Category: राजनीति

  • भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बूथ तक पहुँचकर सुना ‘मन की बात’ का मासिक प्रसारण

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के मासिक प्रसारण की कड़ी क्र. 103 को पूरे प्रदेश में भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर सुना। भाजपा प्रतिमाह इस कार्यक्रम में अधिकतम उपस्थिति के साथ सुनने के लिए विशेष आग्रह करती है। रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के मासिक प्रसारण के लिए भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को विशेष दायित्व सौंपे गए थे।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ का यह प्रसारण सुना। भाजपा की नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद  डॉ. (सुश्री) सरोज पांडेय ने वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के कैम्प मंडल वार्ड नं. 27 के बूथ क्र. 188 (शास्त्री नगर) में कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात सुनी। सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव व प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने रायपुर के मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड के जवाहर नगर मंडल के बूथ क्रमांक 147 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 103वें संस्करण को सुना। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल इस कार्यक्रम के लिए संजारी बालोद विधानसभा क्र. 59 के बूथ क्र. 32 पहुँचे थे और कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ उन्होंने ‘मन की बात’ सुनी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के बूथ क्रमांक 237 अभिलाषा परिसर तिफरा मंडल तिफरा सिरगिट्टी मंडल में वरिष्ठ जनों, कार्यकर्ताओं व माताओं-बहनों के साथ यह प्रसारण सुना। धनतरी की विधायक व प्रदेश प्रवक्ता रंजना साहू धमतरी के दीपो पारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के बूथ क्रमांक 113 में ‘मन की बात’ सुनने कार्यकर्ताओं के बीच पहुँचीं थीं।

  • प्रदेश की समस्याओं पर काम करने की नसीहत दी भाजपा ने मुख्यमंत्री को : प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप का सवाल – क्या सीएम बघेल भी कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को नाकारा ही मानते हैं?

    प्रदेश की समस्याओं पर काम करने की नसीहत दी भाजपा ने मुख्यमंत्री को : प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप का सवाल – क्या सीएम बघेल भी कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को नाकारा ही मानते हैं?

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नसीहत दी है कि वे प्रदेश के मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने सवाल किया कि क्या बघेल भी अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को नाकारा समझते हैं और मानते हैं कि सारे अक्षम लोग कांग्रेस में भरे हैं? अगर वे ऐसा नहीं सोचते तो उन्हें वह काम करना चाहिये जिसके लिये जनता ने उन्हें नियुक्त किया है। और राष्ट्रीय मुद्दों पर राष्ट्रीय नेताओं को बोलने दें। मणिपुर हिंसा पर बघेल द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ बेजा बयानबाजी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दायित्व को भलीभाँति समझते हैं। मुख्यमंत्री बघेल को पद की गरिमा व मर्यादा का ध्यान रखना चाहिये।

    भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश में अभी हाल ही खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के एक किसान कन्हैया सिन्हा ने विवश होकर आत्महत्या कर ली, छत्तीसगढ़ महतारी के हताश-निराश युवा पुत्र पूर्ण नग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए विवश हुए, आदिवासी बहुल बस्तर के दोरनापाल में तीन साल की बच्ची और सुकमा जिले के एर्राबोर थाना के पोटा केबिन स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में पहला कक्षा की पाँच वर्षीया छात्रा के साथ हैवानियत और दरिंदगी इंतेहा करके दुष्कर्म किया गया, कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार की वादाख़िलाफ़ी  के विरोध में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है, एक संविदा कर्मचारी आंदोलन के दौरान अपनी जान बलिदान कर देता है, घोटालों-भ्रष्टाचार के जरिए युवाओं के रोज़गार के अवसर छिन गए। बस्तर के ही कोण्डागाँव जिले के ग्राम बड़गई में मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में शादीशुदा युवक और उसकी प्रेमिका को निर्वस्त्र करके सरेआम घुमाया गया। ये तो कुछ हालिया घटनाक्रम के कुछ तथ्य हैं। श्री कश्यप ने कहा कि अब मुख्यमंत्री बताएँ कि अपनी हठधर्मिता छोड़कर कितने मामलों में उन्होंने संवेदनशीलता दिखाई है? कितने मामलों में न्यायसंगत और निष्पक्ष कार्रवाई की पहल करने की तत्परता दिखाई है? कितने मामले हैं जिसमें प्रदेश सरकार ने विधानसभा के भीतर और सदन से बाहर अपना संतोषजनक ज़वाब देने की ज़िम्मेदारी का निर्वहन किया?

    भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री कश्यप ने कहा कि हर मामले में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री और कांग्रेस नेताओं ने या तो मुँह में दही जमाए रखा या फिर ऊलजलूल बयानबाजी करके संवेदनहीनता की शर्मनाक पराकाष्ठा की। किसान ने आत्महत्या की तो सरकार और उसका प्रशासन तंत्र यह साबित करने में जुट गया कि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहा था। अब प्रदेश सरकार बताए कि आत्महत्या क्या कोई निजी शौक के लिए करता है? युवा नग्न होकर प्रदर्शन करते हैं तो बजाय समस्या सुलझाने के प्रदर्शनकारियों को अपराधी बताने पर ही पूरी सरकार जुट जाती है। दुष्कर्म के मामले पर बस्तर के मंत्रियों को इतनी भी फ़ुर्सत नहीं मिलती कि वे पीड़ित परिवार व बच्ची से जाकर मिलें। उल्टे, आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देकर बचाने में शासन-प्रशासन की पूरी ताक़त लगा दी जाती है।

    भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल को यदि राष्ट्रीय मुद्दों पर ही राजनीति करनी है तो शौक़ से करें, पर उससे पहले छत्तीसगढ़ को अपनी नाकारा सरकार के असहनीय बोझ से मुक्त करें। छत्तीसगढ़ कराह रहा है, अपराधों, अन्याय-अत्याचार और भ्रष्टाचार की आग में झुलस रहा है,और मुख्यमंत्री मणिपुर की हिंसा पर घड़ियाली आँसू बहाएँ और पद की गरिमा को ताक पर रखकर बयानबाजी करें, यह क़तई संसदीय आचरण नहीं माना जा सकता।

  • पत्रकार वार्ता में भाजपा जाँच दल ने मामले की न्यायिक जाँच की पुरज़ोर मांग की, कहा : हम इस लड़ाई को सदन से सड़क तक ले जाएंगे

    भाजपा का सवाल : प्रदेश के किसानों की खुशहाली का दावा करने वाली प्रदेश सरकार बताए, मृतक किसान पर कर्ज क्यों चढ़ा?

    किसान आत्महत्या मामले की जाँच के लिए छुईहा पहुँचे जाँच दल ने कहा : प्रदेश सरकार का घोर किसान विरोधी चरित्र फिर बेनक़ाब

    मृतक किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवज़ा, परिवार के शिक्षित बेरोज़गार सदस्यों को नौकरी व बेरोज़गारी भत्ता देने की मांग

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के जाँच दल ने महासमुन्द जिले में खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छुईहा में किसान कन्हैया सिन्हा की आत्महत्या के मामले में न्यायिक जाँच और मृतक किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवज़ा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। जाँच दल के सदस्यों सांसद चुन्नीलाल साहू, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू और महासमुंद जिला भाजपा अध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने रविवार को राजधानी के एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधत करते हुए घटना की जाँच के बाद सामने आए तथ्यों को साझा करते हुए कहा कि  भूपेश की गलत नीति के चलते फिर एक किसान को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी इस आत्महत्या के लिए सिर्फ और सिर्फ भूपेश बघेल जिम्मेदार है  उन्होंने यह भी ऐलान किया कि भाजपा इस मामले में सदन से सड़क तक की लड़ाई लड़ेगी।

    विदित रहे, प्रदेश भाजपा द्वारा किसान आत्महत्या मामले की जाँच हेतु गठित पाँच सदस्यीय जाँच दल शनिवार को ग्राम छुईहा पहुँचा था। दल के संयोजक पूर्व मंत्री व विधायक ननकीराम कँवर की अगुआई में सांसद चुन्नीलाल साहू, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा व पूर्व विधायक प्रीतम सिंह दीवान समेत प्रदेश, जिला तथा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा व मोर्चों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता काफी संख्या में ग्राम छुईहा पहुँचे थे। भाजपा जाँच दल ने ग्राम में मृतक किसान कन्हैया के निवास पर पहुँचकर मृतक किसान के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिजनों को ढाँढ़स बंधाया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। जाँच दल ने घटना के जुड़े सत्य व तथ्य का विश्लेषण किया। जाँच दल अब अपना जाँच प्रतिवेदन प्रदेश भाजपा को सौंपेगा। मृतक किसान की पत्नी मिलवंतीन बाई, पुत्र भागीरथी व पौत्र-पौत्रियों ने बताया कि खेती-किसानी से ही उनके परिवार का भरण-पोषण हो रहा है, लेकिन कभी लो-वोल्टेज़ के कारण पानी की कमी, कभी फ़सल पर बीमारियों का प्रकोप होने से पिछले 8-9 वर्षों से फ़सल का नुक़सान हो रहा था और लगातार घाटा उठाना पड़ रहा था। कर्ज़ काफी बढ़ गया और शासन-प्रशासन की बेरुख़ी के चलते कन्हैया सिन्हा को यह आत्मघाती क़दम उठाना पड़ा।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व जाँच दल के सदस्य संदीप शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा इस मामले में लीपापोती की जा रही है और मृतक के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का झूठा दावा किया जा रहा है। यहाँ रिकॉर्ड में दिख रहा है कि 2019 के बाद बैंक व साहूकारों से सात-आठ लाख रुपए का कर्ज़ इस किसान ने लिया था। इससे पहले इसके नाम पर कोई कर्ज़ नहीं था। श्री शर्मा ने सवाल किया कि कांग्रेस की इस प्रदेश सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि इस किसान को कर्ज़ लेना पड़ा? यह कहना हास्यास्पद है कि मृतक किसान ने चार लाख रुपए का धान बेचा। चार एकड़ की खेती में चार लाख रुपए का धान कोई किसान कहाँ से बेच देगा? यह सब गप्पें हाँकना प्रदेश की भूपेश सरकार की आदत बन गई है। अगर प्रदेश के किसानों की खु़शहाली का दावा प्रदेश सरकार कर रही है तो वह इस बात का ज़वाब दे कि मृतक किसान पर कर्ज़ क्यों चढ़ा? प्रदेश में किसान आत्महत्या के लिए मज़बूर क्यों हो रहे हैं? प्रदेश सरकार केवल झूठे दावों और आँकड़ों का ढिंढोरा न पीटे।

    भाजपा जाँच दल के सदस्य व प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा कि लो-वोल्टेज़ के कारण पिछले साल उसकी पूरी फ़सल बर्बाद हो गई। उससे पहले भूरा माहो से उसकी फ़सल ख़राब हो गई थी। उसका भी किसान को फ़सल बीमा का कोई लाभ नही मिला। इस बर्बादी का ज़िम्मेदार कौन है? भाजपा लगातार यह मुद्दा उठाती आ रही है कि बिजली समस्या, नकली खाद और कीटनाशक दवाओं की बिक्री , फसल बीमा में कोताही से किसान परेशान हो रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता इधर-उधर की बातें न करें, यह बताएँ कि किसानों का क़ाफ़िला लुट क्यों रहा है? प्रदेश सरकार बड़ी-बड़ी बातें न करके प्रदेश के किसानों के साथ घटने वाली हर दुर्घटना के लिए अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरे प्रदेशों में जाकर 50-50 लाख रुपए का मुआवज़ा बाँटने वाली प्रदेश सरकार को छत्तीसगढ़ के किसानों के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा और मुख्यमंत्री बघेल को इस परिवार के साथ आकर खड़ा होना पड़ेगा। प्रदेश सरकार दूसरों पर सवाल उठाने के बजाय खु़द से सवाल करे कि वह छत्तीसगढ़ के किसानों को क्या दे रही है? किसानों को न सही आनावारी रिपोर्ट की जानकारी दी जा रही है, न ही उन्हें फसल बीमा का लाभ मिल पा रहा है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने बताया कि मृतक किसान कन्हैया के परिवार में उसका एक पुत्र भागीरथी, एक पौत्र दूजकुमार  तीन पौत्रियाँ केमेश्वरी, तुलेश्वरी और मानसी हैं। इनमें मानसी अभी कक्षा 10वीं में अध्ययनरत है, जबकि केमेश्वरी BA, तुलेश्वरी 12th और दूजकुमार हायर स्नातक उत्तीर्ण हैं जिन्हें प्रदेश सरकार की वादाख़िलाफ़ी के चलते न तो रोज़गार मुहैया हुआ है और न ही आज तक बेरोज़गारी भत्ते का एक रुपया मिला है। दूसरे प्रदेश में जाकर 50-50 लाख रुपए का मुआवज़ा बाँटकर सियासी ड्रामेबाजी करने वाले मुख्यमंत्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ में आत्महत्या करने वाले किसान कन्हैया को सिर्फ 20 हज़ार रुपए देने से काम नहीं चलेगा। इस प्रकार का भेदभाव करके बघेल सरकार क्या साबित करना चाहती है?

    राज्य सरकार और बीमा कंपनी में घालमेल : चुन्नीलाल

    भाजपा सांसद चुन्नीलाल साहू ने पत्रकारों से कहा कि किसानों को फ़सल बीमा का लाभ नहीं मिलने और लो-वोल्टेज़ की समस्या के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है जिसके चलते किसान त्रस्त हो रहे हैं और अंतत: आत्महत्या के लिए मज़बूर हो रहे हैं। श्री साहू ने आरोप लगाया कि फ़सल बीमा केंद्र सरकार की योजना है, लेकिन उसका क्रियान्वयन प्रदेश सरकार करती है और बीमा कंपनी का राज्य सरकार के साथ घालमेल है। इस साजिशाना घालमेल के चलते बीमा कंपनी आनावारी रिपोर्ट बदल देती है, जो किसानों के बड़े नुक़सान की वज़ह है। अभी तक फ़सल बीमा का पोर्टल नहीं खुला है जबकि फ़सल बीमा के लिए पंजीयन कराने के लिए अब सिर्फ़ दो दिन ही बचे हैं। श्री साहू ने कहा कि किसानों को लेकर प्रदेश सरकार की तमाम व्यवस्थाएँ लचर हैं और प्रशासन निष्क्रिय व संवेदनहीन है। आज भी किसान उन्हीं दिक्कतों का फिर सामना कर रहे हैं।

    लो-वोल्टेज़ और अन्य दिक़्क़तों से जूझ रहे किसान : पवन

    भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जाँच के दौरान मृतक किसान के नाम पर एक निजी बैंक 4.50 लाख रुपए का ऋण और निजी स्तर पर 2.60 लाख रुपए कर्ज़ लेने के दस्तावेज़ पाए गए। परिजनों ने लो-वोल्टेज़ के चलते दो सीज़न की रबी फ़सल के चौपट हो जाने के कारण ऋण नहीं चुका पाने की बात बताई। इस बात का उल्लेख भी अपने सुसाइड नोट में मृतक किसान कन्हैया ने किया है। श्री साहू ने कहा कि इस घटना से यह साबित हो चला है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों के नाम पर केवल सियासत करके झूठे दावे कर रही है और फ़र्जी आँकड़ों के ज़रिए अपनी झूठी वाहवाही करा रही है। ऐसी किसान विरोधी और संवेदनहीन सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक़ नहीं है, जिसकी कुनीतियों और कुशासन के चलते प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल में 1000 किसानों को आत्महत्या करने लिए मज़बूर होना पड़ा है। पत्रकार वार्ता में भाजपा सह मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल व प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता भी उपस्थित थे ।

  • कंवर धाम पमशाला में भुईयां समाज का सम्मेलन आयोजित : भुईयां समाज का अनमोल विरासत हम सभी को गौरवांवित करता है – प्रबल प्रताप सिंह जूदेव

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर/फरसाबहार

    जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत कंवर धाम पमशाला में आयोजित भुईयां समाज के सम्मेलन में मुख्य अतिथि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित हुए। इस अवसर पर स्व दिलीप सिंह जूदेव जी का वर्णन करते हुए भुईयां समाज के वरिष्ठों ने कहा कि जूदेव जी से समाज का शुरू से आत्मीय संबन्ध रहा और उनके अथक प्रयासों से सैकड़ों वर्षा बाद समाज को संवैधानिक अधिकार मिला। 

    मुख्य अतिथि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि भुईयां समाज का अनमोल विरासत हम सभी को गौरवांवित करता है। भुईयां समाज के पूर्वजों के त्याग, तपस्या और बलिदान सराहा एवं उन महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी।  साथ ही धर्मांतरण जैसे घोर षड्यंत्र से समाज को सचेत किया और कहा कि धर्मांतरण माफ़िया धर्मांतरण के माध्यम से हमको तोड़ रहे है। इसीलिए इनको मुँहतोड़ जवाब देना है। आप सभी  मिलकर संगठित रहेंगे तो अपने अमूल्य विरासत को सुरक्षित रख पाएंगे। 

    अनुसूचित जाति और जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध मोदी सरकार l

    प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा भाजपा अनुसूचित जनजाति विकास के लिए प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पिछले 9 वर्षों से अपनी अनेक योजनाओं के द्वारा जनजाति के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। हमें जनजाति वर्ग से सामाजिक संपर्क साधते हुए यह उन तक यह बात प्रेषित करनी है।

  • कुनकुरी विधायक यू. डी. मिंज ने किया दुलदुला के ग्रामीण क्षेत्र का दौरा, ग्रामीणों से की मुलाक़ात कहा जनता के लिए हूँ समर्पित तो ग्रामीणों ने भी कहा ऐसा विधायक नहीं देखा, क्षेत्र के विकास के लिए प्रयत्नशील है एमएलए 

    ग्रामीणों ने कहा पहले विधायक देखे सालों गुजर जाता था, ये विधायक तो आता है, मिलता है सुनता है समस्याएं दूर करता है, क्षेत्र के विकास के काम करता है

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कुनकुरी/जशपुर

    संसदीय सचिव एवं विधायक यू. डी. मिंज विधानसभा क्षेत्र के दुलदुला गाँव के अनेक गाँव का सघन दौरा कर ग्रामीणों से मुलाक़ात की। उन्होंने इस दरमियान जनता की समस्याऐं सुनी और सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया.

    क्षेत्र भ्रमण के दौरान सरइटोला एवं सरबबहला में जनता से मिलकर विधायक यू. डी. मिंज कहा कि “भूपेश है तो भरोसा” उन्होंने बताया कि सरकार के मुखिया विकास के लिए काटिबद्ध मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्षेत्र की जनता की हर समस्या दूर करने का प्रयास किया है, दुलदुला क्षेत्र के विकास लिए अनेक स्वीकृति दी है चाहे वह सड़क बिजली पानी पुल पुलिया की हो या लोगों की जरुरत की हो. उन्होंने कहा कि यह सब आप सबके आशीर्वाद से संभव हुआ है किसान भाइयों, महिलाओं युवाओं के सहयोग से हुआ. आदरणीय मुख्यमंत्री जी हर किसी के लिए कर रहे है बेरोजगार को नौकरी के लिए 18 हजार से अधिक भर्ती निकाली है, बेरोजगार युवाओं को अब नौकरी के लिए फार्म भरने का फीस नहीं देना पड़ता है साथ में बेरोजगारी भत्ता भी दे रहे है, किसानों का धान खरीद रहे है, आने वाले समय में बीस क्विंटल धान अधिक दाम 2800 रु में खरीदने की तैयारी है. बच्चों को सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम स्कुल खोल रहे है, क्षेत्र की लगभग सड़कें बन चुकी है बिजली की समस्या दूर होगई है  मुख्यमंत्री जी ने ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका, मितानिन, शासकीय कर्मचारियों सभी की माँग मानी है जो छोटी बडी समस्या है वह भी दूर होगी, मुख्यमंत्री ने अनेक योजना ऐसी शुरु की है जिसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है।

    ग्रामीणों ने कहा कि पहले तो हमलोग को विधायक को देखें सालों गुजर जाता था लेकिन अब हम लोग विधायक को पहचानते उनसे बात करते है अपनी समस्या बता सकते है ऐसा विधायक हमने कभी देखा नहीं जैसा आज देख रहे है जो मिलने आता है,सबका सुनता है समस्याऐं सुलझाता है बीमारी में इलाज करवाता है, विकास के काम करवाता है विधायक तो ऐसा ही होना चाहिए जो दिन रात जनता का काम करे।

    बुजुर्गो का लिया आशीर्वाद

    क्षेत्र भ्रमण को दौरान विधायक यू. डी. मिंज ने बुजर्गो का आशीर्वाद लिया दुलादुला क्षेत्र के बुजुर्ग माता बहने और ग्रामीण प्रसन्न होकर विधायक को आशीर्वाद दिया उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अब पहले जैसी समस्या नहीं है. कोई समस्या होने से भी विधायक को पता लगने से उसका जल्द समाधान हो जाता है.

  • आदिवासी महिला का अपमान किया जा रहा है भाजपा नेताओं के द्वारा – वंदना राजपूत

    आदिवासी महिला का अपमान किया जा रहा है भाजपा नेताओं के द्वारा – वंदना राजपूत

    सुश्री लता उसेंडी को श्रीमती लिखना अपमानजनक

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा की भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की आदत हो गई है आदिवासी महिलाओं का अपमान करना। भाजपा बेहोशी में काम करती है जिसके कारण श्रीमती लता उसेंडी कहकर संबोधित किया जा रहा है। जबकि सुश्री लता उसेंडी भारतीय जनता पार्टी की विभिन्न पदों पर रहकर कार्य किए हैं और कई सालों से भारतीय जनता पार्टी के साथ कार्य कर रही हैं। श्रीमती लता उसेंडी लिखकर एक कुंवारी लड़की का अपमान कर रहे हैं। भाजपा नेता सुश्री लता उसेंडी का उपहास उड़ाया जा रहा है। बस्तर की बेटी का इस तरह का उपहास महिलाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। सुश्री लता उसेंडी को भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने पर बधाई शुभकामनाएं लेकिन भाजपा के नेताओं को उसेंडी जी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने पर रास नहीं आ रहा है इसीलिए बेहोशी में सुश्री लता उसेंडी को श्रीमती कह कर के अपमान कर रहे हैं। क्यों भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को तकलीफ होती है जब एक आदिवासी महिलाएं आगे बढ़ती है। आज उसेंडी जी का अपमान कर पूरे बस्तर की आदिवासी समाज का अपमान किया गया है।

  • मोदी सरकार के किसान विरोधी नीतियों के चलते खेती करना हुआ घाटे का सौदा, भूपेश सरकार चालू खरीफ वर्ष में प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदेगी – धनंजय सिंह ठाकुर

    मोदी सरकार के किसान विरोधी नीतियों के चलते खेती करना हुआ घाटे का सौदा, भूपेश सरकार चालू खरीफ वर्ष में प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदेगी – धनंजय सिंह ठाकुर

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि देश की 78 प्रतिशत आबादी की जीविका का प्रमुख आधार खेती और किसान दोनों बदहाल हो चुके है। मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में खेती घाटे का व्यवसाय बन गयी। डीजल के बढ़े दाम, उर्वरकों की कीमत और कृषि यंत्रों के दाम दोगुने होने के कारण खेती का लागत मूल्य दोगुना हो गया और किसानों का समर्थन मूल्य मोदी राज में मात्र 17 प्रतिशत के औसत से ही बढ़ा है। मोदी राज देश के किसानों के लिये आपदा का काल साबित हो रहा है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी ने 2014 के चुनाव के पहले वायदा किया था 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जायेगी तथा कृषि उपज के लागत मूल्य का ज्यादा समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा लेकिन स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशो को मानने का भरोसा दिलाने वाले मोदी ने हर साल किसानों से धोखा किया। मोदी और भाजपा किसान से दो बड़े वादे कर सत्ता में आए। पहला वादा था, किसान के समर्थन मूल्य की लागत$50 प्रतिशत मुनाफा पर निर्धारित करना। दूसरा वादा था कि इस मूल्य निर्धारण के फॉर्मूले से साल 2022 तक देश के 62 करोड़ किसान की आय दोगुनी हो जाना। दोनों बातें सफेद झूठ साबित हुई है। किसान साल दर साल ठगे जाते रहे।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार की अपेक्षा कांग्रेस सरकार में छत्तीसगढ़ में किसान ज्यादा खुशहाल है। चालू खरीफ सीजन में भूपेश बघेल की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी करेगी जो इस बार किसानों को धान की कीमत प्रति क्विंटल 2800 रूपये की दर से मिलेगा। छत्तीसगढ़ के किसानों को उनकी उपज की सबसे ज्यादा कीमत मिलता है। छत्तीसगढ़ में 20 लाख किसानों का कर्जा माफ कांग्रेस सरकार ने किया। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद खेती का रकबा बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर हो गया तथा खेती करने वाले किसानों की संख्या 12 लाख से बढ़कर 26 लाख हो गयी। छत्तीसगढ़ में धान का खरीदी भी 55 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 107 लाख मीट्रिक टन हो गया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद किसानों की आत्महत्या का दौर खत्म होकर खुशहाली का दौर शुरू हो गया। रमन राज में 15000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या किया था जो अब छत्तीसगढ़ का किसान आत्महत्या नहीं करता है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों के साथ मोदी सरकार लगातार धोखेबाजी कर रही है। यूपीए सरकार के 10 सालों में धान के समर्थन मूल्य में 142.85 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गयी थी। जब मनमोहन सरकार बनी तब धान का समर्थन मूल्य 560 रू. था, मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार में धान का समर्थन मूल्य बढ़कर 1360 रू. हो गया था। मोदी सरकार के 10वें साल में धान का मूल्य अब जाकर 2183 रू.घोषित हुआ है जो यूपीए सरकार में मिलने वाली कीमत में मात्र 60.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी है।

  • मोदी राज में सब्जियों और रोजमर्रा सामानों के दाम दुगुने हो गये, मोदी सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां मिलकर जनता को लूट रही है, क्रूड ऑयल की कीमत में 35 प्रतिशत तक गिरावट लेकिन जनता महंगे दरों में पेट्रोल डीजल खरीदने मजबूर – दीपक बैज

    मोदी राज में सब्जियों और रोजमर्रा सामानों के दाम दुगुने हो गये, मोदी सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां मिलकर जनता को लूट रही है, क्रूड ऑयल की कीमत में 35 प्रतिशत तक गिरावट लेकिन जनता महंगे दरों में पेट्रोल डीजल खरीदने मजबूर – दीपक बैज

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि 100 दिनों में महंगाई कम कर जनता को राहत देने की गारंटी देकर सत्ता में आने वाले मोदी सरकार की मुनाफाखोरी के नीति के चलते जनता आज महंगाई से परेशान हैं मोदी सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां संगठित होकर जनता से पेट्रोल डीजल में मुनाफा कमा रही है। जनता महंगाई से बेहाल है। मोदी सरकार खुद के मुनाफा और पेट्रोलियम कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए क्रूड ऑयल की कीमत में 35 प्रतिशत की कमी का फायदा जनता को नहीं दे रही है।बीते 9 साल में मोदी सरकार ने पेट्रोल डीजल में भारी भरकम एक्साइज ड्यूटी लगाकर 30 लाख करोड़ रुपए गरीब जनता की जेब से निकाल लिया है और अब पेट्रोलियम कंपनियों को संरक्षण देकर उनके फायदा के लिए काम कर रही है। गरीब जनता महंगाई से कहरा रही है उनकी पीड़ा को केंद्र की सरकार अनसुना कर रही है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने मोदी सरकार से पूछा जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल के दाम में 35 प्रतिशत तक की गिरावट आई है फिर देश के भीतर पेट्रोल डीजल की दरों में 35 प्रतिशत की कमी क्यों नहीं की गई? पेट्रोल डीजल के दामों में 35 प्रतिशत की कमी की जाती और एक्साइज ड्यूटी मनमोहन सरकार के दौरान की ली जाती तो देश की जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिलता। आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी 30 से 35 प्रतिशत की कमी आती।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते सब्जी की कीमत में शत प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है दवाइयों के कीमत में 30 प्रतिशत किताब, कापी, स्टेशनरी, जूता, चप्पल के दाम में 20 प्रतिशत खाद्य तेल, दाल, शक्कर, कपड़ा, टोल टैक्स, ऑटो पार्ट्स, टायर, ट्यूब, आयल, ग्रीस, सौंदर्य प्रसाधन सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम में 2014 के मुकाबले 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि पिछले एक महीने में टमाटर 160 पर है, धनिया 200 की है, अदरक 400 की है, मिर्ची 400 की है, लहसुन 130 का है, परवल 80 का है, अरबी 80 की है, भिंडी 70 की है और जो मोदी जी महंगाई की मार से बचाने का वादा कर के सत्ता में आये थे, उन्होंने आंख पर ऐसी पट्टी बांधी कि पिछले 9 साल से खुली नहीं है। उनके राज में 2013 से 2023 के बीच में आटे के दाम में 46 प्रतिशत, आटा… कॉमन फ्लोर के दाम में 46 प्रतिशत वृद्धि हुई है। चावल 25 रुपए किलो बिकता था, अब 36 के ऊपर पहुंच गया है; दाल जो 72 की थी वो 160-170 के बीच की मिल रही है; सरसों का तेल 90 से दोगुना हो कर 185 पार कर चुका है और नमक। हमारे बस्तर की तरफ़ कहा जाता है कि भाजी-दाल न हो तो नून से खा लीजिए रोटी। तो वाकई में जो लोग मोदी को लाए थे और ये वादा किया था कि नमक-रोटी खाएंगे, उनको नमक के लिए भी मजबूर कर दिया है। नमक का दाम जो कभी 13 रुपए होता था, वो 20 के ऊपर है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि समानो के दामों में आग लगी हुई है, आसमान छू रही है। एक और चीज़ की जा रही है आपकी आंखों में धूल झोंककर, आपकी जेबों पर डाका पड़ रहा है। वज़न घटाया जा रहा है पैकेटों का और या तो दाम वही रखा जा रहा है या दाम बढ़ाया जा रहा है। पारले-जी का पैकेट है गांव, शहर, देहात कहीं भी जाइए ये छोटा पैकेट खूब बिकता है। ये छोटे पैकेट का दाम 5 रुपए लेकिन अब ये 50 ग्राम का हो गया है, पहले ये 80 ग्राम का था, 30 ग्राम कम कर दिया गया, दाम वही रखा गया है। तो ये बिस्कुट बढ़ा महंगा हो गया है। ये चाय की पत्ती है पहले 50 रुपए में 250 ग्राम मिलती थी, अब 70 रुपए में 200 ग्राम मिल रही है। जब हम लोग गांव जाते हैं तो लोग बिस्कुट का पैकेट ज़रूर खिलाते हैं, चाय पिलाएंगे, बिस्कुट खिलाएंगे। ये 30 ग्राम कम कर दिया, दाम वही रखे ये 50 रुपए का मिलता था 250 ग्राम, अब 70 रुपए का और वज़न 200 ग्राम। ये नमकीन के कुछ पैकेट मैं लाई हूं 10 रुपए में पहले 65 ग्राम नमकीन बिकता था, ये पैकेट है आप लोगों के सामने. अब 10 रुपए में 32 ग्राम नमकीन बिक रहा है मतलब आधा कर दिया, 33 ग्राम इस नमकीन के पैकेट को कम कर दिया गया।

  • पत्रकार वार्ता : गोठान गांव वालों द्वारा संचालित योजना भ्रष्टाचार भाजपा की दिमागी फितूर, गौशाला के नाम पर 1667 करोड़ का भ्रष्टाचार रमन राज में हुआ था – कांग्रेस

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। मुद्दाविहीन भाजपा राज्य सरकार के जनहित के कामों का विरोध नहीं कर पा रही है तो सफल योजनाओं में झूठे आरोप लगाकर अपनी भड़ास निकालती है। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में 9790 गोठान बनाकर राज्य के पशओं के संरक्षण उनकी देख रेख का अभिनव प्रयास किया है। यह पूरी योजना गांव वालों के सहयोग, ग्रामवासियों के द्वारा बनाई गयी गोठान समितियों तथा गांव के बहनों के स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालित होती है भाजपा इस योजना पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगा कर ग्राम वासियों के निष्ठा ईमानदारी पर सवाल खड़ा कर रही है। गोठानों में भ्रष्टाचार के आरोप भाजपा का दिमागी फितूर है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने प्रदेश में 10894 गोठान स्वीकृत किया जिसमें 9790 गोठानो का निर्माण किया, इन गोठानो के माध्यम से पूरे प्रदेश में 3 लाख 50 हजार एकड़ जमीन चारागाह के लिए आरक्षित है। एक ओर जहां रमन राज में 1000 एकड़ सरकारी जमीन का बंदरबाट हुआ, कांग्रेस सरकार ने साढ़े तीन लाख जमीन आरक्षित किया।

    भाजपा के ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैविक खाद के बढ़ावा देने के नाम पर उर्वरकों की सब्सिडी में 35 प्रतिशत कटौती की घोषणा करते है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव छत्तीसगढ़ में वर्मी कंपोस्ट का विरोध करते है। भाजपा बतायें मोदी का स्टैंड सही है या साव का। मोदी गोधन न्याय योजना का नाम बदलकर अपने बजट में शामिल करते है। भाजपा की 8 राज्य सरकार गोठान योजना को अपने यहां लागू करने की योजना बनाती है छत्तीसगढ़ के भाजपाई विरोध करते है।

    पूरे देश में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार देश की अकेली सरकार है जो गौसेवा के लिये गांव के गोधन एवं अन्य पशुओं के लिये गोठान बना कर गोसेवा कर रही है तो भाजपा को इसमें भी पीड़ा हो रही। भाजपा गोठानों को बदनाम करने के लिये अभियान चला रही जबकि गोठानों और गोधन न्याय योजना की तारीफ पूरे देश में हो रही। भाजपा गोठानों में भ्रष्टाचार की बात कर अपनी खीझ निकाल रही है। भाजपा को गोठान और गौशाला के बीच का मूल फर्क ही नहीं मालूम। गोठान छत्तीसगढ़ की वर्षों की पुरातन परंपरा है, हमारी सरकार ने गांवों के उसी गोठान को संवारने का काम किया है। 15 सालों तक भ्रष्टाचार करने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार नजर आता है। भ्रष्टाचार तो 15 सालों तक रमन राज में होता था।

    रमन राज में गौशालाओं के नाम पर 1677.67 करोड़ रू. भाजपाईयों ने गौशाला के नाम पर डकारा। रमन राज में 15 साल में 17000 से अधिक गायों की मौतें भूख से, बिना चारा पानी के तड़प कर हुई।

    15 साल में गौशाला के नाम से भाजपा नेताओं ने गौमाता का अनुदान को खाया, गौशाला के नाम से सरकारी जमीनों को आवंटित कर निजी उपयोग किया। आज गोधन के संरक्षण की बेहतर व्यवस्था हो रही तो इनको पीड़ा हो रही है।

    15 साल तक गौशालाओं को प्रतिदिन आहार के नाम पर 115 गौशालाओं को प्रतिदिन 28 लाख 75 हजार रु. से अधिक राशि दिया जाता था। इसकी कुल राशि होती है एक साल में 1 अरब 4 करोड़ 93 लाख 75 हजार, 15 साल में 1560 करोड़ का गौशालाओं में चारा के नाम पर दिया गया।

    20 हजार रु. पशुओं की दवाइयों के लिए हर माह दिया जाता था प्रत्येक गौशाला को एक साल में 2 लाख 40 हजार रुपया दिया गया। 115 गोशाला को एक साल दवाई के नाम से 2 करोड़ 76 लाख रु. 15 साल में 41.5 करोड़ रु. के करीब दिया गया। शेड निर्माण, बोरवेल, बिजली व्यवस्था के अलावा अन्य खर्चों के नाम से 76 करोड़ रू. बंदरबांट किया।

    गौशाला को लगभग 5 से 10 एकड़ सरकारी जमीन आवंटित किया गया। 15 साल में लगभग 1000 एकड़ से अधिक के जमीन, भाजपा नेताओं ने गौशाला के नाम से लिया और उसका निजी उपयोग किया।

    रमन सिंह के 15 सालों में गायों की सेवा के नाम पर भाजपा और आरएसएस के लोगों ने गायों को भूखा रख कर अपना पेट भरा, भाजपा राज में 17000 से अधिक गायों की मौतें हुई थी जिसके लिये हमने विपक्ष में रहते आंदोलन किया था।

    दुर्ग जिले धमधा के राजपुर की गौशाला में गायें चारे-पानी के अभाव में भूखे मर गयी। दुर्ग के दशंरगपुर गौशाला में सैकड़ों गाय मृत पायी गयी थी, हरीश वर्मा के रिश्तेदारों की दो अन्य गौशालाएं में भी जहां गायें मृत पायी गयी थी। कांकेर के कर्रामाड़ में इलाज, चारा, दाना के अभाव में से गायों की मौत हुयी थी। दुर्गकोंडल में गाय की मौत। रायगढ़ स्थित चक्रधर गौशाला में गायों की मौत। कर्रामाड़ में गायों की मौत। धमतरी जिला की गौशाला में गाय की मौत। गरियाबंद की गौशाला में, महासमुंद बागबाहरा गौशाला में गाय मरी। इन गौशालाओं में गायों की मौतों के मामलो में कांग्रेसजनों ने विपक्ष में रहते आंदोलन भी किया था। पंखाजुर की गौशाला में, गोंडमर्रा बेमेतरा की गौशाला में, ग्राम रानी साजा के गोरक्षा केंद्र में, बिलासपुर के पथरिया में, कोरबा की गौशाला में गायों की मौत हुई थी। पूरे प्रदेश में रमन राज में गाय मरती भाजपाई अपना पेट भरते रहे।

    पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, राम गिडलानी, प्रकाश मणी वैष्णव, विकास विजय बजाज, सत्य प्रकाश सिंह उपस्थित थे।

  • भूपेश बघेल की वादाखिलाफी ने ली संविदा कर्मचारी की जान, सिंहदेव और चौबे अब भी दे रहे विरोधाभासी बयान, कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगा छत्तीसगढ़ – ओपी चौधरी

    भूपेश बघेल की वादाखिलाफी ने ली संविदा कर्मचारी की जान, सिंहदेव और चौबे अब भी दे रहे विरोधाभासी बयान, कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगा छत्तीसगढ़ – ओपी चौधरी

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे संविदा कर्मचारियों में शामिल मोतीलाल कौशिक की मृत्यु पर गहन शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार की वादाखिलाफी ने मोतीलाल की जान ली है। उनकी यह शहादत व्यर्थ नहीं जायेगी ।छत्तीसगढ़ की जनता और कर्मचारी कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगे।

    भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिसे कांग्रेस ने नहीं ठगा।सत्ता में आने के लिए हर वर्ग से झूठ बोला। सत्ता में आने के बाद सभी को धोखा दिया। कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया था। तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए भूपेश बघेल ने 10 दिन में नियमितीकरण का लिखित वादा किया था। लेकिन आज इनके जन घोषणा पत्र के निर्माता और चंद महीने के उप मुख्यमंत्री सिंहदेव बयान दे रहे हैं कि संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने में मुश्किल है। दूसरी तरफ इनके संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे कह रहे हैं कि कैबिनेट में चर्चा कर रहे हैं। यह झूठा आश्वासन और छलावा पौने 5 साल से कर रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसी बीच पंडरिया में हड़ताली संविदा कर्मी की मृत्यु हो गई। कांग्रेस ने जो वादाखिलाफी की है उसके लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं किया जा सकता। भूपेश बघेल की वादाखिलाफी के शिकार हुए संविदा कर्मचारी का बलिदान छत्तीसगढ़ हमेशा याद रखेगा। कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता सारी सीमाएं लांघ चुकी है। भाजपा ने संविदा कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया है।   कांग्रेस ने नियमितीकरण का वादा अपने झूठ फरेब के दस्तावेज में किया था। इसी वादे को पूरा करने की मांग पर प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को अन्न जल का त्याग करने मजबूर होना पड़ा है। एक कर्मचारी भूपेश बघेल की धोखेबाजी की वजह से जान से हाथ धो बैठा। उसकी चार माह की बच्ची अनाथ हो गई। चार माह बाद इन मजलूमों की आह कांग्रेस को भी यतीम कर देगी।