राज्यपाल श्री रमेन डेका की अध्यक्षता में आज जिला स्तर के अधिकारियों की हुई समीक्षा बैठक : राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को जन-आंदोलन बनाने पर दिया जोर, टीबी मरीजों, सड़क सुरक्षा, जैविक खेती और पुस्तकालय संस्कृति पर हुई खुली चर्चा.

जशपुर. 22 अप्रैल 2025 : राज्यपाल श्री रमेन डेका के जशपुर प्रवास के अवसर पर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्यपाल ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए जनसहभागिता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया। जल संरक्षण, नशामुक्ति अभियान, सड़क सुरक्षा और स्वसहायता समूहों के नवाचारों को केंद्र में रखते हुए राज्यपाल ने उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और समाज के हर वर्ग को विकास प्रक्रिया में सहभागी बनाने की अपील की। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह जन-जागरण और सहयोगात्मक विकास की दिशा में एक सार्थक पहल भी सिद्ध हुई।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जिला पंचायत सभा-कक्ष में जिला स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अधिकारियों ने राज्यपाल के समक्ष उनके द्वारा किए जा रहे विकासकार्यों का प्रजेंटेशन दिया। राज्यपाल ने कहा कि विकास के कामों में भी आम लोगों को शामिल करें। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। नवाचारों को बढ़ावा देने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने जल संरक्षण के लिए जिले में चलाए जा रहे कार्यों की सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय समुदायों के द्वारा सदियों से पारंपरिक तरीकों से जल संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। उनसे प्रेरणा लेकर हमें जल संरक्षण की तरीकों में उन्हें भी शामिल करना चाहिए। इसके अलावा लोगों को भी इस दिशा में जागरूक किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने एक पेड़ मां के नाम के तहत हर नागरिक को प्रकृति के संरक्षण के लिए पेड़ लगाना चाहिए। इसके लिए गांवों एवं शहरों में जनजागृति अभियान चलाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हर सरकारी संस्थान, स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्पिटलों को हरा-भरा दिखना चाहिए इससे लोग भी वृक्षारोपण के लिये प्रेरित होंगे। वृक्षारोपण में लगाए गए पेड़ों की रक्षा हेतु भी लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने सड़क दुर्घटना पर अपनी चिंता जाहिर की और इसे कम किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गाड़ी चलाते समय सुरक्षा मानकों के पालन कराएं, सड़क सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करें, ताकि दुर्घटनाएं कम हो। राज्यपाल ने नशापान करके गाड़ी चलाने वाले, हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा। राज्यपाल ने नशा-मुक्ति के लिए अभियान को पूरे जोर-शोर से चलाने के साथ ही इसके नुकसानों के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों एवं शिक्षकों के बीच एक स्वस्थ संबंध होना चाहिए। उन्होंने लाइब्रेरी में बच्चों की रूचि बढ़ाने के लिए इसके महत्व के बारे में बताने को कहा साथ ही कहा कि लोगों को भी इसके साथ जोड़ा जाना चाहिए और अच्छी किताबें लाइब्रेरी में समुदाय के द्वारा प्राप्त हो ऐसी परंपरा विकसित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने वर्षा ऋतु से पूर्व जनसहभागिता से जलस्रोतों की सफाई करने को कहा। उन्होंने जैविक खाद को बढ़ावा देने किसानों को ऋण के जाल से बचाने के लिए संस्थागत अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। राज्यपाल ने टीबी के साथ अन्य रोगों से पीड़ितों की पहचान कर अच्छी चिकित्सा हेतु अच्छे चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों में सहयोग की भावना होती है, विकास के कार्यों में उनका सहयोग लेकर राज्य को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वसहायता समूहों के द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है। उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को आगे लाने के निर्देश राज्यपाल ने अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूहों से द्वारा लोगों को रोजगार तो प्राप्त हो रहा है, साथ ही इससे अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है। बैठक में राज्यपाल ने सभी विभागों के द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रजेंटेशन के माध्यम से देखा और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में राज्यपाल श्री डेका को मधेश्वर महादेव का छायाचित्र और शाल, श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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