जशपुर पुलिस ने लगभग 80 लाख रूपए कीमत के 1 क्विंटल 83 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा सहित एक आरोपी को लिया हिरासत में
तस्करों ने पुलिस को गुमराह करने कार में लगाई थी गलत नंबर प्लेट, पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक मारुति अर्टिगा कार को भी किया जप्त.
आरोपियों की धर-पकड़ के दौरान बाराती गाड़ी को भी कुछ देर के लिए रोकना पड़ा पुलिस को, अंततः पुलिस की सर्चिंग टीम ने चार घंटे बाद जंगल से ढूंढ़ निकाला फरार आरोपी को.
आरोपी तस्कर राशिद अहमद, निवासी राउरकेला (उड़ीसा)के विरुद्ध थाना बगीचा में एनडीपीएस की धारा 20(B) के तहत अपराध पंजीबद्ध
जशपुर. 26 अप्रैल 2025 : जशपुर पुलिस के ऑपरेशन आघात अभियान के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई में करीब 80 लाख रुपये मूल्य के 1 क्विंटल 83 किलो गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान घायल तस्कर को जंगल से ढूंढ़ निकाला गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन आघात की यह बड़ी सफलता मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार जारी कार्रवाई का प्रमाण है। दिनांक 24 अप्रैल 2025 को रात्रि में थाना बगीचा पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम कुहापानी, थाना बगीचा के पास मेन रोड में एक मारुति अर्टिगा गाड़ी क्रमांक CG 12BQ 1606 दुर्घटनाग्रस्त होकर पड़ा हुआ है, जिसमें की भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ है। बगीचा पुलिस के द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, यथाशीघ्र मुखबिर के बताए गए घटना-स्थल जाकर सूचना की तस्दीक करने पर पाया कि ग्राम कुहापानी के पास मेन रोड में संदेही दुर्घटनाग्रस्त अर्टिगा गाड़ी खड़ी है, जिसमे कि पीली रंग की टेप से लिपटा हुआ, गांजा से भरा कुल 183 नग पैकेट पड़ा हुआ था, वाहन चालक गाड़ी में नहीं था।
पुलिस के द्वारा जब अर्टिगा गाड़ी की तलाशी ली जा रही थी, तब गाड़ी में खून के धब्बे दिखे, जिससे ज्ञात हुआ कि गाड़ी के चालक या परिचालक को जरूर गंभीर चोट लगी होगी, वह ज्यादा दूर नहीं गया होगा। पुलिस ने जब इस संबंध में मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से पूछताछ की, तो ग्रामीणों ने बताया कि अर्टिगा कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के तुरंत बाद गाड़ी से निकल कर एक व्यक्ति जंगल की तरफ भागा है, जिसके सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह को अवगत कराने पर, उनके नेतृत्व में तत्काल पुलिस की तीन टीम गठित की गई, जिसमें से एक टीम जंगल में संदेही घायल वाहन चालक को खोजने हेतु सर्च अभियान चला रही थी, दूसरी टीम मौके पर गांजे से भरी दुर्घटनाग्रस्त अर्टिगा गाड़ी की सुरक्षा कर रही थी व तीसरी टीम तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा गाड़ी के नंबर प्लेट में दर्ज वाहन क्रमांक CG 12BQ 1606 के आधार पर, आर.टी.ओ. से वाहन मालिक के संबंध में जानकारी लेकर पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से मोबाइल लोकेशन के आधार पर वाहन मालिक की पतासाजी हेतु बलरामपुर रवाना हुई थी, जहां जिला बलरामपुर पुलिस की मदद से,उक्त नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिक का एक बराती गाड़ी में होना पता चलने पर, पुलिस के द्वारा गाड़ी को रुकवाकर वाहन मालिक को खोजकर पूछताछ किया गया, तब वाहन मालिक के द्वारा तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा गाड़ी को अपना मानने से लगातार इंकार किया जाता रहा, उसने बताया कि CG 12BQ 1606 वाहन क्रमांक की उसकी मारुति अर्टिगा गाड़ी उसके घर कोरबा में खड़ी है, जिसके सम्बन्ध में पुलिस ने मोबाइल के द्वारा वीडियो कॉल से तस्दीक करने पर पाया कि उक्त नंबर की गाड़ी कोरबा में वाहन मालिक के घर में ही खड़ी है।
इसी दौरान घटना-स्थल में स्थित पुलिस की सर्च टीम के द्वारा संदेही अर्टिगा कार की तलाशी ली गई तो उसमें छुपाकर रखा गया, संदेही गाड़ी का एक और नंबर प्लेट मिला। जिसमें कि वाहन क्रमांक OD 16L 9339 दर्ज है, जिसके सम्बन्ध में आरटीओ से जानकारी लेने पर वाहन मालिक, संबलपुर (उड़िसा) का होना पता चला है, जिसके सम्बन्ध में पुलिस की जांच जारी है। तस्करों के द्वारा तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा वाहन में पुलिस को गुमराह करने के लिए किसी दूसरे वाहन का नंबर प्लेट उपयोग किया जा रहा था।
घटना-स्थल के पास के जंगल में पुलिस की टीम के द्वारा जब सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था, तभी रात्रि करीबन 3:00 बजे के लगभग जंगल की झाड़ियों में किसी की कराहने की आवाज आ रही थी, पुलिस ने जब आवाज की दिशा में जाकर झाड़ियों में देखा तो पाया कि एक व्यक्ति घायल अवस्था में झाड़ियों में छुपा बैठा है, जिसे पुलिस के द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर अपना नाम राशिद अहमद, राउरकेला (उड़ीसा) का निवासी होना बताया गया है। पूछताछ पर आरोपी तस्कर ने बताया कि वह अवैध मादक पदार्थ गांजा को उड़ीसा राज्य से बिक्री हेतु अंबिकापुर (छग) की ओर ले जा रहा था, इसी दौरान नारायणपुर के पास मेन रोड में पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी को देख कर, भयवश अपनी अर्टिगा कार को अत्यधिक तेजी से भगाते हुए ले जा रहा था, कि इसी दौरान आगे जाकर उसकी गाड़ी का अनियंत्रित होने के कारण एक्सीडेंट हो गया था।
चूंकि घटना के एक दिन बाद बगीचा में वीवीआईपी महोदय का कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसके परिपेक्ष्य में पुलिस के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था हेतु रूटीन चेकिंग पेट्रोलिंग कर, होटल, ढाबों, लॉज की चेकिंग की जा रही थी, इसी दौरान आरोपी तस्कर द्वारा पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी को देखकर, हड़बड़ाहट में अपने वाहन को तेजी से भगाते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
पुलिस के द्वारा वाहन चालक आरोपी तस्कर रशीद अहमद निवासी राउरकेला (उड़ीसा) के विरुद्ध थाना बगीचा में 20बी, एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है, साथ ही आरोपी के कब्जे से एक-एक किलो वजनी के कुल 183 पैकेट में भूरे रंग की टेप से लिपटा हुआ, कुल 01क्विंटल 83 किलो, अवैध मादक पदार्थ गांजा को बरामद कर जप्त कर लिया गया है, साथ ही तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा कार व नंबर प्लेट क्रमांक OD 16L 9339 को भी जप्त कर लिया गया है। जप्त गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 80 लाख रुपए से अधिक है।
पुलिस के द्वारा आरोपी तस्कर रशीद अहमद के घायल होने के कारण शासकीय अस्पताल बगीचा में इलाज हेतु भर्ती कराया गया है, पुलिस की अग्रिम कार्यवाही जारी है।
मामले में अवैध मादक पदार्थ गांजा की बरामदगी एवं आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक श्री संत लाल आयाम, सहायक उपनिरीक्षक उमेश प्रभाकर, सहायक उपनिरीक्षक रामनाथ राम, आरक्षक मुकेश पांडे, आरक्षक उमेश भारद्वाज, आरक्षक रामबृक्ष पैंकरा, आरक्षक रामप्रकाश यादव व नगरसैनिक मुरली रवि की सराहनीय भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस ऑपरेशन आघात के तहत् अवैध शराब व गांजा के खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रही है, इस साल अभी तक जशपुर पुलिस 572 किलो अवैध गांजा व 14 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब पकड़ चुकी है, ऑपरेशन आघात आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
