थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले में आरोपी के विरुद्ध ठगी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर की गई कार्यवाही.
म्यूल एकाउंट के जरिये देश के अलग-अलग राज्यों से सम्बंधित मामलों में रकम लेन-देन की घटना की गई थी कारित.
उपरोक्त खाते में साइबर ठगी की राशि लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की रकम प्राप्त की गई थी.
अंबिकापुर. 28 जून 2025 : भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूची के अनुसार म्यूल अकाउंट खाता धारकों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में पुलिस मुख्यालय रायपुर से दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं, इसी क्रम में म्यूल एकाउंट खाता धारक सुधीर कुमार शर्मा का ईसाफ बैंक खाता क्रमांक ऑनलाईन फ्रॉड के शिकायत से संबंधित होने पर मामले को संज्ञान में लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मामले में सख्त कार्यवाही किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में पुलिस टीम द्वारा उक्त खाते का बैंक स्टेटमेण्ट प्राप्त किया गया है, बैंक स्टेटमेण्ट का अवलोकन करने पर पाया गया कि कुल 04 शिकायतों में देश के अलग-अलग राज्य से संबंधित ऑनलाईन साइबर ठगी की राशि कुल 16,50,000/- रूपये सुधीर कुमार शर्मा के ईसाफ बैंक खाते पर प्राप्त किया गया है। प्रथम दृष्ट्या स्पष्ट है कि खाता धारक सुधीर कुमार शर्मा द्वारा खाता क्रमांक में सुनियोजित तरीके से अवैध धन अर्जित करने के उद्देश्य से बैंक खाते का उपयोग ऑनलाईन साइबर ठगी हेतु संबंधित खाता धारक/गिरोह के द्वारा किया गया है। खाता धारक के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 307/25 धारा 318(4), 319(2), 317(4) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी का पता तलाश कर पकड़ कर पूछताछ किया गया, आरोपी द्वारा अपना नाम सुधीर कुमार शर्मा आत्मज स्व. नरेशचंद शर्मा उम्र 42 वर्ष साकिन शारदा धाम के पीछे नमनाकला थाना गांधीनगर का होना बताया गया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर अपराध घटित किया जाना स्वीकार किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, साइबर सेल से सहायक उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक विपिन तिवारी, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, आरक्षक अनुज जायसवाल, आरक्षक रमेश राजवाड़े, आरक्षक अशोक यादव, आरक्षक लालदेव पैकरा, आरक्षक जितेश साहू, आरक्षक मनीष सिंह, आरक्षक अरविन्द उपाध्याय, आरक्षक ऋषभ सिंह, आरक्षक घनश्याम देवांगन सक्रिय रहे।
