ऑपरेशन शंखनाद : पुलिस की सख्ती से गौ-तस्कर हुए बेबस, अब पैदल और छोटे वाहनों से कर रहे तस्करी, जंगल में भागे आरोपी, 15 गौ-वंश मुक्त, पुलिस की दोहरी कार्रवाई से फिर नाकाम हुए तस्करी के मंसूबे.

जशपुर पुलिस का पशु तस्करी के विरूद्ध चलाया जा रहा ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश व नेतृत्व में ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने अब तक 900 से अधिक गौ वंशों को सकुशल, तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है और साथ ही 123 पशु तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

वर्तमान में आम जनता का अच्छा सहयोग मिल रहा है, जिससे पुलिस को त्वरित कार्यवाही करने में आसानी हो रही है। पुलिस द्वारा पूर्व में कुल 42 (बड़े ट्रक, पिक-अप) से गौ-तस्करी करते हुये पाये जाने पर जप्त किया गया है। गौ-तस्कर अब चारपहिया एवं पैदल माध्यम से तस्करी कर रहे हैं, इस ओर भी पुलिस की पैनी नजर है, पुराने मामलों के फरार आरोपियों को भी लगातार गिरफ्तारी हो रही है।

पहले प्रकरण में आज प्रातः में सिटी कोतवाली जशपुर को सूचना मिली कि बालाछापर के रास्ते झारखंड की ओर एक पुराने स्कार्पियो वाहन से गौ-तस्करी किया जा रहा है, इस पर तत्काल थाना जशपुर से पुलिस टीम कार्यवाही के लिये रवाना हुई, पुलिस के पीछा करने पर स्कार्पियो वाहन का पहिया फट गया एवं चालक रोड के किनारे वाहन छोड़कर जंगल में भाग गया। पुलिस द्वारा उक्त वाहन से 04 नग गौ-वंश को गंभीर अवस्था में जप्त किया गया। इस कार्यवाही में सहायक उपनिरीक्षक जयसिंह मिर्रे, आरक्षक 596 शोभनाथ सिंह, आरक्षक 518 राजकेश्वर राम, आरक्षक 766 अनिल राम का योगदान रहा है। इस प्रकरण में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना जशपुर में अपराध क्रमाँक 144/25 धारा कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।

दूसरे प्रकरण में दिनांक 03 जून 2025 की शाम को चौकी मनोरा को सूचना मिला था कि ग्राम खरसोता के लावा नदी होते हुये 02 व्यक्ति 11 नग गौ-वंश को पैदल क्रूरतापूर्वक हांकते हुये झारखंड की ओर तस्करी कर ले जा रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर जाकर घेराबंदी कर रह थी, परंतु शाम होने की वजह से अज्ञात आरोपी पुलिस को देखकर भाग गये। पुलिस द्वारा कुल 11 नग गौ-वंश जप्त किया गया है। प्रकरण में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध चौकी मनोरा में कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्यवाही में सहायक उपनिरीक्षक बालकृष्ण भगत, प्रधान आरक्षक 371 बितिन राम, प्रधान आरक्षक 134 एडवर्ड जेम्स, आरक्षक 465 रोश कुमार पैंकरा का योगदान रहा है।

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