एन्टी क्राईम एण्ड सायबर यूनिट एवं थाना नेवई की संयुक्त कार्यवाही में दस मंदिरों में चोरी करने वाला आरोपी पुलिस गिरफ्त में.
घटना के पूर्व मंदिरों में घूम-घूम कर करता था रेकी, चोरी करने के पूर्व व बाद में बदल लेता था अपने कपड़े.
मंदिर से नगद रकम करता था चोरी, आभूषण छोड़ देता था, चोरी के 1282/- रूपये के सिक्के एवं जूपीटर वाहन बरामद,
आरोपी को पकडने में सीसीटीवी की रही महत्तवपूर्ण भूमिका, त्रिनयन एप की रही महत्वपूर्ण भूमिका.
गिरफ्तार आरोपी – यशवंत उपाध्याय उर्फ राजू, 45 वर्ष पता थाना वैशाली नगर.
दुर्ग. 28 अगस्त 2025 : दुर्ग जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है जो मंदिरों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी चोरी से पहले मंदिरों की रेकी करता और कपड़े बदलकर पहचान छिपाने की कोशिश करता था। सीसीटीवी फुटेज, त्रिनयन ऐप और नागरिकों की जागरूकता की बदौलत पुलिस ने आरोपी यशवंत उपाध्याय को पकड़ लिया। उसके पास से 1282/- रुपए के सिक्के और एक जूपीटर वाहन बरामद किया गया है। आरोपी ने अब तक 10 मंदिरों में चोरी की वारदात कबूल की है।
जिले के थाना नेवई क्षेत्र अंतर्गत जैन मंदिर रिसाली में हुये चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल (भा.पु.से.) के द्वारा माल मुलजिम की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु दिशा निर्देश प्राप्त हुये थे। जिसके परिपालन में एसीसीयू एवं थाना नेवई को शीघ्रतापूर्वक पतासाजी के लिये लगाया गया था।
इसी तारतम्य में एसीसीयू एवं थाना नेवई की टीम द्वारा घटना-स्थल का मुआयना कर अज्ञात आरोपी के पता तलाश हेतु आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया एवं सायबर टीम की मदद ली गई, मुखबिर लगाए गये। लगातार सीसीटीवी फूटेज का अवलोकन से आरोपी के आने-जाने वाले रास्ते एवं घर तक पहुंचने का पता चला, जिसे घेराबंदी कर पकडा गया और पूछताछ किया गया।
आरोपी यशवंत उपाध्याय पूर्व में 2011-12 में मारपीट के प्रकरण में जेल गया था। जेल में आरोपी की मुलाकात चोरी के अन्य अपराधी जो पहले से जेल में निरूद्ध थे, से हुआ। जेल में रहकर आरोपी का मन चोरी की ओर झुक गया। जेल से वर्ष 2012 में छूटने के बाद आरोपी ने मंदिरो में चोरी करना शुरू कर दिया। चोरी के दौरान आरोपी जिस मंदिर में चोरी करना है उस मंदिर की रेकी करता था। रेकी पूरी होने पर दूसरे दिन आरोपी चोरी करने अपने जूपीटर में जाता और घटना-स्थल पहुंचने के कुछ दूर पहले अपनी जूपीटर को खड़ी कर देता एवं अपने पहने हुये कपडे चेंज कर लेता था, वहाँ से पैदल जाकर मंदिर का ताला तोडकर चोरी की घटना को अंजाम देता था।
चोरी की घटना कारित करने के पश्चात् वापस अपने जूपीटर के पास जाता एवं पुनः कपडे को चेंज कर लेता था। बार-बार आरोपी द्वारा कपडे बदलने से आरोपी की पहचान सीसीटीवी कैमरा में आसानी से नहीं हो पा रही थी। आरोपी द्वारा चोरी के बाद मुख्य मार्ग का उपयोग ना करके गली-महल्लों के मार्गों का उपयोग करता था ताकि कैमरो की जद में ना आ सकें। आरोपी द्वारा अभी तक 10 अलग-अलग मंदिरों में चोरी करना बताया गया हैं। शहर के जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के द्वारा अपने घरों/दुकानों में लगाये गये अच्छी क्वालिटी के कैमरों के कारण आरोपी की निशानदेही में पुलिस को कॉफी सहयोग मिला, जिसके चलते आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी।
आम नागरिकों के सहयोग से ही ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस को मदद मिलती है। अतः अगर सभी नागरिक इसी तरह जागरूक हो तो ऐसे अपराधिक घटनाओं को घटित होने से रोका जा सकता है तथा थाना नेवई-02, सुपेला-03, पद्मनाभपुर 01, भिलाई भट्टठी-02, भिलाई नगर 01 में भी मंदिर में हुए चोरी के अपराध को कारित करना स्वीकार किया है, जिसमें अपराध पंजीबद्ध है।
इस प्रकरण की कार्यवाही में एसीसीयू एवं थाना नेवई की उल्लेखनीय भूमिका रही है।
