जशपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान बना अभिभावकों की आशा की किरण : गुम हुए 6 बच्चों को खोजकर लौटाई पाँच परिवारों की मुस्कान, दो गिरफ्तारी और सैकड़ों उम्मीदें, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर जेल.

जशपुर. 26 मई 2025 : जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ एक बार फिर उम्मीद और राहत की मिसाल बना। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत विगत एक सप्ताह में छः गुमशुदा बच्चों को सकुशल खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इनमें चार नाबालिग बच्चियाँ चौकी आरा क्षेत्र से, एक बच्ची थाना जशपुर क्षेत्र से और एक नाबालिग बालक थाना सन्ना क्षेत्र से बरामद किया गया। दो मामलों में बच्चों को भगाकर ले जाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

जशपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान लगातार जारी है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व व दिशानिर्देश में जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 156 गुम बच्चों को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया गया है। इसी क्रम में जशपुर पुलिस ने विगत एक सप्ताह में पांच नाबालिग बालिका व एक नाबालिग बालक सहित 06 गुम बच्चों को ढूंढ उनके परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने में सफलता पाई है।

चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत मामले का विवरण इस प्रकार है  कि दिनांक 24 मई 2025 को चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत एक प्रार्थी ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 23 मई 2025 को वह तबियत खराब होने के कारण घर में आराम कर रहा था, कि लगभग दोपहर करीब 01:30 बजे के आसपास उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी, चाउमीन खाने के लिए अपनी मां से पैसे मांगी व आरा बाजार की ओर गई, इसी दौरान शाम करीबन 04:00 बजे के लगभग प्रार्थी के रिश्ते के दामाद ने प्रार्थी को आकर बताया कि उसकी नाबालिग बेटी, गांव की तीन और नाबालिग सहेलियों के साथ किसी की मोटरसाइकल में बैठ कर जाते हुए दिखी हैं, जिस पर प्रार्थी के द्वारा अपनी बेटी के मोबाइल फोन पर संपर्क करने पर उसका मोबाइल फोन बंद बता रहा था, उसके नाबालिग बेटी के साथ गई, गांव की तीन अन्य नाबालिग बच्चियों के परिजनों द्वारा भी जब अपने बच्चियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो, उनसे भी कोई संपर्क नहीं हो पाया, जिस पर प्रार्थी व अन्य तीन बच्चियों के परिजनों के द्वारा आस पास, रिश्तेदारों, पड़ोसियों में पतासाजी की गई, कहीं पता नहीं चला। उन्हें संदेह है कि चारों बच्चियों को किसी व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर भगा कर ले जाया गया है।

चूंकि मामला एक साथ चार नाबालिग बच्चियों के गुमने से संबंधित था, व गुम बच्चियों की उम्र क्रमशः 13, वर्ष 14 व 15 वर्ष थी, अतः मामले की अतिसंवेदनशीलता के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर थाना में गुम इंसान व 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर, एसडीओपी जशपुर श्री चंद्र शेखर परमा के नेतृत्व में गुम बच्चों को ढूंढने एक पुलिस टीम गठित की गई, व पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस के द्वारा सूचना के चंद घंटों में मुखबिर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से, चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत ही, चारों नाबालिग बच्चियों को ढूंढ निकाला गया, पुलिस की पूछताछ पर चारों नाबालिग बच्चियों ने बताया कि वे चारों घूमने के लिए, अपने परिजनों को बिना बताए निकले थे।

पुलिस के द्वारा चारों नाबालिक बच्चियों को चाइल्ड लाइन जशपुर के द्वारा काउंसलिंग कराई जाकर, सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। किसी भी गुम बच्चियों के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। मामले की कार्यवाही व गुम बच्चियों की सकुशल बरामदगी में एसडीओपी जशपुर श्री चंद्र शेखर परमा, चौकी प्रभारी आरा उपनिरीक्षक श्री समरेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक विद्यासागर, आरक्षक बेलसाजर कुजूर व आरक्षक जयपाल केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

थाना जशपुर क्षेत्रांतर्गत मामले का विवरण इस प्रकार है कि थाना जशपुर क्षेत्रांतर्गत एक प्रार्थी ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग, दिनांक 12 मार्च 2025 को घर वालों को बिना बताए कहीं चली गई है, आस पास, रिश्तेदारों में पता साजी किए कहीं पता नहीं चला, थाना सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज गुम इंसान व 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस लगातार नाबालिग गुम बालिका की पतासाजी कर रही थी, कि इसी दौरान दिनांक 25 मई 2025 को पुलिस को परिजनों के सहयोग, मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि गुम नाबालिग बालिका, रायगढ़ में आरोपी अजय यादव, उम्र 22 वर्ष के साथ है, जिस पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए, रायगढ़ जाकर गुम नाबालिग बालिका को, आरोपी अजय यादव के कब्जे से बरामद कर लिया गया और आरोपी को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।

पुलिस की पूछताछ पर गुम नाबालिग बालिका ने बताया कि आरोपी अजय यादव के द्वारा, तुमसे प्रेम करता हूं, शादी करूंगा कहकर, बहला फुसलाकर उसे भगा कर ले गया था, इस दौरान आरोपी अजय यादव के द्वारा उसका शारीरिक शोषण भी किया गया है।

पुलिस के द्वारा आरोपी के अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर, बीएनएस की धारा 64(2)M व 4,6 पोस्को एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध करते हुए विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

थाना सन्ना क्षेत्रांतर्गत मामले में पुलिस के द्वारा एक 10 वर्षीय नाबालिग बालक को सकुशल, अपहरण करने वाले आरोपी के कब्जे से बरामद कर, परिजनों के सुपुर्द किया गया है व आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

मामले का विवरण इस प्रकार है कि सन्ना क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थी ने दिनांक 21 मई 2025 को थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 19 मई 2025 को वह और उसका 10 वर्षीय बेटा, घर में अकेले थे, उसकी पत्नी अपने मायके गई हुई थी,  उसका  बेटा अपने मां के पास जाने की जिद कर रहा था, इसी दौरान प्रार्थी का रिश्ते में मामा ससुर आरोपी सुनील राम नगेसिया, उम्र 28 वर्ष आया और बोला कि वह प्रार्थी के पत्नी के मायके गांव जा रहा है और प्रार्थी के नाबालिग बेटे को अपने साथ ले गया। प्रार्थी के द्वारा शाम को जब अपनी पत्नी से फोन कर, बेटे के पहुंचने बाबत पूछने पर, उसकी पत्नी ने बताया कि आरोपी सुनील राम नगेसिया, उसके बेटे को नहीं लाया है, जिस पर प्रार्थी के द्वारा आरोपी सुनील से संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उससे संपर्क नहीं हो पाया। प्रार्थी के द्वारा दिनांक 20 मई 2025 को भी आरोपी सुनील राम नगेसिया से संपर्क करने की कोशिश करते हुए, आस-पास, पतासाजी किया गया, कहीं पता नहीं चला।

रिपोर्ट पर थाना सन्ना में आरोपी सुनील राम नगेसिया के विरुद्ध बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया, व बच्चे की पतासाजी भी की जा रही थी,।

पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से दिनांक 21 मई 2025 को अपहृत बालक को आरोपी सुनील राम नगेसिया के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया गया है व आरोपी सुनील राम नगेसिया को विधिवत, गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

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