खबर का असर : जहां लाचारी थी अब राहत है ! मयूरचुंदी गांव में राशन संकट की खबर ने बदली तस्वीर, प्रशासन ने दिलाया गरीबों को हक, सुमित्रा की पीड़ा बनी बदलाव की वजह.

कुनकुरी, 8 मई 2025 : समदर्शी न्यूज़ विशेष रिपोर्ट (सागर जोशी – संपादक)

जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम पंचायत मयूरचुंदी में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता की खबर का बड़ा असर हुआ है। समदर्शी न्यूज़ द्वारा ग्रामीणों की पीड़ा और विधवा महिला सुमित्रा बाई की भूख से जूझती कहानी को उजागर किए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए फूड इंस्पेक्टर संदीप गुप्ता को मौके पर जांच के लिए भेजा।

ग्रामीणों ने पहले आरोप लगाया था कि अप्रैल माह का चावल अब तक वितरित नहीं किया गया और गोदाम खाली पड़ा है, जिससे कई परिवार भूखमरी की कगार पर आ गए थे। जांच की सूचना मिलते ही समदर्शी न्यूज़ की टीम भी ग्राम में पहुंची, जहां मंगलवार को राशन वितरण की पुष्टि ग्रामीणों ने की।

ग्राम की सरपंच और पीडीएस दुकान संचालिका फ्लोरा केरकेट्टा ने बताया कि सभी पंजीकृत हितग्राहियों को चावल का वितरण किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हितग्राही वनोपज संग्रह के लिए जंगल चले गए थे, जिससे वे समय पर राशन नहीं ले सके। ऐसे लोगों की शिकायत पर भी फूड इंस्पेक्टर ने जांच की और संबंधित हितग्राहियों से प्रत्यक्ष जानकारी ली।

सुमित्रा बाई की स्थिति ने झकझोरा था पूरा प्रशासन

समदर्शी न्यूज़ की रिपोर्ट में विधवा महिला सुमित्रा बाई की दर्दनाक कहानी ने जनमानस और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया था। बीमारी से पति की मृत्यु के बाद सुमित्रा पर दो बच्चों की जिम्मेदारी आ गई, परंतु न खेत है और न ही कोई आमदनी का स्रोत। वन अधिकार पट्टे के लिए आवेदन किया, लेकिन आज तक मंजूरी नहीं मिली। हाथी और बंदरों के आतंक ने अस्थायी खेती को भी असफल बना दिया।

शिकायतों के अनुसार, सुमित्रा राशन न मिलने के कारण भीख मांगने को मजबूर थी। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि उसके बेटे ने पीडीएस दुकान से चावल ले आया है।

क्या था पूरा मामला

ग्राम पंचायत मयूरचुंदी में सरकारी उचित मूल्य दुकान के संचालन में अनियमितताओं को लेकर ग्रामवासियों ने डीलर और सरपंच फ्लोरा केरकेट्टा पर अप्रैल 2025 का राशन न देने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन के बिना मैनुअल वितरण से पारदर्शिता पर सवाल उठे थे। कई हितग्राहियों को सिर्फ नमक, चीनी और चना मिल जबकि चावल का वितरण अधूरा था।

प्रशासन ने लिया संज्ञान, आश्वासन भी मिला

फूड इंस्पेक्टर द्वारा की गई जांच में राशन वितरण की पुष्टि हुई है, परंतु प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि भविष्य में कोई भी हितग्राही वंचित रहता है तो तत्काल शिकायत करें, जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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