वर्ष 2024 में चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत प्रार्थी राजू साय को व्हाट्सअप मैसेज के माध्यम से, एक अंजान एप लिंक भेज, ठग लिए थे 02 लाख 35 हजार रुपये, मामला चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत का.
आरोपियों के विरुद्ध चौकी आरा में बीएनएस की धारा 318,318(4) व 120(बी) के तहत अपराध है पंजीबद्ध.
रकम ट्रांजेक्शन को ट्रेस कर पुलिस पहुंची आरोपी जहुरुल इस्लाम तक,
आरोपी जहुरुल इस्लाम, ने किराए पर दे रखा था, अपना खाता, उसी खाते से ठगों ने ट्रांजेक्शन कर निकाल लिए थे रुपए.
उक्त ठगी में शामिल अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने कर लिया है चिन्हित, की जा रही है पतासाजी, शीघ्र ही की जावेगी गिरफ्तारी.
क्या है म्यूल अकाउंट – इसमें बैंक के खाताधारक के द्वारा अपने बैंक अकाउंट को अपराधियों को किराए पर दिया जाता है, अपराधियों के द्वारा उक्त अकाउंट से ठगी की रकम व अन्य अवैध राशि की लेनदेन की जाती है, जिसके एवज में खाताधारक को नियत राशि अपराधियों के द्वारा दी जाती है।
पुलिस रख रही है कुछ बड़े म्यूल खातधारकों पर नजर, की जा रही है कार्यवाही.
नाम गिरफ्तार आरोपी – जहुरूल इस्लाम, उम्र 23 वर्ष निवासी राजीव नगर, चौकी मुड़िया, थाना बाग़बहोर जिला बरपेटा (असम)
जशपुर : जशपुर पुलिस ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। चौकी आरा क्षेत्र में हुई ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने असम के निवासी जहुरुल इस्लाम को चेन्नई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपना बैंक खाता ठगों को किराए पर दिया था, जिसके जरिए ₹2.35 लाख की ठगी की गई थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
प्रकरण का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 12 जुलाई 2024 को चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम टुकुटोली निवासी प्रार्थी राजू साय उम्र 50 वर्ष ने चौकी आरा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 07 जुलाई 2024 को उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सअप मैसेज आया था, जिसमें बताया गया था कि आपका पीएम किसान निधि योजना चालू हो गया है और भेजे गए एप लिंक पर क्लिक करने हेतु भी कहा गया। तब प्रार्थी के द्वारा उक्त एप लिंक पर क्लिक कर दिया गया, क्लिक करने पर उसके खाते से ठगों के द्वारा उसके खाते से 02 लाख 35 हजार रुपये का आहरण कर लिया गया। इस प्रकार ठगों के द्वारा उसके साथ ऑनलाइन ठगी की गई है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर तत्काल चौकी आरा में बीएनएस की धारा 318,318(4) व 120(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा प्रार्थी राजू साय के बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट निकाल कर, जांच करने पर पाया कि दिनांक 07 जुलाई 2024 को, जिस मोबाइल नंबर से प्रार्थी राजू साय को व्हाट्सअप मैसेज आया था, उसी के धारक के द्वारा, प्रार्थी राजू साय के खाते में से अलग-अलग किस्त में 85 हजार रुपए को असम राज्य के केनरा बैंक के एक खाता धारक को व 01 लाख रुपए को असम राज्य के ही एक दूसरे खाताधारक को तथा 50 हजार रुपए को वर्तमान में गिरफ्तार किए गए आरोपी जहुरुल इस्लाम के एक्सिस बैंक के खाता में आईएमपीएस के माध्यम से ट्रांसफर किया गया था व रकम को झारखंड राज्य के धनबाद से एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया था। पुलिस ने अन्य दो खाता धारकों को भी चिन्हित कर लिया था, जिनके खाते में ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन हुआ है। पुलिस के द्वारा लगातार मामले से जुड़े आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस को टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि उक्त मामले के संदिग्ध खाताधारकों में से एक आरोपी जहुरूल इस्लाम उम्र 23 वर्ष चेन्नई में है। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा पुलिस की विशेष टीम गठित कर आरोपी जहुरुल इस्लाम की पतासाजी व धर-पकड़ हेतु, चेन्नई भेजी गई थी, जहां पुलिस टीम के द्वारा, टेक्निकल टीम की मदद से आरोपी जहुरूल इस्लाम को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।
पुलिस की पूछताछ पर आरोपी जहुरुल इस्लाम ने बताया कि उसके द्वारा वर्ष 2024 में एक्सिस बैंक में अकाउंट खोला गया था, जिसके पासबुक, एटीएम कार्ड तथा चेक बुक को उसके द्वारा, अपने पड़ोसी गांव के ही एक व्यक्ति को दे दिया गया था। उनके द्वारा ही उसके खाते से ट्रांजेक्शन किया जाता था। आरोपी जहुरुल इस्लाम की निशानदेही पर पुलिस ने उक्त व्यक्ति को भी चिन्हित कर लिया है, मामले में पुलिस की जांच जारी है। मामले से अन्य आरोपी फरार है, पुलिस की पता साजी जारी है, शीघ्र ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपी जहुरुल इस्लाम के अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी जहुरुल के कब्जे से उसके मोबाइल फोन व खाता से लिंक सिम को भी जप्त कर लिया है।
मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी आरा सहायक उपनिरीक्षक चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, आरक्षक कलेश्वर व आरक्षक अरुण तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ज्ञातव्य है कि अपराधियों के द्वारा साइबर ठगी करने व अन्य अवैध लेन-देन के लिए नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, इसी का एक उदाहरण म्यूल अकाउंट है, जिसमें अपराधियों द्वारा अवैध लेन देन के लिए बैंक के खाता धारकों को रुपए का लालच देकर उनके खातों को किराए पर लिया जा रहा है, उक्त खाता धारकों के अकांउट की एटीएम व खाता से लिंक मोबाइल नंबर को अपराधियों के द्वारा अपने पास रखा जाता है, जिसके माध्यम से अपराधी अवैध रुपए का लेन देन करते हैं। जशपुर पुलिस लगातार ऐसे म्यूल अकाउंट पर नजर बनाए हुई है, पूर्व में दुलदुला, कुनकुरी, जशपुर व पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत कुछ म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
प्रकरण के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि चौकी आरा क्षेत्र के एक व्यक्ति से ऑनलाइन, एक संदिग्ध एप लिंक के माध्यम से दो लाख रुपए से अधिक की ठगी की गई थी। प्रार्थी के खाते के ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने मामले से जुड़े एक आरोपी को चेन्नई से लाकर, गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस किराए पर अपना बैंक खाता देने वाले खाताधारकों पर निरन्तर नजर रखी हुई है, प्रकरण में फरार अन्य आरोपीयों की पातासाजी जारी है, उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
