कुनकुरी-जशपुर, 03 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ राज्य माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भुनाथ चक्रवर्ती ने आज सरईपाली और रायगढ़ का दौरा कर कुम्हार समाज के प्रतिनिधियों एवं संगठन सदस्यों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्हें गमछा, पुष्पमाला एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
सरईपाली में मंडल अध्यक्ष व कुम्हार समाज के प्रतिनिधियों द्वारा श्री चक्रवर्ती का सौजन्य सम्मान किया गया, जहाँ समाज, संगठन और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं रायगढ़ में भी समाज के लोगों ने उन्हें आत्मीय स्वागत के साथ माटी कला से जुड़े मुद्दों पर संवाद हेतु आमंत्रित किया।
मिट्टी से जुड़ी पहचान को दिलाया गौरव:
अध्यक्ष श्री चक्रवर्ती ने इस अवसर पर कहा कि कुम्हार समाज का कार्य “माटी” से जुड़ा हुआ है, जो हमारी संस्कृति, परंपरा और जीविका का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज का कौशल संवर्धन एवं संरक्षण अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए माटी कला बोर्ड हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
संगठित समाज से विकास को नई दिशा:
श्री चक्रवर्ती ने समाज को संगठित रहने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़े, तो आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने युवाओं को माटी कला को नवाचार के साथ जोड़ने की भी प्रेरणा दी।
विकास की रूपरेखा साझा की:
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि माटी कला से जुड़े कारीगरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, विपणन सहयोग, ऋण सुविधा, और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में कुम्हार समाज के विकास के लिए एक समर्पित कार्य योजना तैयार की जा रही है जिसमें समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी।
