कुनकुरी, 25 जुलाई 2025 : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कुनकुरी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेषकर वार्ड क्रमांक 3 – बजरंगनगर में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। घरों के अंदर तक बरसात का पानी घुस गया है, जिससे न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है बल्कि घरेलू सामान भीगकर बर्बाद हो रहे हैं। लोगों की गुहार और प्रशासन की निष्क्रियता के बीच यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है।
घरों में घुसा पानी, बरबाद हो रहा घरेलू सामान
वार्डवासियों ने बताया कि लगातार वर्षा के चलते सड़कों से बहता पानी अब घरों में घुस आया है। धर्मेंद्र ताम्रकार, चंदा ताम्रकार, कलावती देवी, सुनील ठाकुर, राम अवतार राणा, देवंती राणा, जितेंद्र ताम्रकार, पायल देवी, प्रभु सोनी जैसे कई परिवार अब रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ पानी की घेराबंदी से भी संघर्ष कर रहे हैं। भीगे बिस्तर, खराब टीवी, गीले फर्नीचर और किचन में तैरती बाल्टियाँ – ये अब बजरंगनगर की पहचान बन गई हैं।
एनएच 43 से बहकर आ रहा पानी, नाली व्यवस्था पूरी तरह फेल
बजरंगनगर क्षेत्र एनएच 43 के ठीक किनारे बसा हुआ है और एनएच इस क्षेत्र से ऊँचाई पर है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि एनएच के किनारे पर नालियों का निर्माण ही नहीं कराया गया, जिससे बरसात का सारा पानी अब बस्ती के सड़कों और घरों में बह रहा है। नगर पंचायत द्वारा पहले से बनाए गए स्थायी नाले भी अव्यवस्थित हैं और उनमें पानी का बहाव अवरुद्ध है, जिससे निकासी संभव नहीं हो पा रही।
जनता की पुकार – ‘हम कब तक पानी में जिएँ?’
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है। पिछले वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर पंचायत ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। कई बार आवेदन और मौखिक निवेदन करने के बावजूद प्रशासन की अनदेखी जारी है। बजरंगनगर के निवासी अब पूछ रहे हैं – “क्या हम हर साल इसी तरह पानी में डूबकर जीते रहेंगे?”
सीएमओ बोले – ‘नया हूँ, पर कोशिश कर रहा हूँ’
इस मुद्दे पर नगर पंचायत कुनकुरी के सीएमओ श्री राजेन्द्र पात्रे ने बताया कि “मुझे नगर पंचायत का प्रभार लिए मात्र एक माह हुआ है। समस्या की जानकारी मिलते ही मैंने स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण किया है।” उन्होंने बताया कि तत्काल राहत के लिए पानी डायवर्ट करने के वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन यह क्षेत्र निचला होने के कारण समस्या जटिल है।
सीएमओ ने यह भी स्वीकारा कि अभी तक बस्ती में केवल एक ओर ही नालियों का निर्माण किया गया है, जिससे जल निकासी बाधित होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि “जल्द ही दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण कर स्थायी समाधान किया जाएगा।”
जनप्रतिनिधियों से नाराज़गी: “वोट के बाद भरोसे की बाढ़ में बह गईं ज़िम्मेदारियाँ”
लगातार जलभराव की समस्या से त्रस्त वार्डवासियों का अब धैर्य जवाब देने लगा है। जहां एक ओर लोग घरों में घुसे बारिश के पानी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और निष्क्रियता लोगों को और अधिक आहत कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट रूप से बताया कि इस विकट स्थिति को लेकर उन्होंने कई बार पार्षद और नगर पंचायत अध्यक्ष से संपर्क किया, लेकिन किसी प्रकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया या ठोस कार्रवाई का संकेत तक नहीं मिला। वार्डवासी अब जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी और उदासीनता का आरोप लगा रहे हैं।
