जांजगीर पुलिस का बड़ा ऑपरेशन ! ड्रॉप-आउट बच्चों की ज़िंदगी बदलने को तैयार “शिक्षा उपहार” मिशन. अब अपराध नहीं, शिक्षा बनेगी हथियार, एसपी विजय कुमार पाण्डेय (IPS) का “ऑपरेशन शिक्षा उपहार” लॉन्च.

जांजगीर-चांपा पुलिस ने अपराधों की रोकथाम के लिए एक अनूठा और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत सराहनीय कदम उठाया है। जिले में जल्द ही “ऑपरेशन शिक्षा उपहार” नामक एक विशेष योजना शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य उन ड्रॉपआउट बच्चों (जो किसी कारणवश स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं) को फिर से सही दिशा और अवसर प्रदान करना है। इसी कड़ी में जिले के प्रमुख कॉलेजों के प्रिंसिपल/प्रोफेसरों का आहुत बैठक लिया जाकर ड्रॉप-आउट बच्चों के संबंध में आवश्यक चर्चा किया गया।

जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्राचार्यों के सहयोग से एक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र या मोहल्ले में रहने वाले ऐसे बच्चों की पहचान करनी होगी, जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी है।

जो पारिवारिक या आर्थिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई जारी नहीं रख पाए।

जो शिक्षा में कमजोर होने के बावजूद खेल, संगीत या अन्य कला में दक्ष हैं।

अथवा जो गलत संगत या नशे की प्रवृत्ति के कारण अवैध गतिविधियों या अपराधों की ओर बढ़ गए हैं।

इन बच्चों को अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद जिला पुलिस टीम द्वारा उनकी काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा ने बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य सिर्फ अपराध रोकना नहीं है, बल्कि समाज में स्थायी शांति व्यवस्था बनाए रखना और युवाओं को अपराध से दूर कर मुख्यधारा में पुनः शामिल करना है।

पुलिस विभाग का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ड्रॉप-आउट बच्चों की बढ़ती संख्या और उनके अपराधों में शामिल होने के मामलों ने चिंता बढ़ाई है। इसलिए अब पुलिस सीधे समाज और शिक्षा संस्थानों के सहयोग से इस समस्या की जड़ पर कार्य करेगी।

पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी नागरिकों, शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे “ऑपरेशन शिक्षा उपहार” योजना में सक्रिय सहयोग दें। यह योजना न केवल अपराध की रोकथाम में सहायक होगी, बल्कि बच्चों को एक नया जीवन, नया अवसर और सही दिशा प्रदान करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

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