कि योग्यता को।

    उपर्युक्त परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग करती है कि जिले के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बन्द करें। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों  का कानून के जानकारों से अध्ययन करा लेवें, यदि माननीय उच्च न्यायालय ने बगीचा को छोड़कर शेष विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है, तो इस दोषपूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करें और इस दोषपूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया में जिला शिक्षा अधिकारी और शाखा प्रभारी को निलंबित कर न्यायिक जांच संस्थित करें। एक पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया के साथ शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति पूरी की जाए, जिससे की बच्चों की पढ़ाई शुरु हो सके। यदि माननीय उच्च न्यायालय ने नियुक्ति प्रक्रिया ने रोक लगाई थी, तो सरकार का धन, समय व्यर्थ करने और रोजगार की आशा लिए अभ्यर्थियों के साथ खिलवाड़ करने वाले के विरुद्ध कठोर न्यायिक कार्यवाही की जाए, साथ ही प्रदेश सरकार न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत कर प्रकरण को शीघ्र निराकृत करने के लिए पहल करे। इसके साथ ही जिले के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में  प्रतिनियुक्ति पर गए शिक्षकों के चयन को निरस्त करने और एक पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर चयन की भी भारतीय जनता पार्टी मांग करती है।

    प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से प्रदेश भाजपाध्यक्ष विष्णु देव साय, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनी भगत, पूर्व विधायक राजशरण भगत,  जिला भाजपाध्यक्ष रोहित साय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश नंदे, जिला महामंत्री ओमप्रकाश सिन्हा, जिला उपाध्यक्ष भरत सिंह एवं रूपेश सोनी,  जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, नगरपालिका उपाध्यक्ष राजू गुप्ता, जिला मंत्री देवधन नायक, मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान,  नितिन राय, दीपक अंधारे, शरद चौरसिया, गोविंद राम भगत, डीडीसी लालदेव भगत, डीडीसी शांति भगत, मैनेजर राम, दीपक चौहान, राजकपूर भगत, सज्जू खान, अरविंद भगत, कृपा शंकर भगत, दीपक गुप्ता, गंगा भगत, अभिषेक मिश्रा, गणेश गुप्ता, पिंकी लकड़ा,  गणेश साहू, श्यामलाल भगत, रविन्द्र पाठक, सतीष मिंज, विकास प्रधान, अनुज भगत, सतीश वर्मा एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • कुल जीएसटी संग्रहण में 26.6 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले आयातित सामानों पर टैक्स का होना, मोदी सरकार के मेक इन इंडिया के जुमले की नाकामी का प्रमाण है !- सुरेंद्र वर्मा

    कुल जीएसटी संग्रहण में 26.6 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले आयातित सामानों पर टैक्स का होना, मोदी सरकार के मेक इन इंडिया के जुमले की नाकामी का प्रमाण है !- सुरेंद्र वर्मा

    महंगाई दर ऐतिहासिक रूप से शिखर पर, उच्च मुद्रास्फीति, राजकोषीय घाटा, घरेलू उत्पादन में गिरावट, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार असंतुलन मोदी सरकार की नाकामी का प्रमाण है

    मोदी राज में यदि कुछ बढ़ रहा है तो महंगाई, बेरोजगारी, असमानता, पूंजीवाद, बुलडोजर संस्कृति, हिंसा, नफ़रत और उन्माद आमजनता को राहत देनें में पूरी तरह नाकाम

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बीते माह के कुल जीएसटी कलेक्शन में एक चौथाई हिस्सेदारी अकेले आयातित सामानों पर टैक्स की रही है। यह प्रमाणित करता है कि मोदी सरकार में घरेलू उत्पादन लगातार गिर रहा है। बीते माह के कुल जीएसटी संग्रहण 140855 करोड रुपए में से 37469 करोड रुपए यानी 26.6 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले आयातित सामानों पर टैक्स की रही है। आयातित सामानों पर बढ़ती निर्भरता मोदी सरकार के मेक इन इंडिया के जुमले की नाकामी का प्रमाण है। व्यापार संतुलन केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों के चलते बिगड़ गया है। राजकोषीय घाटा और महंगाई ऐतिहासिक रूप से चरम पर है। छोटे और मध्यम कंपनियां लगातार बंद हो रही है रोजगार के अवसर घट रहे हैं। 85 प्रतिशत आम जनता की आय घटी है। लोगों की क्रय-शक्ति लगातार घट रही है। गरीब और मध्यम वर्ग के बहुसंख्यक आबादी का गुजारा मुश्किल हो गया है और भाजपाई अमृतकाल के इवेंट में मस्त हैं। आम जनता की समस्याओं से पूंजीवादी भाजपाईयों का कोई सरोकार नहीं है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि चंद्र पूंजीपति मित्रों का विकास देश का विकास नहीं हो सकता। मोदी सरकार के संरक्षण में अमीरी और गरीबी के बीच खाई लगातार चौड़ी हो रही है। गलत आर्थिक नीतियों के चलते हैं करोड़ों लोग मध्यमवर्ग से गरीबी रेखा के नीचे आ गए। सरकारी कंपनीयां, सरकारी संसाधन, नवरत्न कंपनियां, बैंक, बीमा, रेलवे, एयरपोर्ट बंदरगाह बेचे जा रहे हैं। पेट्रोलियम, खनन, उर्वरक सहित सभी तरह के घरेलू उत्पादन लगातार घटाए गए हैं। खाद सब्सिडी खाद्य सब्सिडी और मनरेगा जैसे लोक कल्याणकारी योजनाओं के बजट में कटौती भाजपा के जन विरोधी षडयंत्रों का प्रमाण है। देश पर कर्ज का भार बढ़ रहा है। विदेशों में भेजा जानें वाला धन तेजी से बढ़ रहा है। बड़े बैंक फ्रॉड मामले बढ़े हैं। रिज़र्व बैंक का रिजर्व फंड भी दबाव पूर्वक ले लिया गया। केवल चंद पूंजीपतियों का लाखों करोड़ों लोन राइट ऑफ करने वाली मोदी सरकार किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिश की अनुशंसा लागू करने का वादा करके लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देने में अक्षम रही। मोदी सरकार के चमक पूंजीपति मित्रों के द्वारा आयातित सामानों को पाने के लिए देश के भीतर होने वाले उत्पादन को षडयंत्र पूर्वक घटाया जा रहा है। घरेलू पेट्रोलियम उत्पादन, कोल खनन और स्थनीय औद्योगिक उत्पादन तेज़ी से घटा है। निर्यात में कमी और आयातित सामानों पर निर्भरता बढ़ने से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संतुलन बिगड़ रहा है। विदेशी मुद्रा के भंडार संकुचित और हैं यह मोदी सरकार के आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है।

  • कांग्रेसी राहुल पर चिंतन करने की बजाय पार्टी की चिंता क्यों नहीं करते – भाजपा

    कांग्रेसी राहुल पर चिंतन करने की बजाय पार्टी की चिंता क्यों नहीं करते – भाजपा

    शहजादे को कांग्रेस की सल्तनत सौंपना ही नव संकल्प- संजय श्रीवास्तव

    अगले लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन का चिंतन हमारे लिए फिर से शुभ संकेत है

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस के चिंतन शिविर में सांसद राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाये जाने की वैचारिक मांग पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस को अध्यक्ष की चिंता नहीं बल्कि कांग्रेस की चिंता करने की जरूरत है। कांग्रेस हम तीन में सिमट चुकी है। जब माताजी राजी हैं, बहिनी राजी है, भैया राजी है तो फिर चिंतन करने की जरूरत ही कहां है ? राजस्थान के उदयपुर में जो नव संकल्प चिंतन शिविर लगा था, उसका मकसद सामने आ गया है कि कांग्रेस की प्रांतीय इकाइयां यह चिंतन करें कि मलिका के बाद शहजादे को फिर से कांग्रेस की सल्तनत सौंपी जाय। भाजपा ने कांग्रेस के चिंतन का स्वागत करते हुए कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन  का चिंतन हमारे लिए फिर से शुभ संकेत है। राहुल गांधी के हवा हवाई नेतृत्व में कांग्रेस की जो दुर्गति हो चुकी है, उससे भी दयनीय हालत को कांग्रेस न्योता दे रही है, तो उसे बहुत बहुत धन्यवाद।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि उदयपुर चिंतन शिविर का नतीजा सामने आ चुका है। कांग्रेस में पतझड़ का मौसम चल रहा है। कपिल सिब्बल हाथ छुड़ाकर साइकिल पर सवार हो गए। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल की नाराजगी, गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल के मामले में चिंता करने की जगह कांग्रेस को यह चिंता हो रही है कि राहुल गांधी को जल्द से जल्द फिर से अध्यक्ष कैसे बनाया जाए।

    प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि वैसे राहुल की ताजपोशी की चिंता करने की कांग्रेस को कोई जरूरत नहीं है। यह फैसला करने में वे मां, भाई, बहिन अधिकृत ही हैं, जिन्होंने गुलाम नबी आजाद सहित जी 24 के तमाम नेताओं को ठिकाने लगाकर अपने दरबारियों को राज्यसभा की टिकट दे दी। छत्तीसगढ़ से लेकर राजस्थान तक, महाराष्ट्र से लेकर पूरे देश में कांग्रेस के जमीनी नेता किनारे कर दिए गए। इसकी चिंता करने की हिम्मत गुलामों में नहीं है। कांग्रेस के  मालिकों के दरबारी नेता ही यह स्पष्ट करते हैं कि कांग्रेस संविधान के अनुसार कोई अध्यक्ष लाइफ टाइम अध्यक्ष रह सकता है। जिस पार्टी के संविधान में ही ऐसी व्यवस्था हो, वह पार्टी लोकतांत्रिक मानी जाय अथवा प्राइवेट कंपनी, कांग्रेस को दरअसल इस पर चिंतन करना चाहिए, जो वह कभी नहीं कर सकती!

    प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि चिंतन इस पर होना चाहिए कि कांग्रेस में एक परिवार के बीच राज्यसभा की सीटों का बंटवारा होना चाहिए या राज्यों की भावनाओं का भी कुछ सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया का राग अलापने वाले कांग्रेस नेताओं में गैरत है तो वे यह चिंतन करें कि एक परिवार से कांग्रेस चलती रहेगी या कांग्रेस संगठन का भी कोई महत्व होगा ? कांग्रेस में संगठन के नाम पर एक परिवार और उसके चाटुकारों की जमात ही सब कुछ है। तभी तो बड़ी मिन्नतों के बाद सोनिया गांधी के संपर्क में आये राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी यह समझाकर चलते बने कि हमारे भरोसे मत रहना, आपका कुछ नहीं हो सकता।

  • छत्तीसगढ़ भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने सम्भाग प्रभारियों एवं पदाधिकारियों की घोषित की सूची

    सरगुजा संभाग प्रभारी बने संजीव पाण्डेय, बस्तर संभाग प्रभारी बने गोपाल दीक्षित

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय जी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय जी की अनुशंसा से भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जयप्रकाश चंद्रवंशी द्वारा विभिन्न पदों की घोषणा की गई है। जो इस प्रकार है– हाई कोर्ट एवं पीआईएल प्रभारी नरेश गुप्ता, सरगुजा संभाग प्रभारी संजीव पाण्डेय, बिलासपुर संभाग प्रभारी अजय केशरवानी, रायपुर संभाग प्रभारी सुधीर पाण्डेय, दुर्ग संभाग प्रभारी बृजेश पाण्डेय, बस्तर संभाग प्रभारी गोपाल दीक्षित, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पोखराज परिहार कवर्धा, संजय तिवारी बलौदाबाजार, केशव गुप्ता, सौरभ गुप्ता धमतरी, विजय ठाकुर धमतरी, अंजिनेश शुक्ला (मीडिया एवं सोशल सह प्रभारी) बनाया गया है।

  • कांग्रेस का दो दिवसीय नव संकल्प चिंतन कार्यशाला पहले दिन का सत्र संपन्न, उदयपुर नव संकल्प शिविर के निर्णयों को छत्तीसगढ़ में लागू करने कार्यशाला, राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस की दो दिवसीय नव संकल्प चिंतन शिविर कार्यशाला का आयोजन राजधानी रायपुर के माहेश्वरी भवन कमल विहार में आरंभ हुआ। शिविर के पहले दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम तथा प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया। अतिथियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र में माल्यार्पण किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मंचीय कार्यक्रम में सर्वप्रथम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी द्वारा उदयपुर चिंतन शिविर में दिए गए संबोधन का वीडियो दिखाया गया तथा उदयपुर चिंतन शिविर में लिए गए निर्णयों से सभी को अवगत कराया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने स्वागत भाषण दिया एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन एवं प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया द्वारा उद्बोधन दिया गया।

    कार्यशाला के दूसरे सत्र की शुरुआत प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव के भाषण से हुई तथा प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कृषि के संबंध में उदयपुर चिंतन शिविर की चिंताओं और कांग्रेस के दृष्टिकोण के बारे में अवगत कराया। उदयपुर चिंतन शिविर में शामिल हुए राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय, सांसद दीपक बैज ने भी संबोधन दिया।

    इस अवसर पर उदयपुर चिंतन शिविर में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए लिए गए निर्णयों को राज्य में लागू करने पर विमर्श किया गया एवं कार्य योजना बनाई गई। प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला ने राहुल गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने दोनों हाथ उठाकर समर्थन दिया। कार्यशाला के दूसरे दिन 6 विषयों पर विभिन्न कमेटियां बनाकर विमर्श होगा तथा उसके निष्कर्षों का प्रस्तुतीकरण होगा। दूसरे दिन के सत्र में उदयपुर चिंतन शिविर की घोषणाओं पर विमर्श, संगठन का विस्तार एवं क्षेत्राधिकार, जिला स्तरीय पदयात्रा, राजधानी रायपुर में आयोजित आजादी की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम संगठन के रिक्त पदों पर नियुक्ति तथा केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन जैसे विषयों पर कार्यशाला में शामिल नेता चर्चा करेंगे।

    कार्यशाला में प्रदेश के मंत्री गण, सांसद गण, विधायक गण, निगम मंडल आयोग के अध्यक्ष गण, जिला कांग्रेस के अध्यक्ष व पीसीसी के पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • ग्रामीण एकजुट हों नहीं कटने देंगे एक भी वृक्ष, गांव वालों के हर निर्णय के साथ खड़ी है कांग्रेस

    ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ग्राम-सभा के फर्जी प्रस्ताव के सहारे हमारी जमीनें लूट कर अदानी को चाहता है देना

    पादप बोर्ड अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर गांव वाले एक राय होकर खदान का विरोध करते हैं तो पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, अंबिकापुर

    हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदान के लिए वनों की कटाई के विरोध में आंदोलनरत ग्रामीणों को सरगुजा कांग्रेस ने समर्थन दिया है। औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में जिला कांग्रेस और जिला तथा जनपद पंचायत सदस्यों ने आंदोलन स्थल पर जाकर ग्रामीणों की हौसला अफजाई की। पेड़ो की कटाई रोकने के लिए घनघोर जंगल में डेरा डाले ग्रामीणों ने कांग्रेस की टीम को प्रशासन द्वारा आधी रात को काटे गए वृक्षों को ग्रामीणों ने दिखाया। जिले भर से बड़ी संख्या में खनन प्रभावित क्षेत्र बासेन पहुंचे कांग्रेस जनों के समक्ष अपनी बात रखते हुए धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ग्राम सभा के फर्जी प्रस्ताव के सहारे हमारी जमीनें लूट कर अदानी को देना चाहता है। गांव के पुराने लोग अपना जंगल और जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे।

    पादप बोर्ड अध्यक्ष श्री पाठक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर गांव वाले एक राय होकर खदान का विरोध करते हैं तो पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। यहां के विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कई मंचो पर कहा है वे खुद ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे, बस गांव के लोगो को एक राय होना पड़ेगा। ग्राम सभा को लेकर भ्रम की स्थिति थी, आंदोलन के समर्थन में खड़े लोग इसे फर्जी बता रहे हैं, जबकि खदान समर्थकों का कहना है कि प्रदर्शनकारी दूसरे गांव के हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदि बाबा की पहल पर इस संबंध में जिला पंचायत ने दो बार प्रस्ताव पारित कर खनन प्रभावित गांवों में पूरे कोरम के साथ फिर से ग्राम सभा कराने कहा है। उससे पहले यहां पेड़ काटने सहित तमाम गतिविधियां रोक देनी चाहिए।

    जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव वीडियो कॉल से धरने पर बैठे ग्रामीणों से चर्चा की उन्होंने कहा कि प्रशासन जिस कॉल बैरिंग एक्ट की बात कहता है, उसके अंतर्गत जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है, मगर वन अधिकार अधिनियम 2006 में यह स्पष्ट है कि वनों का संवर्धन, संरक्षण और उपयोगिता परिवर्तन ग्राम सभा की सहमति के बिना संभव नहीं है। जबतक ग्राम सभा नहीं चाहेगा एक भी पेड़ नहीं कटेगा। हम सब गांव के लोगों के निर्णय के साथ खड़े हैं।

    दुबारा बुलाई गई ग्राम सभा में भी फर्जीवाड़ा

    जिला पंचायत के प्रस्ताव पर ग्राम पंचायत घाटबर्रा में ग्रामसभा की बैठक 28 मई को रखी गई थी। ग्राम के सरपंच ने बताया ग्रामसभा में सभा अध्यक्ष के नाम पर सहमति ना बन पाने के चलते बैठक को 4 जून के लिए टाल दिया गया। उपस्थित अधिकारियों ने सबके सामने घोषणा किया था। आज कुछ लोग बता रहे है कि 28 मई की सभा को प्रशासन की मंजूरी दे दी है। हालांकि इसकी आधिकारिक सूचना पंचायत को नहीं दिया गया है।

    पेड़ और जमीन बचाने की जिद में जंगल में डेरा

    उदयपुर के ग्राम बासेन,  हरिहरपुर, साल्ही, घाटबर्रा आदि आधा दर्जन गांवो के सैकड़ों लोग पेड़ों को बचाने पिछले पांच दिनों से जंगल में डेरा जमाए हुए है। पारंपरिक तीर-कमान से लैस बुजुर्गो, महिलाओ और युवाओं ने अपने बच्चो को रिश्तेदारों के घर भेज दिया है। खुद खुले आसमान के नीचे कड़ी धूप और यदा-कदा होने वाली बरसात के बावजूद डटे हुए हैं। जन सहयोग से जंगल में ही खाने-पीने का बंदोबस्त किया जा रहा है, ग्रामीणों के संघर्ष और उनकी मांग पर औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने तिरपाल और चावल के लिए दस हजार रुपए दिया।

    इस दौरान विधायक प्रतिनिधि सिद्धार्थ सिंह, उदयपुर ब्लाक अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य राजनाथ सिंह, लखनपुर ब्लॉक अध्यक्ष कृपा शंकर गुप्ता, अंबिकापुर शहर अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, ग्रामीण अध्यक्ष विनय शर्मा,  मो इस्लाम, दुर्गेश गुप्ता, सैय्यद अख्तर, शैलेंद्र प्रताप सिंह, आशीष वर्मा, ओम प्रकाश सिंह, नीरज मिश्रा, संध्या रवानी, मधु दीक्षित, अमित सिंह देव, शैलेंद्र सोनी, प्रमोद चौधरी, सतीश बारी, हिमांशु जयसवाल, पप्पन सिन्हा, शंकर प्रजापति, मग्गू, शकीला, माया मिश्रा, हमीदा बनो, मालती सिंह, शैलजा पांडेय, इंद्रजीत सिंह धंजल, जमील खान, चुन्ना, अमित सिंह, हसन ख़ान, अशफाक कमर, रियाजुल, मिथुन, अविनाश, सरजू, बाबर, काजू, कलीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

  • मोदी सरकार को कोयला माल ढुलाई के मुनाफा से मतलब, रेल यात्रियों की परेशानियों से कोई लेना-देना – धनंजय सिंह ठाकुर

    मोदी सरकार को कोयला माल ढुलाई के मुनाफा से मतलब, रेल यात्रियों की परेशानियों से कोई लेना-देना – धनंजय सिंह ठाकुर

    छत्तीसगढ़ के यात्री ट्रेनों को बंद कर मोदी भाजपा सरकार रेल यात्रियों को प्रताड़ित कर रही है

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बंद ट्रेनों को शुरू कराने में असफल भाजपा सांसदों को घेरते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार कोयला ढुलाई के मुनाफाखोरी में मदमस्त होकर छत्तीसगढ़ के यात्री ट्रेनों को बंद करके रेल यात्रियों को प्रताड़ित कर रही है। बीते कई माह से आरक्षित टिकटों को अचानक रद्द कर अपने घरेलू कामकाज और पारिवारिक कार्यक्रमों से सुख दुख में शामिल होने वाले यात्रियों को धोखा दे रही है। दुर्भाग्य की बात है छत्तीसगढ़ के भाजपा के 9 सांसद और एक राज्यसभा सदस्य अपने ही केंद्र सरकार के सामने छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के भावनाओं को रखने में असमर्थ और नकारा साबित हुए है। मोदी सरकार एक ओर जहां पहले से रदद् ट्रेनों को शुरू करने के बजाये अब दोबारा फिर ट्रेनों को कैंसिल करने जा रही है। जिसके चलते छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा ।  

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एक बार और भाजपा के सांसदों और राज्यसभा सदस्यों से छत्तीसगढ़ की जनता को निराशा हुई। राज्य के भीतर बड़ी बड़ी बात कर राजनीति करने वाले भाजपा के सांसद और राज्यसभा सदस्य मोदी और शाह के सामने छत्तीसगढ़ की समस्याओं को रखने से डरते हैं। मोदी शाह के चरण वंदना और परिक्रमा के अलावा भाजपा के सांसदों को कुछ नहीं आता है। हमेशा की तरह भाजपा के सांसदों ने छत्तीसगढ़ की भावनाओं के विपरीत कार्य किया है भाजपा के निष्क्रिय और गैर जिम्मेदार सांसदों के चलते छत्तीसगढ़ की जनता को अपनी बात पहुंचाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है ऐसे भाजपा सांसदों और राज्य सभा सदस्यों को तत्काल छत्तीसगढ़ की जनता के हित में अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।

  • केंद्रीय कृषि मंत्री प्रहलाद पटेल के द्वारा मोदी सरकार के किसान विरोधी षडयंत्रों पर पर्दा डालने का असफल प्रयास – सुरेंद्र वर्मा

    केंद्रीय कृषि मंत्री प्रहलाद पटेल के द्वारा मोदी सरकार के किसान विरोधी षडयंत्रों पर पर्दा डालने का असफल प्रयास – सुरेंद्र वर्मा

    छत्तीसगढ़ के लाखों पात्र हितग्राहियों के किसान सम्मान निधि रोकने और हजारों किसानों से रिकवरी पर केंद्रीय कृषि मंत्री मौन रहे

    खाद्य सब्सिडी के बजट में 35 हजार करोड़ की कटौती, उर्वरक आपूर्ती में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा, कब मिलेगा लागत पर 50 प्रतिशत लाभ?

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्रीय कृषि मंत्री के छत्तीसगढ़ आगमन पर छत्तीसगढ़ के किसानों को राहत की उम्मीद थी पर मिला कुछ नहीं। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के 10 लाख से अधिक किसान जिन्होंने अपना पंजीयन तो किसान सम्मान निधि के लिए कराया है, ई केवाईसी अपडेशन भी हो चुका है परंतु उन्हें एक भी किस्त नहीं दी गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री के छत्तीसगढ़ आगमन पर राहत मिलेगी, परंतु निराशा ही हाथ लगी। विदित हो कि छत्तीसगढ़ में लगभग 40 लाख से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन कराया है, लेकिन इन्हीं के आंकड़ों में 11वीं किस्त भी लगभग 30 लाख किसानों को ही दी जा रही है। छत्तीसगढ़ के एक चौथाई पात्र किसान आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। जबकि छत्तीसगढ़ में शत-प्रतिशत हितग्राहियों का ई केवाईसी अपडेट किया जा चुका है। मोदी सरकार की नीति और नियत में अंतर है छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ उपेक्षा और भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। यही नहीं विगत 3 वर्षों से खाद सब्सिडी का बजट भी केंद्र की मोदी सरकार लगभग 25 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से घटाते जा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी खाद सब्सिडी के बजट में 35 हजार करोड़ की कटौती की गई है। जून में खरीफ का सीजन शुरु होने वाला है। आवश्यकता 13.40 लाख मीट्रिक टन है, केंद्र सरकार के द्वारा माहवार आपूर्ति प्लान स्वीकृत किए जाने के बावजूद अब तक आवश्यकता का पांचवा हिस्सा भी नहीं पहुंचा है। रेलवे की रैक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। केंद्रीय पुल के तहत चावल लेने में कभी “बोनस“ का अड़ंगा तो कभी उसना, अरवा की बाध्यता। आखिर छत्तीसगढ़ के साथ ही भेदभाव क्यों? चंद पूंजीपति मित्रों के लाखों करोड़ों का लोन राइट ऑफ करने वाली मोदी सरकार को आखिर किसानों से इतनी नफरत क्यों है?

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पात्र हितग्राहियों को योजना के लाभ से रोकने का कुत्सित प्रयास मोदी सरकार लगातार कर रही है। बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम काटे जा रहे हैं। जो चुनाव के समय पहले पात्र थे, उनसे अब वसूली का फरमान जारी हो रहा है। देश के 42 लाख 16 हजार से अधिक किसानों से 2992 करोड़ 75 लाख से अधिक की रकम मोदी सरकार के द्वारा वापस मांगी जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 58200 से अधिक छोटे किसानों से 356 करोड 96 लाख की रिकवरी का फरमान भी शामिल है। मोदी सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए चुनाव के समय ही किसानों को पात्र समझती है और उसके बाद वसूली।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का जांजगीर जिला जो धान उत्पादन में अग्रणी है। किसान सम्मान योजना के तहत केवल जांजगीर जिले में 3 लाख 29 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन हुआ था। पहली किस्त 2 लाख 40 हजार किसानों को दी गई। दूसरी किस्त 1 लाख 83 हजार किसानों को मिला। तीसरी किस्त केवल 75 हजार किसानों को और चौथी किस्त आते-आते यह संख्या घटकर मात्र 35 हजार रह गई। भारतीय जनता पार्टी के नेता बताएं कि 90 प्रतिशत हितग्राहियों की कटौती का आधार क्या है? दरअसल पूंजीवादी भाजपाइयों का असल चरित्र ही किसान विरोधी है।

  • मोदी सरकार 8 साल में वादा निभाने में नाकाम : वर्षो की कड़ी मेहनत से खड़ी की गई भारत की संपत्तियों को ‘‘औने-पौने दामों में बेचना’’ मोदी सरकार का सबसे बड़ा ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ काम – मोहन मरकाम

    मोदी सरकार 8 साल में वादा निभाने में नाकाम : वर्षो की कड़ी मेहनत से खड़ी की गई भारत की संपत्तियों को ‘‘औने-पौने दामों में बेचना’’ मोदी सरकार का सबसे बड़ा ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ काम – मोहन मरकाम

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्च में विफल और नकारा साबित हुई है। पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाकर मोदी सरकार ने 27.50 लाख करोड़ कमाए। पिछले 60 दिनों में (21 मार्च से 21 मई 2022 के बीच) 10 रू. प्रति लीटर डीजल की कीमत बढ़ाई और 7 रू. प्रति लीटर कम कर दी। पेट्रोल की कीमत 60 दिन में 10 रू. प्रति लीटर बढ़ाई और 9.50 प्रति लीटर कम कर दी। इस प्रकार जनता को बेवकूफ बना भाजपाई वाहवाही का डंका बजा रहे है। सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार के अप्रैल 2014 के मुकाबले आज 8 साल बाद डीजल पर एक्साईज ड्यूटी 344 प्रतिशत बढ़ी है, और पेट्रोल पर एक्साईज ड्यूटी 110 प्रतिशत बढी है। घरेलू गैस सिलेंडर जो कांग्रेस सरकार में अप्रैल-मई 2014 में 410 रू. का था, वह आज 1000 रू. को पार कर गया है। उज्जवला बहनों का गैस सिलेंडर 800 रू. का कर भाजपाई ताली बजवा रहे हैं। पर यह नहीं बता रहे कि असल में 410 रू. का सिलेंडर 800 रू का हो गया है। साल 2013-14 में कांग्रेस सरकार गैस पर सालाना 46458 करोड़ रू. की सब्सिडी देती थी, ताकि जनता को सस्ती गैस मिले। मोदी सरकार ने इसे पूरी तरह खत्म कर दिया। मोदी जी ने युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन 8 सालों में कम से कम 12.5 करोड़ नौकरियां छीन ली। भारत को साल 2028 तक 34.35 करोड़ नए रोजगार सृजन करने होंगे, यानि हर साल 3 से 4 करोड़ नई नौकरियां। मौजूदा गति से भाजपा सरकार को इतनी नौकरियां देने में 1560 साल का समय लगेगा। अकेले नोटबंदी में 50 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरी चली गयी। OXFAM की रिपोर्ट के मुताबिक, बगैर सोचे-समझे लागू किए देशव्यापी लॉकडाउन में 12.20 करोड़ लोगों ने रोजगार खोया।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार 8 साल में बनाई कुछ नहीं बल्कि विरासत में मिली संपत्तियों की कौड़ियों के दाम सेल कर रही है। वर्षो की कड़ी मेहनत से खड़ी की गई भारत की संपत्तियों को ‘‘औने-पौने दामों में बेचना’’ मोदी सरकार का सबसे बड़ा ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ काम है। मोदी सरकार द्वारा भारत की 6 लाख करोड़ की संपत्तियों की सेल चौंकाने वाली है। आज देश की हर संपत्ति सेल पर लगी है-27000 किलोमीटर की हाईवे, 6,000 मेगावॉट का बिजली उत्पादन और 28,000 किलोमीटर की बिजली की लाईनें, 8,000 किलोमीटर की गैस पाईपलाईन, 210 लाख मीट्रिक टन का अनाज भंडार, 2.86 लाख किलोमीटर टेलीकॉम फाईबर और 15,000 टेलीकॉम टॉवर, 25 एयरपोर्ट, 9 पोर्ट, 761 माईनिंग ब्लॉक, 2 नेशनल स्टेडियम, 1.52 लाख करोड़ रू. मूल्य का रेलवे।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करने की बजाय, भाजपा ने किसानों के कंधों पर कर्ज को दोगुना कर दिया। 31 मार्च 2014 को हमारे अन्नदाता किसानों के कंधों पर 9.64 लाख करोड़ रू. का कर्ज बढ़कर आज 16.80 करोड़ रू. हो गया है। किसानों की औसत आय 27 रू. प्रतिदिन और प्रत्येक किसान पर औसत कर्ज 74,000 करोड़ रू. है (एनएसओ रिपोर्ट)। सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने बता दिया था कि वह किसान विरोधी है। जून 2014 में आदेश देकर धान और गेहूं का 150 रू. का बोनस बंद करा दिया। किसानों की जमीन हड़पने के लिए एक के बाद एक, तीन अध्यादेश लाए गए। साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया और कहा कि लागत के 50 प्रतिशत ऊपर समर्थन मूल्य नहीं दिया जा सकता क्योंकि इससे बाजार भाव खराब हो जाएगा। मोदी सरकार ने किसानों के ऊपर तीन काले कानून थोप दिए, जिनके खिलाफ हमारे अन्नदाता किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर 378 दिनों तक आंदोलन करना पड़ा। किसान आंदोलन में 750 किसानों ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया, लेकिन भाजपा ने उनकी शहीदी के ऊपर एक आँसू तक न बहाया। इन सबके बावजूद किसान को एमएसपी की गारंटी नहीं दी गई। अन्नदाता को आत्महत्या का अभिशाप। दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा व मोदी सरकार की किसान-खेत मजदूर नीतियों के चलते साल 2014 से 2020 के बीच 78,303 किसान-खेत मजदूर आत्महत्या का फंदा चूमने को मजबूर हो गए।