सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर गायत्री खदान में डकैती करने वाले आरोपी गिरफ्तार, 01:30 रात में खदान में घुसकर केबल लूटने वाला गिरोह बेनकाब, सूरजपुर पुलिस ने पूरे नेटवर्क को तोड़ा.

सूरजपुर. 07 मई 2025 : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित गायत्री भूमिगत खदान में 2020 में हुई बड़ी डकैती के मामले में पुलिस ने आखिरी फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी संजय बरगाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना कर खदान के भण्डार गृह से केबल चोरी की थी। यह गिरफ्तारी DIG व SSP सूरजपुर के विशेष निर्देशों पर की गई। गायत्री भूमिगत खदान के खान प्रबंधक संजय मिश्र ने थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि गायत्री भूमिगत खदान परिसर में दिनांक 01 सितंबर 2020 को रात्रि करीब 01:30 बजे 10-12 अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा घुस कर भण्डार गृह स्टोर रूम में सेंध लगाकर प्रवेश कर दहशत फैला कर सुरक्षा प्रहरियों को बंधक बना कर भण्डारगृह में रखे 15 मीटर पी.व्ही.सी. आर्ड केबल को चुराकर ले गए। रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 395 भादसं. के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान पूर्व में प्रकरण के 08 आरोपी व 01 विधि विरूद्ध संघर्षरत् बालक को पकड़ा गया था। प्रकरण के अन्य फरार आरोपियों के विरूद्ध धारा 173(8) जा.फौ. के तहत विवेचना जारी था। मामले में फरार आरोपीगण के गांव आने की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी 1. प्रताप चौधरी उम्र 57 वर्ष ग्राम तुलसी चौकी लटोरी 2. राजकुमार अगरिया उम्र 40 वर्ष निवासी कसकेला चौकी लटोरी को दिनांक 07 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में 1 आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी पतासाजी की जा रही थी।

डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुराने लंबित गंभीर अपराधों मामलों की समीक्षा करते हुए फरार आरोपियों की गंभीरतापूर्वक पतासाजी कर पकड़ने के निर्देश थाना-चौकी प्रभारियों को दिए है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व सीएसपी एस.एस.पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना सूरजपुर पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर फरार आरोपी संजय कुमार बरगाह पिता पातर साय उम्र 27 वर्ष ग्राम पोड़ी थाना सूरजपुर को पकड़ा। पूछताछ पर आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया जिसे गिरफ्तार किया गया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एएसआई संजय सिंह यादव, आरक्षक रवि पाण्डेय, प्रदीप सोनवानी, रविराज पांण्डेय, दशरथ राम सक्रिय रहे हैं

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