स्व सहायता समूह की महिलाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
जशपुर. 26 अप्रैल 2025 : जशपुर जिले में स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। आजीविका संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत बांस, लकड़ी, छींद कांसा और हैण्डलूम उत्पादों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में कारीगरों के संगठन और उत्पादों के बेहतर विपणन पर भी जोर दिया गया।


अजीविका संवर्धन कार्यक्रम अंतर्गत शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में अतिरिक्त मुख्य कार्यापालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रदीप राठिया की अध्यक्षता में जिले में विभिन्न प्रकार के उत्पाद विशेषकर बांस लकड़ी और छींद कांसा की टोकरी कालीन एवं हैण्डलूम में जुड़े स्वयं सहायता समूह एवं व्यक्तिगत विशेषकर कारीगरों को संगठित कर उत्तम उत्पादन एवं बाजार व्यवस्था विषय पर चर्चा की गई। इस अवसर पर श्री विजय शरण, युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन और स्व सहायता समूह की महिलाएं बड़ी संख्या उपस्थित थे ।
जिला प्रशासन द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण देकर उनके लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
