तपकरा पल्ली में पवित्र पेनतेकोस्ट पर्व पर 159 बच्चों ने ग्रहण किया दृढ़करण संस्कार, बिशप एम्मानुएल केरकेट्टा ने किया अभिषेक

कुनकुरी, 11 जून 2025 – तपकरा पल्ली के पवित्र प्रांगण में पेनतेकोस्ट पर्व के पावन अवसर पर 159 बच्चों ने पूर्ण भक्ति और श्रद्धा के साथ दृढ़करण संस्कार ग्रहण किया। यह अनुष्ठान न केवल उनके आध्यात्मिक जीवन की पुष्टि का प्रतीक बना, बल्कि यह पल्ली समुदाय के लिए भी एक गहन आस्था और एकजुटता का भावपूर्ण उत्सव सिद्ध हुआ। मिस्सा बलिदान समारोह के दौरान सम्पन्न इस पवित्र संस्कार को जशपुर धर्मप्रांत के बिशप, माननीय एम्मानुएल केरकेट्टा द्वारा विधिपूर्वक संपन्न किया गया।

इस अवसर पर पल्ली पुरोहित फ़ादर संजय केरकेट्टा, फ़ादर प्रफुल बड़ा, फ़ादर अलकोंस तिर्की, फ़ादर वाल्टर तिग्गा, फ़ादर पलासिदीयूस लकड़ा और फादर अरविंद तिर्की सहित कई धर्मबहनों, अभिभावकों और सैकड़ों पल्लीवासियों ने उपस्थिति दर्ज कर अपनी आस्था का साक्ष्य प्रस्तुत किया।

अपने प्रेरणादायक प्रवचन में बिशप एम्मानुएल केरकेट्टा ने कहा कि आज के युग में समाज में ईसाई जीवन जीना सरल नहीं है। हमें तरह-तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हमें उन मिशनरियों और पूर्वजों से सीख लेनी चाहिए जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी विश्वास की मशाल को जलाए रखा। उन्होंने बच्चों और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें प्रेम, सेवा और भाईचारे के मार्ग पर निरंतर अग्रसर होना है और पवित्र आत्मा से सामर्थ्य प्राप्त कर उनके गुणों को अपने जीवन में उतारना है।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता और अनुशासन की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि अनुशासन युक्त शिक्षा ही समाज और परिवार को सशक्त बना सकती है। उन्होंने ग्रामस्तर पर सामुदायिक बैठकों के आयोजन का सुझाव भी दिया, जिससे सामाजिक समस्याओं का समाधान सामूहिक विचार मंथन से निकल सके।

दृढ़करण संस्कार से पूर्व बच्चों, अभिभावकों और धर्म माता-पिता के लिए पापस्वीकार संस्कार का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों ने आत्मशुद्धि और पवित्रता का अनुभव किया। यह चरण आत्मनिरीक्षण और आंतरिक रूपांतरण का प्रभावशाली अवसर बना।

इस धार्मिक संस्कार के पूर्व बच्चों को लगभग दो सप्ताह की विशेष आध्यात्मिक शिक्षा एवं तैयारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण कार्य में सिस्टर साधना लकड़ा, ब्रदर रोशन तिर्की, ब्रदर विल्सन मिंज, प्रचारक अजय लकड़ा, विक्टर लकड़ा, जूलयूस टोप्पो एवं सुमन कुजूर ने अपने ज्ञान और अनुभव से समर्पित योगदान दिया।

कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को शुभकामनाएं और बधाइयाँ देते हुए उन्हें भविष्य में विश्वास, सेवा और नेतृत्व का प्रकाश बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह अवसर तपकरा पल्ली के लिए न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि यह विश्वास, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुआ।

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