Category: राजनीति

  • देश का विकास हो रहा है और कांग्रेस का विनाश इसलिए कांग्रेस की मति विस्मित हो रही हैं – केदार कश्यप

    देश का विकास हो रहा है और कांग्रेस का विनाश इसलिए कांग्रेस की मति विस्मित हो रही हैं – केदार कश्यप

    मोदी सरकार की आदिवासी हितैषी नीतियों से बौखलाई कांग्रेस – भाजपा

    केन्द्र की मोदी सरकार ने आदिवासी समाज के बजट को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाया इससे कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है

    कांग्रेस ने आदिवासियों को केवल नचाया, भाजपा के राज में दिल्ली में तिरंगा फहरा रहे है – केदार कश्यप

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा महामंत्री व राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस की टीका टिप्पणी के संदर्भ में आज यहां भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विकास हो रहा है, राष्ट्रहित की नीतियों को लागू करने के कारण भाजपा को मिल रहे अपार जनसमर्थन से कांग्रेस का विनाश हो रहा है। वह सिमटकर तीन राज्यों में ही सत्ता में रह गई है। देश के विकास और अपने विनाश से कांग्रेस बौखला गई है उसके भविष्य की कोई गारंटी नहीं है कि वह बचेगी अथवा गांधी जी की इच्छा को जनता पूरी कर देगी, इसलिए कांग्रेस के नेताओं की मति भ्रष्ट हो गई है। कांग्रेस आचरण से तो भ्रष्ट हमेशा से रही है अब मानसिकता से भी पथभ्रष्ट हो गई है।

    कांग्रेस चाहती ही नहीं कि आदिवासी समाज का कोई व्यक्ति देश के सर्वोच्च पद पर आसीन रहे इसलिए कांग्रेस के नेता बार-बार राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर टिप्पणी करने से बाज नहीं आते। आदिवासियों से नफरत के चलते कांग्रेस के सांसद खुद को राष्ट्रपति पर भी टिप्पणी करने से रोक नहीं पाए। यही कारण है कि इतिहास में पहली बार बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आधारहीन टिप्पणी करके राष्ट्रपति को अपमानित करने की धृष्टता कांग्रेस ने की। उनके अभिभाषण को राजनीति से प्रेरित बताया।

    ऽ     जब राष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में द्रौपदी मुर्मू समर्थन मांगने छत्तीसगढ़ आयी तो किसी भी कांग्रेसी नेता ने उनसे  मिलने की जरूरत भी महसूस नहीं की।

    ऽ     आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति न बने इसके लिए कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति का समर्थन किया जो खुद उनकी पार्टी का नेता नहीं था और एक आदिवासी की बेटी राष्ट्रपति न बन पाए इसके लिए पूरी ताकत लगाई।

    ऽ     जब द्रौपदी मुर्मू जी ऐतिहासिक बहुमत से विजयी होकर राष्ट्रपति निर्वाचित हो गईं तब लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी की अधीरता इतनी निम्नता पर उतर गई कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपत्नी कहा गया।

    ऽ     छत्तीसगढ़ में एक आदिवासी समाज की बेटी महामहिम राज्यपाल महोदया पर लगातार अनर्गल टिप्पणी करके उनको नीचा दिखाने का काम कांग्रेसियों द्वारा लगातार किया जा रहा है।

    केन्द्र की मोदी सरकार ने आदिवासी समाज के बजट को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाया इससे कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है।

    ऽ     केन्द्र की मोदी सरकार ने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए मिनिस्ट्री ऑफ ट्राईबल अफेयर्स के बजट को पिछले वर्ष की तुलना में 70 प्रतिशत बढ़ा दिया वहीं कांग्रेस की सरकार में वर्ष 2013-14 से तुलना करें तो आदिवासी वर्ग के लिए बजट को 190 फीसदी बढ़ाया गया। जबकि कांग्रेस सरकार इसे प्रतिवर्ष 5 फीसदी भी नहीं बढ़ाती थी।

    ऽ     केन्द्र की मोदी सरकार ने  मात्रात्मक त्रुटि को सुधारकर  लाखों जनजाति समुदाय के लोगों को इसका अधिकार दिया।

    ऽ     कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को नचाने का काम किया और आज भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासियों को देश का सर्वोच्च पर दिलाया है।

    ऽ     मिनिस्ट्री ऑफ ट्राईबल अफेयर्स का बजट वर्ष 2013-14 में मात्र 4,295 करोड़ रुपए था जो कि अब वर्ष 2023-24 में लगभग 12,462 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

    ऽ     जनजाति समुदाय के लिए बजट बढ़ाने के साथ-साथ केन्द्र की मोदी सरकार ने कई नई योजनाएं एवं मिशन की घोषणा की है।

    ऽ     पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज लाभान्वित होने जा रहा है।

    ऽ     प्रधानमंत्री पीवीजीटी डेव्लपमेंट मिशन आदिवासी समाज के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक होगा।

    ऽ     महिलाओं में विशेष कर जनजाति समाज में होने वाली बीमारी एनिमिया जिसमें भूपेश सरकार की बदनीयति के कारण छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर है एवं प्रदेश की अधिकतर महिलाएं इस बीमारी से जूझ रही है। मोदी जी ने इस बजट में 2047 तक इस बीमारी को खत्म करने का संकल्प लेकर एक अलग मिशन की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस राज में केवल 3 वर्षों में 25 हजार बच्चों की मौत हुई जिसमें अधिकतर बच्चे आदिवासी थे।

    ऽ     जनजातीय समुदाय का शैक्षणिक विकास करने एकलव्य विद्यालयों में 38,800 शिक्षकों की भर्ती से कांग्रेस को पीड़ा क्यों है?

    ऽ     कांग्रेस क्यों नहीं चाहती कि आदिवासी संतानें शिक्षित हों, आदिवासी समाज प्रगति करे?

    ऽ     आदिवासी विकास की योजनाओं से कांग्रेस को आपत्ति क्यों है?

    ऽ     मिलेट्स पर विशेष प्रावधान से आदिवासी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा, इसमें कांग्रेस को क्या तकलीफ है?

    ऽ     प्रधानमंत्री विकास योजना में आदिवासी समाज की तरक्की से कांग्रेस को ऐतराज क्यों है?

    ऽ     कांग्रेस सरकार के छत्तीसगढ़ के आदिवासी नेता आदिवासियों के अपमान पर चुप क्यों है और वे बताएं कि आदिवासियों के विकास के लिए बजट को 190 फीसदी बढ़ाने पर क्या उन्हें आपत्ति है?

    ऽ     आदिवासियों के विकास के लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने से क्या उनके पेट में दर्द है?

    ऽ     क्यां कांग्रेस के आदिवासी नेता भी अपने मुखिया की तरह इस बात से सहमत है कि देश की राष्ट्रपति आदिवासी नहीं होनी चाहिए?

    ऽ     क्या छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी आदिवासी नेता कांग्रेस नेताओं द्वारा किए जा रहे राष्ट्रपति के अपमान पर सहमत है?

    अगर नहीं तो आदिवासी विरोधी अपनी कांग्रेस पार्टी को यह समझाये कि भारत में आदिवासियों को अपमानित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा साथ ही भाजपा की सरकार रहते आदिवासियों के विकास को कोई नहीं रोक सकता। पत्रकारवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, पूर्व विधायक भोजराज नाग, प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी, राजाराम तोड़ेम, सत्यानंद राठिया,  उधेश्वरी पैकरा एवं परमेश्वरी राजवाड़े मौजूद रहें।

  • बिना भ्रष्टाचार के कांग्रेस सरकार कोई कार्य नहीं करती है – महामंत्री विजय शर्मा

    बिना भ्रष्टाचार के कांग्रेस सरकार कोई कार्य नहीं करती है – महामंत्री विजय शर्मा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार ने मोटा अनाज (मिलेट्स)  को बढ़ावा देने के लिए 2023 को मोटा अनाज वर्ष घोषित किया और फिर उनके प्रयास से ही 2023 विश्व  अंतराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष मना रहा है। मोटा अनाज को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में केंद्र सरकार ने प्रावधान किया ताकि उत्पादक इससे प्रेरित हो व उत्पादन करने वाले को लाभ मिले।

    विजय शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत के इस प्रयास के पीछे भारत को मोटे अनाज का वैश्विक केंद्र बनाना और अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 को ‘जन आंदोलन’ बनाने की सोच थी। भारत में एशिया का लगभग 80 प्रतिशत और विश्‍व का 20 प्रतिशत मोटा अनाज पैदा होता है।

    छत्तीसगढ़ में  भी बड़ी मात्रा में मोटे अनाज का उत्पादन होता है केंद्र सरकार की योजना से छत्तीसगढ़ के किसानों को लाभ होगा और इस हेतु केंद्र सरकार लगातार छत्तीसगढ़ को मदद कर रहा है। भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार बिना भ्रष्टाचार के कोई कार्य नहीं करती है यह एक बार फिर से  साबित हो गया।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार 17 से 19 फरवरी तक मिलेट्स कार्निवाल का आयोजन करने जा रही है और इस आयोजन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ स्टेट माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस ट्रेडिंग एंड डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड को दी गई है। इस संस्था में आईएफएस  स्तर के व्यक्ति एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। लेकिन इस आयोजन में भ्रष्टाचार करने के लिए वन विभाग के पैसे जिन 13 सरकारी बैंकों में जमा है उन्हें पत्र लिखकर दबाव बनाया जा रहा है कि आयोजन हेतु 25 -25 लाख रुपए वे दे। जबकि शासन दावा कर रही है कि उन्होंने इस आयोजन के लिए 1 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

    भाजपा प्रदेश महामंत्री विजय शर्मा ने कहा जनता शासन से जानना चाहती है कि जब उन्होंने आयोजन के लिए बजट जारी किया है तो अधिकारी बैंकों पर स्पॉन्सरशिप के लिए दबाव क्यों बना रहे हैं उन्होंने इस विषय पर अधिकारी व वन मंत्री की भूमिका की जांच की मांग की है।

  • भाजपा आदतन आदिवासी विरोधी – मोहन मरकाम

    भाजपा आदतन आदिवासी विरोधी – मोहन मरकाम

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भाजपा की पत्रकार वार्ता पर पलटवार करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण केंद्र सरकार द्वारा लिखित दस्तावेज होता जिसका परंपरागत रूप से राष्ट्रपति पठन करते है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में टीका टिप्पणी संसदीय परंपरा का हिस्सा रहा है। विपक्ष जिन बिंदुओं से असहमत होता है उस पर टिपपणी करता है। भाजपा इसको आदिवासी राष्ट्रपति से जोड़कर संसद, संविधान और राष्ट्रपति का अपमान कर रही है। भाजपा का चरित्र ही आदिवासी विरोधी है।

    भाजपा आदतन आदिवासी विरोधी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि आदिवासियों को लंगोट में रखने का षड़यंत्र तो भाजपा ने रखा था। भाजपा कभी नहीं चाहती कि आदिवासी आर्थिक और शैक्षणिक रूप से आत्मनिर्भर बने। भाजपा आदिवासियों को उनकी संस्कृति को हमेशा से दमन करना चाहती है। भाजपा यदि आदिवासियों का हित चाहती तो अभी तक आदिवासी समाज का आरक्षण बिल राजभवन में अटका नहीं होता। कोर्ट ने आदिवासी समाज का आरक्षण 32 प्रतिशत से घटाकर 20 कर दिया था। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर आदिवासी समाज का आरक्षण फिर से 32 प्रतिशत किया। ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत, एससी का 13 प्रतिशत तथा ईडब्ल्यूएस का 4 प्रतिशत आरक्षण किया। यह आरक्षण विधेयक भाजपा के षड़यंत्र के कारण राजभवन में रोका गया है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि पूर्व के रमन सरकार के दौरान सबसे ज्यादा पीड़ित, प्रताड़ित और शोषित आदिवासी वर्ग था। आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर कब्जा करने के लिए उनके कानूनी अधिकारों का हनन किया गया। आदिवासी वर्ग के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उनके मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी प्रकार से काम नहीं किया गया था। भाजपा ने 2003 में आदिवासियों को 10 लीटर दूध वाली गाय देने का वायदा किया था, हर आदिवासी परिवार से एक को सरकारी नौकरी का वायदा किया था, पूरा नहीं किया। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार के दौरान बस्तर के 600 गांव उजाड़े, तीन लाख से अधिक आदिवासियों को पलायन के लिए मजबूर किया गया। 1379 फर्जी प्रकरण दर्ज कर हजारों आदिवासियों को नक्सली बताकर जेल में बंद किया गया था जिसे जस्टिस पटनायक कमेटी के रिर्पोट के आधार पर रिहा किया गया। ऐसा कानून छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने लागू किया, नियम बनाएं। रमन सरकार आदिवासियों को जल जंगल जमीन के अधिकार से वंचित करती रही, लोहंडीगुड़ा में जमीन छीने, भूपेश सरकार ने ना केवल छीनी गई जमीन लौटाई बल्कि पौने पांच लाख एकल वनाधिकार पट्टे और 50 हज़ार सार्वजनिक पट्टे वितरित किए गए। हाल ही में मोदी सरकार ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों में संशोधन कर आदिवासियों के अधिकार को संकुचित किया। मोदी सरकार देश की पहली सरकार है जिन्होंने 2014 के बाद अंधाधुन कमर्शियल माइनिंग की अनुमति दी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने आदिवासी वर्ग के चहुमुखी विकास के लिए रोजगार मूलक योजनाएं बनाई। बस्तर क्षेत्र में आदिवासी के वर्ग शिक्षा के लिए 300 से अधिक बंद स्कूलों को खोला गया। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा के नीतियों के तहत काम किया गया। रमन सरकार के दौरान दस गांवों के 1707 आदिवासी परिवार से छीनी गई 4200 एकड़ जमीन को लौटाई गई, जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से मुक्त कराया गया। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रु से बढ़ाकर 4000 रु प्रति बोरा किया गया, 52 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी की गई, चरणपादुका खरीदने नगद राशि दी गई, बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया। 24827 व्यक्तिगत 20,000 से अधिक सामुदायिक व 2200 वन संसाधन पट्टे वितरित किए गए, 16 लाख से अधिक हेक्टर भूमि आदिवासी वर्ग को वितरित किया गया है। 4,38,000 से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। 44,300 से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। 2175 से अधिक वन संसाधन अधिकार ग्राम सभा को प्रदान की गई। मिलेट मिशन शुरू किया गया और बस्तर के वनोपज को देश-विदेश तक पहुँचाया गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, गन्ना, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मक्का, दलहन-तिलहन, फलदार वृक्ष, सब्जी लगाने वाले आदिवासी किसानों को 10,000 रू. प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। बिजली बिल हाफ की सुविधाएं। सिंचाई कर माफ किया गया। बस्तर बटालियन में स्थानीय युवाओं के नौकरी के द्वार खोले गए। एनएमडीसी में स्थानीय स्तर के युवाओं को रोजगार के अवसर दिया गया। आदिवासी वर्ग की बहुप्रतीक्षित मांग आदिवासी विकास प्राधिकरण में नेतृत्व देने की मांग को पूरा किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से आदिवासी वर्गों के विकास के रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हीं वर्ग को दी गई पेशा कानून को लागू करने के लिए प्रपोजल मंगाया जा रहे हैं एक मजबूत पेशा कानून बनाया गया है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के माध्यम से बीहड़ वन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुपोषित आहार पहुंचाया गया। 85 विकास खंडों में वनों उपज प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए आठ करोड 50 लाख रुपए प्राधिकरण मद से दिया गया। जनजाति सलाहकार परिषद छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग बैगा विकास अभिकरण चिराग परियोजना, आमचो बस्तर के माध्यम से कॉफी, काजू, हल्दी जो बस्तर में उत्पादित होते हैं, उनकी ब्रांडी की गई। महारानी अस्पताल का उन्नयन किया गया। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण हेतु देवगुड़ी का विकास। अधोसंरचना का विकास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा विद्युतीकरण, गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीदी पशुधन का नस्ल सुधार, पशुओं का संरक्षण एवं पशुपालकों को लाभान्वित किया जा रहा है, विश्व आदिवासी दिवस के दिन 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश, राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन सहित अनेक जनकल्याणकारी योजना बनाकर आदिवासी वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत सक्षम बनाने के लिए काम किया गया।  

  • अडानी के हेराफेरी, लूट के षड़यंत्र और फर्जीवाड़े पर मोदी मौन क्यों? अब तक न एफआईआर, न जांच का आदेश? – सुशील आनंद शुक्ला

    अडानी के हेराफेरी, लूट के षड़यंत्र और फर्जीवाड़े पर मोदी मौन क्यों? अब तक न एफआईआर, न जांच का आदेश? – सुशील आनंद शुक्ला

    देश की जनता का पैसा और भरोसा डुबाने में केवल अडानी ही नहीं मोदी भी भागीदार है

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला कहा कि हिंडेनबर्ग खुलासे के सप्ताह भर से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक ना कोई एफआईआर, ना किसी भी तरह की जांच का आदेश? आखिर मोदी सरकार मौन क्यों है? हिंडनर्बग के रिपोर्ट में उजागर आर्थिक अनियमितता, मनी लांड्रिंग, ब्लैक मनी और विदेशों में फर्जी सेल कंपनियां बनाकर किए जा रहे हैं फर्जीवाड़े पर भाजपा और मोदी सरकार को भी भागीदार है। अडानी से भाजपा को सपोर्ट मिलता है, चुनाव लड़ने के लिए पैसा मिलता है और इसीलिए अडानी को बचाने उसके फर्जीवाड़े पर मोदी सरकार पर्दा डाल रही है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला कहा कि विगत 7 दिन में 120 मिलियन डॉलर अर्थात 10 लाख़ करोड़ से अधिक आम जनता के मेहनत का पैसा डूब गया है, देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि आखिर सरकारी बैंकों से अडानी को अनुपातहीन लोन किस के दबाव में दिया गया? षड्यंत्र उजागर होने के बाद भी एलआईसी का पैसा क्यों दबाव पूर्वक अडानी की कंपनी में लगवाया जा रहा है?

    एलआईसी और एसबीआई देश की जनता का भरोसा है, जिसे षडयंत्र पूर्वक व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पूंजीपत मित्र पर लुटाया जा रहा है। लाखों करोड़ के मनी लांड्रिंग, ब्लैकमनी, विदेशों में फर्जी सेल कंपनी बनाकर अडानी की कंपनी में लगाने के तथ्य उजागर हुए हैं। बाजार में निगरानी रखने की जिम्मेदारी “सेबी“ की होती है, लेकिन मोदी सरकार के दबाव में सेबी भी मौन है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला कहा कि बेहद दुखद और निंदनीय है कि केंद्र की मोदी सरकार उसके वित्तमंत्री सीतारमन सहित भाजपा और आरएसएस के तमाम नेता जनता के हित में खड़े होने के बजाय बेशर्मी से अडानी के बचाव में उतर आए हैं। सेबी, सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स सहित तमाम केंद्रीय एजेंसियां पूरे प्रकरण में गायब है।

    केंद्रीय सदन लोकसभा और राज्यसभा में इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है, मोदी सरकार, संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) से जांच के कांग्रेस की मांग को भी अनदेखा करना यह साबित करता है कि इतने बड़े महाघोटाला, शेयरों की हेराफेरी और आर्थिक अपराध के षड्यंत्र में केवल अडाणी ही नहीं बल्कि मोदी भी भागीदार हैं।

  • बजट में एकमुश्त बेरोजगारी भत्ता दिलाएं कांग्रेस की छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा – अमित साहू

    बजट में युवाओं के बकाया 12500 करोड़ रुपए का करवा दें प्रावधान

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित साहू ने कांग्रेस की छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा से बजट में राज्य के बेरोजगार युवाओं को एकमुश्त बेरोजगारी भत्ता देने के लिए राशि का प्रावधान कराने की मांग करते हुए कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो युवाओं की सुनते नहीं है। आप कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी हैं, उम्मीद है आपकी वह सुनेंगे।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित साहू ने कहा कि कांग्रेस ने अपने जन घोषणापत्र में प्रदेश के 10 लाख बेरोजगार युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़कर प्रति माह ढाई हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। उस हिसाब से 50 माह बीतने के बाद प्रदेश के युवाओं को भूपेश बघेल सरकार से 12500 करोड़ रुपए लेना है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित साहू ने कहा कि पहले तो भूपेश बघेल पूरे प्रदेश में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर बताते रहे कि हमने 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया है। लेकिन अब वे मान गए हैं कि उन्होंने युवाओं को रोजगार नहीं दिया। तभी 26 जनवरी को उन्होंने घोषणा की है कि बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता देंगे। लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं बताया कि कितने युवाओं को कितने रुपए मासिक देंगे।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित साहू ने कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा से अनुरोध किया है कि भूपेश जी को बोलकर बजट में युवाओं के बकाया 12500 करोड़ रुपए का प्रावधान करवा दें। ताकि युवा पहले की तरह फिर से न ठगे जाएं।

  • भारत को विश्व गुरु बनने की ओर ले जाने वाला नए भारत की समृद्धि का बजट – बृजमोहन अग्रवाल

    भारत को विश्व गुरु बनने की ओर ले जाने वाला नए भारत की समृद्धि का बजट – बृजमोहन अग्रवाल

    निर्यात योजना से छत्तीसगढ़ के कोदो, कुटकी और रागी उत्पादक किसानों को होगा विशेष फायदा

    कैंसर की मुफ्त वैक्सीन पाने वाले राज्यों में अब छत्तीसगढ़ भी हो गया है शामिल

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने एकात्म परिसर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बजट में छत्तीसगढ़ के लिए विशेष ध्यान रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में अमृतकाल चल रहा है। जिसमें सभी वर्गों का कल्याण शामिल है। बजट में गरीब, आदिवासी, मध्यम वर्ग, महिला, युवा वर्ग और किसानों का विशेष ख्याल रखा गया है। यह बजट भारत की समृद्धि का बजट है। बजट के मूल में अंत्योदय विजन है। एक यह बजट मध्यम वर्ग, महिला व आत्मनिर्भर भारत का बजट है।

    पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान रखे गए हैं। जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट का आकार 39.44 लाख करोड़ से 12 प्रतिशत बढ़ाकर 45 लाख करोड़ कर लिया है।

    नई व्यवस्था के अंतर्गत अब 7 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। इससे 95 प्रतिशत मध्यमवर्गीय आयकर दाताओं को राहत मिलेगी।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का आवंटन 66 प्रतिशत से बढ़ाकर 79,000 करोड़ किया गया, परन्तु प्रदेश में विगत तीन वर्षों से भूपेश बघेल सरकार द्वारा राज्यांश नहीं देने के कारण लाखों मकान नहीं बन सके हैं।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री अन्न कल्याण योजना के तहत 80 करोड़ लोगों पर 2 लाख करोड़ खर्च किया जाएगा। प्रधानमंत्री अन्न कल्याण योजना में अब 2024 तक प्रतिमाह 5 किलो अतिरिक्त चावल की घोषणा की गई है। परन्तु छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार गरीबों का अन्न स्वयं डकार गई और 5000 करोड़ रुपए खा गई।

    पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खेती किसानी को बढ़ावा देने के लिए देश के 12 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है एवं 2 लाख करोड़ तक अनुदान। प्रदेश सरकार केवल 21 लाख किसानों का धान खरीदती है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार 36 लाख किसानों के खाते में हर वर्ष 6 हजार रुपए देती है। जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तो भूपेश बघेल कहते थे कि प्रदेश में 39 लाख किसान हैं और अब स्वयं 22 लाख किसानों का ही धान खरीद रहे हैं। बाकी 17 लाख किसान कहां गए ?

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि 1 करोड़ किसानों को जैविक खेती के लिए बजट में प्रावधान रखा गया है। लगभग 20 लाख करोड़ रुपए का ऋण किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलेट उत्पादों के तहत अब छत्तीसगढ़ में पैदा होने वाले कोदो, कुटकी और रागी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों को विशेष फायदा होगा। देश की 65 हजार सहकारी समितियों को कम्प्यूटरीकृत किया जाएगा।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अगले 3 सालों में 500 एकलव्य विद्यालयों में 38,800 शिक्षकों की भर्ती की जायेगी। छत्तीसगढ़ के 73 एकलव्य विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पद भरे जाएंगे जिससे युवकों को रोजगार मिलेगा एवं वनांचल में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त होगी।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि 3 वर्षों में 47 लाख युवाओं को सहायता प्रदान करने के लिए एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षुता योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण शुरू करने की घोषणा की गई है।

    इस बजट में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 33.4 प्रतिशत है, कुल पूंजीगत व्यय 10 लाख करोड़ है, जो देश में अधोसंरचना विकास में खर्च होगा। पैसा बाजार में आएगा व रोजगार बढ़ेगा।

    रेल्वे बजट 2.4 लाख करोड़ किया गया जो 2013-14 के बजट से 9 गुना अधिक है। इससे बिलासपुर जोन के 45 बड़े मध्यम और छोटे स्टेशनों में अमृत भारत योजना के तहत यात्री सुविधाओं का विकास होगा। रायपुर और बिलासपुर में मल्टी लेवल पार्किंग और यात्री प्रतीक्षालय बनेंगे। रायगढ़, राजनांदगांव, भाटापारा, भिलाई, डोंगरगढ़, तिल्दा में यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जनजातीय समूहों के विकास के लिए प्रधानमंत्री पीवीजीटी विकास मिशन शुरु होगा, अगले 3 साल में 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे आदिवासी बहुल्य छत्तीसगढ़ में बुनियादी सुविधा सड़क, बिजली आदि का विकास होगा।

    सिकलसेल एनीमिया को खत्म करने का मिशन केन्द्र सरकार ने हाथ में लिया है। इस बीमारी से प्रभावित छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी को बड़ी राहत मिलेगी।  5G एप के लिए 100 नई प्रयोगशाला शुरू करने की नीति में भी छत्तीसगढ़ सर्वोच्च प्राथमिकता में है।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्व कर्मा कौशल सम्मान योजना की शुरूआत होगी। जिसके तहत हमारे शिल्पकार एवं कारीगर को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा। हमारे साफ-सफाई कर्मचारियों को अब आधुनिक मशीन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। 81 लाख महिलाओं का सशक्तिकरण किया जाएगा एवं महिलाओं को बचत पर 2 लाख रुपए पर 7.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। देश के 50 एयरपोर्ट का नवीनीकरण किया जाएगा।

    पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पहले हमारे देश की आर्थिक स्थिति दुनिया में दसवें नंबर पर थी और अब 5 वें पहले नंबर पर हैं। कोरोनाकाल में जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की दौर से गुजर रही है तो आज भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से विकास कर रहा है। देश में आज 5.6 प्रतिशत की दर से वृध्दि हो रही है। देश में 7 फीसदी की विकास दर करने की कोशिश होगी।

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जी को विकासोन्मुखी बजट पेश करने पर बधाई देते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कैंसर की मुफ्त वैक्सीन पाने वाले राज्यों में अब छत्तीसगढ़ भी शामिल हो गया है। संवाददाता सम्मेलन में जिलाध्यक्ष रायपुर शहर जयंती पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, जिला महामंत्री ओंकार बैस एवं रमेश ठाकुर मौजूद रहे।

  • कुमारी शैलजा बजट में पीएम आवास के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार से राज्यांश का कराएं प्रावधान – रंजना साहू

    कुमारी शैलजा बजट में पीएम आवास के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार से राज्यांश का कराएं प्रावधान – रंजना साहू

    शैलजा जी टीएस सिंहदेव जी से पूछ लीजिए, छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास नहीं बने हैं

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विधायक रंजना साहू ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश न देने पर महिलाओं को हो रही परेशानी पर कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि आप महिला हैं और घर न होने से महिलाओं को कितनी तकलीफ होती है, यह दर्द आप बखूबी समझ पाएंगी।

    भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो छत्तीसगढ़ की महिलाओं का दर्द समझते नहीं हैं। आप जानती ही हैं कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बजट में प्रधानमंत्री आवास के लिए 66 प्रतिशत राशि की बढ़ोतरी कर दी है। परंतु पिछले 3 वर्षों से भूपेश बघेल जी द्वारा राज्यांश न देने के कारण छत्तीसगढ़ में 16 लाख प्रधानमंत्री आवास नहीं बन पा रहे हैं।

    भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा कि आपसे अनुरोध है कि मुख्यमंत्री जी से कहकर बजट में राज्य के अंश की व्यवस्था करवा दें। ताकि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास बनना प्रारंभ हो सकें।

    भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कांग्रेस प्रभारी से कहा है कि अगर आपको अधिक जानकारी लेनी हो तो पंचायत मंत्री पद त्यागने वाले वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव जी से पूछ लीजिए। वे इस बारे में विस्तार से तथा बेहतर तरीके से बता पाएंगे।

  • भूपेश बघेल द्वारा रामायण की समीक्षा की बात कहना घोर निंदनीय, सनातन संस्कृति के अपमान पर मुख्यमंत्री देश से माफी मांगें – बृजमोहन

    भूपेश बघेल द्वारा रामायण की समीक्षा की बात कहना घोर निंदनीय, सनातन संस्कृति के अपमान पर मुख्यमंत्री देश से माफी मांगें – बृजमोहन

    कांग्रेसी सनातन संस्कृति के अपमान का एक भी मौका नहीं छोड़ते है, कांग्रेसी पहले ही प्रभु श्रीराम के चरित्र को काल्पनिक मानते हैं

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संस्कृति धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रामायण की समीक्षा की बात की है, यह घोर निंदनीय है। रामायण प्रभु श्री राम की मानव जीवन लीला का चित्रण है। उनके चरित्र से सनातन संस्कृति प्रेरणा लेती है कि समाज में, परिवार में कैसे संबंध होने चाहिए। रामायण भगवान श्री राम की जीवन लीला के माध्यम से बताती है कि भाई से, परिजनों से, कैसे संबंध होने चाहिए। संबंधों का महत्व क्या होता है, संबंधों का सम्मान कैसे किया जाता है।

    पूर्व मंत्री विधायक बृजमोहन अग्रवाल

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सौतेली मां की इच्छा पूरी करने, पिता की आज्ञा पर, प्रभु श्री राम 14 वर्ष के वनवास पर गए। अनुज लक्ष्मण उनके साथ वन गए और अनुज भरत ने बड़े भाई की खड़ाऊं सिंहासन पर रखकर शासन व्यवस्था सम्हाली। आज भूपेश बघेल कांग्रेसी मानसिकता और संस्कृति के अनुसार रामायण की समीक्षा करने की बात कहकर करोड़ो सनातनियों की आस्था को अपमानित कर रहे हैं।

    बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेसी सनातन संस्कृति के अपमान का एक भी मौका नहीं छोड़ते है। कांग्रेसी पहले ही प्रभु श्रीराम के चरित्र को काल्पनिक मानते हैं। अभी कुछ दिन पहले भूपेश बघेल ने साधु संतों को चमत्कार ना दिखाने की नसीहत दी थी। अब वे रामायण की समीक्षा करने की आपत्तिजनक बात कर रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सनातन संस्कृति के अपमान के लिए भूपेश बघेल देश से माफी मांगें।

  • रायपुर शहर वासियों को मिली दो बड़ी सौगातें : तेलघानी आरओबी और गोगांव आरयूबी का हुआ लोकार्पण, छः लाख से अधिक शहर वासियों को मिलेगी अबाध यातायात की सुविधा.

    रायपुर शहर वासियों को मिली दो बड़ी सौगातें : तेलघानी आरओबी और गोगांव आरयूबी का हुआ लोकार्पण, छः लाख से अधिक शहर वासियों को मिलेगी अबाध यातायात की सुविधा.

    आम जनता के हितों का खयाल रखने के लिए मुख्यमंत्री का लोक निर्माण मंत्री ने जताया आभार

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : रायपुर शहरवासियों की बहुप्रतिक्षित मांग आज पूरी हो गयी है। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने रायपुर रेलवे स्टेशन के पास 35.54 करोड़ रूपए की लागत से बना 526 मीटर लंबा तेलघानी रेलवे ओवरब्रिज ब्रिज तथा उरकुरा-सरोना बायपास रेल लाइन में 15.73 करोड़ रूपए की लागत से तैयार 407 मीटर लंबे और 7.5 मीटर चौड़े गोगांव रेलवे अंडर ब्रिज का लोकार्पण किया। इन दोनो बड़े निर्माण कार्यों की सौगात मिलने से रायपुर शहर की जनता को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी और यहां लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

    तेलघानी आरओबी से लगभग 3 लाख से अधिक आम नागरिकों के साथ-साथ संपूर्ण नगरीय क्षेत्र को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 6 एवं 7 के लिए सुगम यातायात उपलब्ध होगा। इसी तरह से गोगांव आरयूबी के शुरू हो जाने से इस क्षेत्र की लगभग 3 लाख से भी अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। इन दोनों सुविधाओं के लिए श्री साहू ने छः लाख से अधिक शहरवासियों की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ये दोनों ही ब्रिज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाले कामों में थे और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए थे।

    लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि अब इन दोनों ब्रिजों से शहरवासियों को आने जाने में कोई तकलीफ नहीं होगी। शहर का एक कोना दूसरे कोने से आज जुड़ गया है और अब इस पार- उस पार की सीमाएं भी खत्म हो गयी हैं। दोनों ब्रिजों से शहर के दोनों तरफ आवागमन के साथ-साथ व्यापार व व्यवसाय और मेलजोल भी तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने यहा भी बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए पुराने तेलघानी ओवरब्रिज से भारी वाहनों का आवागमन भी बंद कर दिया गया है। अब इस ब्रिज से केवल दो पहिया और छोटे चार पहिया वाहन ही गुजर सकेंगे। इससे लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।

    संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री बघेल की अगुवाई में कई ऐसी योजनाएं चलाई हैं, जिससे लोगों की जेब में पैसा आया है। पहले शहर की यातायात व्यवस्था 7-8 लाख की आबादी के हिसाब से थी, परन्तु अब यह बढ़कर लगभग 25 लाख की आबादी तक पहुंच गयी है। शासन की योजनाओं से लाभ लेकर लोगों ने अपनी सहूलियत के लिए वाहन भी खरीदे हैं, तो उनको चलाने के लिए अच्छी सड़कें देना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए शहर में दो नए ब्रिजों का आज लोकार्पण हुआ है। लोगों को निरंतर अबाध आवागमन की सुविधा मिलेगी, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री सहित लोक निर्माण मंत्री का भी आभार व्यक्त करता हूं।

    इस मौके पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर ऐजाज ढेबर, रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सत्यनारायण शर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष पंकज शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित लोक निर्माण विभाग एवं रेल विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • महापौर जी ! जनता आंदोलन से नहीं आपकी सरकार के कर्मों से परेशान हैं – जयंती पटेल

    महापौर जी ! जनता आंदोलन से नहीं आपकी सरकार के कर्मों से परेशान हैं – जयंती पटेल

    धरना स्थल शहर के अंदर ऐसी जगह पर शिफ्ट हो जहां जनता को भी तकलीफ ना हो और आंदोलनकारियों की आवाज भी शासन के कानों तक पहुंचे – भाजपा

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष जयंती पटेल ने महापौर एजाज ढेबर द्वारा धरना स्थल हटाने के लिए कलेक्टर से मुलाकात को सिर्फ राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि महापौर जी जनता आंदोलन से नहीं आपकी सरकार के कर्मों से परेशान हैं। जिला अध्यक्ष ने कहा कि आज महापौर जनता के हितैषी बनने का दिखावा कर रहे हैं। जब यही जनता सप्रे स्कूल से, दानी स्कूल होकर, पुलिस लाइन के पीछे तक जाने वाले रास्ते को बंद करने का विरोध कर रही थी, तब भ्रष्टाचार करने के लिए आपने ताकत का इस्तेमाल करते हुए अपनी मनमानी की। आज वहां आपके अविवेक पूर्ण कार्यो के कारण शाम को जाम की स्थिति रहती है और जिस जनता को सुविधा व मनोरंजन उपलब्ध कराने के लिए आपने 7 करोड़ का फव्वारा लगाया, जनता पूछ रही है कि वह फव्वारा कब प्रारंभ होगा।

    जयंती पटेल ने कहा, महापौर की मनमानी से आज पूरा शहर परेशान है। विश्वविद्यालय के आसपास के शैक्षणिक क्षेत्रों में महापौर जी अपने लोगों को बसाने के लिए चौपाटी खुलवा रहे हैं। मालवीय रोड जैसा शहर का सबसे व्यस्ततम बाजार महापौर जी के प्रश्रय में सड़को पर कब्जा के कारण चलने के बजाय घसीट रहा है। बात चाहे भाठागांव अंतरराज्यीय बस स्टैंड की हो, चाहे शास्त्री बाजार की या शहर का कोई भी बाजार, सारा शहर आपके अतिक्रमणकारी करिंदो से परेशान है।

    भाजपा शहर जिला अध्यक्ष जयंती पटेल ने कहा कि 15 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही कभी धरना स्थल पर ऐसी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। कभी धरना स्थल इतना जाम नहीं रहा। उन्होंने मांग की कि शासन को चाहिए कि शहर के अंदर उचित स्थान देखकर धरना स्थल को शीघ्र शिफ्ट करें, ताकि आम जनता को भी परेशानी ना हो व सरकार के खिलाफ अपनी बात रखने वाले की आवाज भी सरकार के कानों तक पहुंचे।

    उन्होंने कहा वास्तव में इन 4 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने जनता से किए कोई वादे पूरे नहीं किए। अब जनता अपने से किए वादाखिलाफी का जवाब पूछने सड़कों पर उतर रही है। ऐसा एक भी दिन नहीं जाता जब कोई ना कोई संगठन अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर ना हो। महापौर जनता की परेशानियों के कारण नहीं बल्कि अपने कांग्रेसी सरकार के खिलाफ उठ रहे जनता की आवाज को दबाने के लिए धरना स्थल हटाने का दिखावा कर रहे हैं। वास्तव में महापौर चाहते हैं कि धरना स्थल शहर के बाहर चला जाए ताकि आंदोलनकारियों की बात जनता तक ना पहुंचे।