थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 333/2025, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज.
रायगढ़. 12 जुलाई 2025 : रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्कूटी चोरी के एक मामले में महज कुछ घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। चोरी की यह घटना आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ की निजी स्कूटी से जुड़ी थी, जो उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। CCTV फुटेज के माध्यम से आरोपी की पहचान की गई और उसे रेलवे स्टेशन के पास से धर दबोचा गया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई स्कूटी, घटना के समय पहने कपड़े, जूते और मास्क जब्त किए गए हैं।
दिनांक 11 जुलाई 2025 को रामगुड़ी तेलीपारा वार्ड क्रमांक 13 निवासी आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ की स्कूटी चोरी हो गई थी, जिसे कोतवाली पुलिस ने महज कुछ घंटों में बरामद कर आरोपी को रेलवे स्टेशन के पास से धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से चोरी गई स्कूटी के साथ ही वारदात के समय पहने कपड़े, जूते और मास्क भी बरामद किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ (थाना जूटमिल) ड्यूटी से लौटकर शाम करीब 4:00 बजे अपनी सफेद रंग की स्कूटी क्रमांक CG 13 AD 7874 को घर के बाहर खड़ी कर अंदर गए थे। करीब 4:45 बजे जब दोबारा ड्यूटी पर जाने निकले तो स्कूटी मौके से गायब थी। आसपास पूछताछ और खोजबीन के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने तत्परता से घटना स्थल पहुंचकर आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति को स्कूटी ले जाते हुए देखा गया।
सीसीटीवी में दिखे हुलिये के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की गई और वह रेलवे स्टेशन के पास घूमते हुए नजर आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम रूशीष प्रसाद पिता सत्यनारायण प्रसाद (उम्र 40 वर्ष), निवासी बिहारीपारा बुरोमाल, थाना झारसुगुड़ा, जिला झारसुगुड़ा (उड़ीसा) बताया। आरोपी ने चोरी की गई स्कूटी को रेलवे स्टेशन के पुराने पार्किंग क्षेत्र में छिपा कर रखने की बात स्वीकार की। उसके मेमोरण्डम पर पुलिस ने घटना के समय पहना हुआ शर्ट, जूते, मास्क और स्कूटी बरामद कर जब्त किया।
आरोपी के विरूद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 333/2025, धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस प्रकरण की संपूर्ण कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक लोमेश राजपूत, आरक्षक मनोज पटनायक, आरक्षक कमलेश यादव और आरक्षक लखेश्वर पुरसेठ की सराहनीय भूमिका रही है।
