अबूझमाड़ जंगल में भीषण मुठभेड़ : “माड़ बचाव अभियान” में धमाका, LMG, AK-47, INSAS, स्टेन गन और 300 से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद, नक्सलियों को तगड़ा झटका, हथियारों का बड़ा जखीरा छोड़ भागे माओवादी, भारी संख्या में घायल होने की आशंका.

श्री सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित तुकाराम काम्बले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर के मार्गदर्शन श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, श्री अक्षय साबद्रा (भा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं श्री अजय कुमार (भा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स के नेतृत्व में चलाये जा रहे “माड़ बचाओ” नक्सल विरोधी अभियान में डीआरजी नारायणपुर, एसटीएफ और आईटीबीपी की संयुक्त दल को भारी संख्या में आर्म्स, एम्युनेशन, विस्फोटक सामग्री और नक्सल साहित्य बरामद करने में सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि भा.पु.से. श्री रोबिनसन गुड़िया (पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर) के निर्देशानुसार दिनांक 24 अगस्त 2025 को डीआरजी नारायणपुर, एसटीएफ और आईटीबीपी (38वीं वाहिनी, 41वीं वाहिनी और 45वीं वाहिनी) की संयुक्त पार्टी टॉरगेट एरिया कसोड़, कुमुरादी, माड़ोड़ा, खोड़पार और गट्टाकाल की ओर नक्सल विरोधी अभियान के लिये रवाना हुई थी। कुतुल एरिया कमेटी के क्षेत्र जंगल पहाड़ में माओवादियों के द्वारा पुलिस को जान से मारने और हथियार लूटने की नियत से अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें सुरक्षा बालों द्वारा आत्म रक्षा में की गई जवाबी कार्यवाही से भयभीत होकर, माओवादी घनघोर जंगल, नदी-नाले का फायदा उठाकर भाग निकले। मुठभेड़ स्थान का सर्च करने पर डीआरजी और एसटीएफ के जवानों को माओवादियों द्वारा डम्प किए गए भारी मात्रा में आर्म्स, एम्युनेशन, विस्फोटक सामग्री और नक्सल साहित्य मिली है। अबूझमाड़ क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश एवं नदी नाले उफान पर होने के बावजूद सुरक्षा बलों के द्वारा लगातार 5 दिनों तक नक्सल विरोधी गश्त सर्चिंग अभियान संचालित किया गया।

सुरक्षा बलों की इस कार्यवाही से नक्सलियों को भारी मनोवैज्ञानिक तथा रणनीतिक क्षति होने के साथ-साथ उन्हें यह साफ संदेश गया है कि अब माओवादी माड़ के किसी क्षेत्र में सुरक्षित नहीं है, उनके आश्रय स्थल सिमटते जा रहे है। अब नक्सल मुक्त बस्तर की परिकल्पना साकार रूप ले रही है।

एसपी नारायणपुर श्री रोबिनसन गुरिया (भा.पु.से.) ने कहा कि- अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतो के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, जिससे क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि वे बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।

पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) ने कहा कि – वर्ष 2025 में माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलोn के द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है। प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़ कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है। अतः माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ें।

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