सीएससी संचालक कोई सामान्य व्यवसाय नहीं कर रहे हैं, बल्कि गांव के लोगों की सेवा कर रहे – उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा
रायपुर. 11 जुलाई 2025 : राजधानी रायपुर में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सीएससी को ग्रामीण भारत की डिजिटल क्रांति का सजीव रूप बताया। उन्होंने कहा कि सीएससी संचालक केवल सेवाएं नहीं दे रहे, बल्कि गांव-गांव में जनसेवा की मिसाल बन रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थायी सीएससी सेंटर हेतु विशेष कमरा, कंप्यूटर, अलमारी और संसाधन आवंटित किए जा रहे हैं। साथ ही, श्री शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सीएससी के माध्यम से ग्राम पंचायतों से सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी योजनाओं का लाभ अब गांव में ही सीएससी के माध्यम से मिलने को एक क्रांतिकारी बदलाव बताया।

आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में सीएससी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की भूमिका को जनसेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कही। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गांव-गांव तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने का सशक्त माध्यम अगर कोई है, तो वह है – सीएससी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से अब गांवों में ही अनेक सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों को दूर शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है। इस अवसर पर श्री जय नारायण पटेल, राज्य प्रमुख, सीएससी, छत्तीसगढ़, संजय ढ़ीढी,पूर्व विधायक, आरंग के अलावा जनप्रतिनिधि और सीएससी संचालक उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर के लिए एक अलग कमरा आवंटित किया जा रहा है, जिससे यह सेवा स्थायी रूप से पंचायत भवन से जुड़े। उन्होंने कहा कि हर पंचायत को कंप्यूटर, अलमारी और आवश्यक संसाधन देकर इस सेवा को मजबूती दी जा रही है। पंचायतों के साथ अनुबंध कर सीएससी संचालन की प्रक्रिया को तीव्रता से आगे बढ़ाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से किसी ग्राम पंचायत से सीधा संवाद करेंगे, तो सीएससी के माध्यम से यह संभव होगा। उन्होंने सीएससी को एक ऐसा केंद्र बताया, जहां से टेलीमेडिसिन, मोबाइल सेवाएं, ऑनलाइन आवेदन, इंजीनियरिंग व आईटीआई जैसे संस्थानों से जुड़ाव और अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। उन्होंने खासतौर पर महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले महिलाएं योजनाओं का लाभ लेने के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर तक जाती थीं, लेकिन अब सीएससी सेंटर से यह काम गांव में ही हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिन महिलाओं के रिश्तेदार पैसा निकालने जाते हैं, उन्हें भी अब बार-बार बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि पैसा अब पंचायत में ही मिल रहा है।
सीएससी के कार्यों की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक सीएससी सेंटर में करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीएससी केवल एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि यह डिजिटल भारत, डिजिटल छत्तीसगढ़ और डिजिटल ग्राम पंचायत का सजीव स्वरूप है। गांव में अगर कोई बैंक नहीं है, तो बैंक का विकल्प बनकर सीएससी लोगों की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित सीएससी संचालकों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आप कोई सामान्य व्यवसाय नहीं कर रहे हैं, बल्कि गांव के लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लोग बैंक तक जाने में जितना खर्च करते हैं, उससे कहीं कम लागत में सीएससी से सेवा प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी सीएससी संचालकों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह एक बेहद सराहनीय आयोजन था। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सीएससी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रत्येक गांव डिजिटल सेवाओं से सशक्त हो सके।
