15वें वित्त में करोड़ों का भ्रष्टाचार! नारायणपुर पंचायत में बिना काम कराए लाखों की निकासी, कलेक्टर से जांच व कार्रवाई की मांग.
कुनकुरी, 30 अगस्त 2025 : जशपुर जिले की जनपद पंचायत कुनकुरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत नारायणपुर से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि का भारी दुरुपयोग कर लाखों रुपये बिना काम कराए ही आहरित कर लिए गए। इस पूरे मामले में पंचायत प्रतिनिधियों, सचिव और निर्माण से संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिना निर्माण कार्य हुए लाखों की निकासी
शिकायत पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत नारायणपुर में सड़कों, बोर खनन, स्ट्रीट लाइट और चबूतरा निर्माण जैसे कार्यों के लिए कुल 6 लाख 70 हजार रुपये से अधिक की राशि आहरित की गई। लेकिन जमीनी स्तर पर ये कार्य हुए ही नहीं है।
- सड़क निर्माण कार्य (पोखराटोली) – ₹2,00,000 (दिनांक 05/10/2021)
- बोर खनन कार्य (नारायणपुर) – ₹1,35,000 (दिनांक 15/01/2025)
- बोर खनन कार्य (नारायणपुर) – ₹1,35,000 (दिनांक 15/01/2025)
- स्ट्रीट लाइट – ₹1,00,000 (दिनांक 15/01/2025)
- चबूतरा निर्माण – ₹1,00,000 (दिनांक 15/01/2025)
चुनाव से पहले ही हड़प ली राशि
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत की सरपंच मुक्ति लता प्रधान और पूर्व उपसरपंच संजय बंग व सचिव ने चुनाव से महज एक माह पहले ही इन कार्यों की राशि अपने कब्जे में कर ली। आवेदनकर्ता अंकुर राम ने कहा है कि “आज तक ये कार्य पंचायत में पूरे नहीं हुए हैं, जबकि कागज़ों में भुगतान कर दिया गया।”
फर्जी खातों में ट्रांसफर, भारी घोटाले की गंध
दी गई जानकारी के अनुसार राशि असंबंधित व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई है। इससे यह स्पष्ट है कि पंचायत स्तर पर मिलीभगत कर लाखों के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरपंच और पूर्व उपसरपंच ने सचिव सहित पूरे तंत्र को मिलाकर सरकारी राशि की लूट मचाई है।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए आवेदनकर्ता ने जिला कलेक्टर जशपुर से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी सरपंच को तत्काल बर्खास्त करने और घोटाले से संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है। आवेदन पर कलेक्टर कार्यालय ने 22 जुलाई 2025 को प्राप्ति की मुहर भी लगाई है, जिससे यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश, पारदर्शिता पर सवाल
ग्राम पंचायत नारायणपुर में इस खुलासे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागज़ों में काम दिखाए जाते हैं, जबकि ज़मीन पर कुछ नहीं होता। 15वें वित्त आयोग की राशि जो गाँव की बुनियादी जरूरतों पर खर्च होनी थी, वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।
क्या होगी कार्रवाई?
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से जांच करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला पंचायत स्तर पर अब तक के सबसे बड़े घोटालों में से एक माना जाएगा।

