पटवारी रिपोर्ट में खुलासा – रास्ता सार्वजनिक था, फिर भी बिना अनुमति बना मकान – प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
जशपुर/कुनकुरी, 29 मई 2025: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत एक नया मकान बनवाने की आड़ में छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के ग्राम पंचायत रेमते (पटवारी हल्का नंबर 23, तहसील कुनकुरी) में सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस निर्माण से न केवल सरकारी नियमों की अनदेखी हुई है, बल्कि गांव के वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है।
क्या है मामला?
अमर सिंह पिता गंगा सिंह नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खसरा नंबर 216, रकबा 0.498 हेक्टेयर की शासकीय भूमि पर बिना अनुमति के निर्माण करवा रहे हैं। यह भूमि राजस्व अभिलेख में “मिड रोड इंसान पथ” के रूप में दर्ज है और दशकों से ग्रामीणों के सार्वजनिक मार्ग के रूप में उपयोग की जा रही है।
शिकायत से जांच तक – रास्ता बंद, ग्रामीण परेशान
संदीप जैन, जिनकी निजी ज़मीन तक पहुंचने का यही एकमात्र रास्ता है, ने कलेक्टर व तहसील कार्यालय को लिखित शिकायत सौंपी थी। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य पूरी तरह से अवैध, बिना सीमांकन और अनुमति के किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में न्यायालय ने इस पर स्थगन आदेश दिया था, जिसे 25 अप्रैल को निरस्त कर दिया गया।
आश्चर्यजनक रूप से उसी दिन से रात-दिन युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे वर्षों पुराना रास्ता बंद हो गया।
पटवारी की रिपोर्ट ने खोली परतें
1 मई को प्रस्तुत पटवारी प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह भूमि शासकीय मिड रोड के रूप में दर्ज है। ग्राम सरपंच, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में सीमांकन की पुष्टि भी की गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य थमा नहीं।
पारिवारिक ज़मीन बेच चुके आरोपी, अब सरकारी ज़मीन पर मकान!
सूत्रों के अनुसार अमर सिंह के परिवार ने अपनी पुश्तैनी ज़मीन का अधिकांश हिस्सा पहले ही बेच दिया था, और अब वे शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान बना रहे हैं। पड़ोसी भूमि मालिक ने भी मौखिक आपत्ति जताई थी जिसे “आपसी सुलह” की बात कहकर दरकिनार कर दिया गया।
