फिरौती की मांग से हुआ खुलासा, गुम इंसान का मामला निकला अपहरण और हत्या का प्रकरण, पाँच आरोपियों ने मिलकर दिया था वारदात को अंजाम, आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड हेतु किया गया न्यायालय में पेश.

समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कोरबा

कोरबा/बांगो : मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के दिशा निर्देश पर तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक राविनसन गुडिया के नेतृत्व में टीम गठित कर गुम इंसान क्रमांक 32/2023 के अपृहता संतोषी विश्वकर्मा की पतासाजी एवं आरोपी के धरपकड़ हेतु सभी संभावित जगहों पर टीम भेज कर शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।

प्रकरण के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी कृष्णा विश्वकर्मा ने थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 28 सितंबर 2023 के प्रात: लगभग 08:00 बजे मेरी लड़की संतोषी विश्वकर्मा सिलाई मशीन काम सीखने कोरबा जा रही हूं कहकर घर से गई है, जो दिनांक 30 सितंबर 2023 तक वापस घर नहीं आने पर प्रार्थी द्वारा थाना बांगो में उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया था। जिस पर थाना बांगो में गुम इंसान क्रमांक 32/2023 कायम कर जांच पतासाजी किया जा रहा था। विवेचना के दौरान अपहृता संतोषी विश्वकर्मा के मोबाईल नंबर से मेरे घर की मोबाईल नंबर पर किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा फोन कर बोला गया कि आपकी लड़की संतोषी को मैं किडनैप कर लिया हूं, मुझे 15,00,000/- (पन्द्रह लाख) रूपये बताये हुये जगह पर लाकर दो, तब मैं आपकी लड़की को छोड़ दूंगा। अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मेरे लड़की को किडनैप कर फिरौती रकम मांगने के संबंध में लिखित आवेदन-पत्र पेश करने पर अपराध धारा 364 (क), 365 भादवि का अपराध घटित होना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान आरोपियों का पतासाजी हेतु पुलिस टीम गठित कर अलग-अलग जगह पाली, पोडी, रतनपुर, सकरी बिलासपुर में दबिश दी गयी, आरोपी लगातार जगह बदल कर गिरफ्तारी के डर से लुक-छिप रहे थे, जो अपने सकुनत से फरार थे, बाद में दिनांक 28 नवंबर 2023 को माननीय न्यायालय कटघोरा में अपने आप को आत्मसमर्पण किया जा रहा था। जहां पुलिस रिमाण्ड प्राप्त कर आरोपीगणों से कडाई से पूछताछ करने पर अपहृता को आरोपी सोनू लाल साहू के द्वारा गला घोंट कर मारकर थाना पाली केराझरिया जंगल में रखकर, सोनू लाल साहू ने अपने अन्य चार साथियों संदीप भोई, विरेन्द्र भोई, सुरेन्द्र भोई, जीवा राव जाघय के साथ मिलकर जमीन में दफना देना जुर्म स्वीकार किये।

आरोपीगणों को लेकर घटना स्थल केराझरिया थाना पाली के जंगल में आरोपियों के निशानदेही पर शव का उत्खनन किया गया। जहां अपहृता के परिजनों के द्वारा अपनी बेटी संतोषी विश्वकर्मा का होना पहचान किया गया। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त गैती फावड़ा व अन्य वस्तुओं को जप्त किया गया। उक्त प्रकरण में शव उत्खनन बाद धारा 302, 201,120-बी, 376 भादवि जोड़ी जाकर विवेचना की जा रही है। उक्त आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर पेश किया गया है।

इस प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार करने में निरीक्षक मनीष नागर थाना प्रभारी बांगो, निरीक्षक महासिंह धुर्वे, हायक निरीक्षक सुकलाल सिदार, प्रधान आरक्षक विरेन्द्र कुमार, आरक्षक गजेन्द्र बिझवार, आरक्षक अनिल पोर्ते, आरक्षक पुरंजन साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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