आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम : जशपुर के पमशाला राधा कृष्ण मंदिर में आधी रात जन्मे नंदलाला, भक्ति में झूमे श्रद्धालु, रंग-बिरंगी रोशनी और भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर प्रांगण, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साक्षी बनीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन इस वर्ष पमशाला के प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर में बड़े ही भक्ति भाव और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। उन्होंने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

रात्रि भर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु झूमते और गाते नजर आए। भक्तों ने “हरे कृष्ण-हरे राधे” के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अर्धरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन हुआ। नंदलाला के रूप में सजे श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, फल, मेवे और पंचामृत का भोग लगाया गया। इसके बाद भगवान की भव्य पालकी सजाई गई, जिसमें बारी-बारी से भक्तों ने झूला झुलाकर आनंद लिया।

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