ऑपरेशन अंकुश में उजागर हुई थी तस्करी की साजिश : घर के सोफे, कूलर और स्कॉर्पियो में छिपा रखा था 16 किलो गांजा, गांजा तस्करी में पूरा परिवार निकला सम्मिलित ! जशपुर पुलिस ने उड़ीसा से फरार मां-बेटे-बहू को किया गिरफ्तार, भेजा जेल.

प्रकरण का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 25 अगस्त 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना बागबहार क्षेत्रांतर्गत ग्राम कुकरगांव निवासी आरोपी राम प्रताप यादव, जो कि निगरानी बदमाश है, अवैध रूप से गांजा तस्करी के कारोबार में संलिप्त है व अपने घर में बिक्री के लिए, गांजा को छुपाकर रखा है। जिस पर बागबहार पुलिस के द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, पुलिस टीम के साथ निगरानी बदमाश की चेकिंग हेतु, ग्राम कुकरगांव, मोहनीपुरी, में आरोपी रामप्रताप यादव के घर रवाना हुए, पुलिस जब निगरानी चेकिंग हेतु आरोपी राम प्रताप के घर पहुंची, तो राम प्रताप व उनके परिजनों के द्वारा , पुलिस को देख, जबरन पुलिस के साथ वादविवाद करते हुए, अपने घर को ताला मारकर , फरार हो गए थे, पुलिस को संदेह होने पर, पुलिस के द्वारा विधिवत ताला तुड़वाकर जब घर के तलाशी ली गई तो, वहां सोफे के नीचे , कूलर के अंदर व आंगन में खड़ी सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक CG14MD5804 में प्लास्टिक की पोलीथीन में बांध कर छिपा कर रखा हुआ,16 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा मिला था। जिसकी बाजार में कीमत लगभग 04 लाख 50 हजार रुपए है, पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा सहित, तस्करी में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन व एक स्कूटी को भी जप्त किया है।

प्रकरण में पुलिस के द्वारा आरोपियों के विरुद्ध थाना बागबहार में 8,20(बी)(2)(C),29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी निगरानी बदमाश रामप्रताप यादव उम्र 50 वर्ष निवासी कुकरगांव, मोहिनीपूरी, को हिरासत में लेकर, उसके अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

पुलिस ने मामले में फरार अन्य आरोपियों को भी चिन्हित कर लिया था,  जिसमें की आरोपी राम प्रताप यादव की पत्नी आरोपिया गुलाबी यादव, बेटा आरोपी नूरपति यादव व बहु शांति बाई सम्मिलित थे, जो कि घटना दिनांक से ही फरार थे, पुलिस लगातार उनकी पातासाजी कर रही थी व उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

इसी दौरान दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को पुलिस को मुखबीर से पता चला कि उक्त आरोपीगण जिला सुन्दरगढ़ उड़ीसा स्थित एक ग्रामीण क्षेत्र वलींगा में छिपे हुए हैं, जिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर तत्काल थाना बागबहार की पुलिस टीम के द्वारा सुंदरगढ़ उड़ीसा, जाकर, ग्राम वलींगा से उक्त तीनों फरार आरोपियों को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।

पुलिस की पूछताछ में उक्त तीनों आरोपियों ने बताया कि उक्त गांजा को उनके पास रायगढ़, जिला क्षेत्रांतर्गत रहने वाले एक व्यक्ति के द्वारा आरोपियों को बिक्री हेतु लाया गया था, पुलिस ने आरोपियों की निशानदेहि पर उक्त संदेही व्यक्ति को चिन्हित कर लिया है, जो कि फरार है, पुलिस की पता साजी जारी है, शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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