साइबर फ्रॉड मामलों में पीड़ितों की मदद को लेकर बैंक मैनेजरों की बैठक, खाता होल्ड पर सरल प्रक्रिया अपनाने पर जोर
रायगढ़. 24 जून 2025 : रायगढ़ में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस और बैंकिंग सेक्टर ने मिलकर एक निर्णायक पहल की है। यह साझेदारी न सिर्फ धोखाधड़ी पर लगाम लगाएगी, बल्कि पीड़ितों को तुरंत समाधान देने की दिशा में भी मील का पत्थर सिद्ध होगी।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस व बैंक के आपसी समन्वय मजबूत करने तथा साइबर अपराधों और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के उद्देश्य से आज पुलिस नियंत्रण कक्ष में बैंक मैनेजरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने की।

बैठक में मुख्य रूप से साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों के बैंक खातों पर लगे होल्ड को हटाने की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने पर मंथन किया गया। डीएसपी विश्वकर्मा ने निर्देश दिए कि यदि किसी पीड़ित का खाता किसी अन्य राज्य में होल्ड होता है, तो बैंक द्वारा उसे स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कि खाता कहां से और किस कारण होल्ड किया गया है। साथ ही संबंधित राज्य के अधिकृत बैंक अधिकारी का संपर्क नंबर भी पीड़ित को तुरंत प्रदान किया जाए, जिससे आवश्यक समन्वय स्थापित हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैंक सभी राज्यों के अपने अधिकृत संपर्क व्यक्तियों की सूची तैयार कर स्थानीय शाखाओं में उपलब्ध कराए, ताकि किसी भी प्रकरण में समय पर संपर्क संभव हो। यदि अदालत से खाता होल्ड हटाने या राशि जारी करने का आदेश प्राप्त होता है, तो साइबर सेल द्वारा संबंधित बैंक को प्रतिवेदन अथवा मेल के माध्यम से सूचना प्रेषित की जाती है। कुछ आपातकालीन मामलों में बैंक से अपेक्षा की जाती है कि औपचारिकताएं पूर्ण होने के पूर्व भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि पीड़ित को शीघ्र राहत दी जा सके।
डीएसपी विश्वकर्मा ने कहा कि सभी बैंक मिलकर एक पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया विकसित करें, जिससे साइबर अपराध पीड़ितों को बार-बार परेशान न होना पड़े और उनकी धनराशि शीघ्र वापस दिलाई जा सके। बैठक में शहर के सभी प्रमुख बैंकों के मैनेजर और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधों के विरुद्ध ठोस रणनीति के अंतर्गत बैंकिंग क्षेत्र में समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
