जिला न्यायालय बलौदाबाजार में नव निर्मित अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण व भाटापारा, सिमगा तथा कसडोल में सिविल न्यायालय भवनों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास जिला बलौदाबाजार में न्यायिक अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा
बलौदाबाजार : माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के द्वारा 6 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायपालिका में न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में जिला न्यायालय बलौदाबाज़ार में नव-निर्मित अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भाटापारा, सिमगा और कसडोल में सिविल न्यायालय भवनों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय श्री न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय पोर्टफोलियो न्यायाधीश जिला बलौदाबाजार-भाटापारा की वर्चुअल माध्यम से गरिमामय उपस्थिति रही एवं अन्य माननीय न्यायाधीशगण, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर वर्चुअल लिंक के माध्यम से शामिल हुए।
इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला अधिवक्ता संघ को नवीन एवं सुसज्जित अधिवक्ता कक्ष के लोकार्पण पर बधाई देते हुए व्यक्त किया कि बलौदाबाज़ार जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं के लिए नव निर्मित अधिवक्ता कक्ष अत्यंत उपयोगी है एवं अधिवक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकेगा। पूर्व में जहाँ अधिवक्तागण विभिन्न स्थानों पर बैठकर कार्य करते थे, वहीं अब यह नवीन बार रूम उन्हें एक सुसज्जित एवं आरामदायक वातावरण प्रदान करेगा, जिससे वे पक्षकारों के हित में और अधिक दक्षता के साथ कार्य कर सकेंगे
जिससे बलौदाबाजार क्षेत्र के समस्त पक्षकार, अधिवक्तागण को सुविधायुक्त वातावरण में शीघ्र न्याय प्राप्त हो सकेगा।
माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा यह भी व्यक्त किया गया कि किसी भी संस्थान में अधोसंरचना का निर्माण और विकास उस संस्थान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का मनोबल बढ़ाते हैं। भाटापारा, सिमगा और कसडोल में सिविल न्यायालय भवन न्यायिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब ये भवन निर्धारित समयावधि में निर्मित होंगे, तब वहाँ का कार्य वातावरण और अधिक उत्कृष्ट होगा। ये न्यायालय भवन न केवल पक्षकारों बल्कि अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और न्यायिक कर्मचारियों सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। सुविधायुक्त अधोसंरचना से न्यायिक कार्यों की गति बढ़ेगी और न्याय की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हो सकेगा।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय सदैव इस दिशा में प्रतिबद्ध है कि राज्य की जिला न्यायपालिका को सर्वोत्तम अधोसंरचना उपलब्ध कराई जाए। राज्य सरकार के सहयोग से उच्च न्यायालय निरंतर न्यायिक भवनों, अधिवक्ता कक्षों, डिजिटल सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का विस्तार कर रहा है ताकि न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने यह भी साझा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायपालिका में निरंतर सकारात्मक परिवर्तन देखे हैं। जिला न्यायपालिका और उच्च न्यायालय दोनों स्तरों पर अधोसंरचना, पारदर्शिता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे जनता का विश्वास न्यायपालिका के प्रति और भी दृढ़ हुआ है। जिला न्यायपालिका समाज के उत्थान एवं विधि के शासन को सुदृढ़ बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर न्यायिक संस्थाओं को और अधिक सक्षम एवं जनकल्याणकारी बनाएं। जिससे छत्तीसगढ़ राज्य की जिला न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ एवं सुविधायुक्त कार्य-वातावरण में सक्षम, तत्पर और त्वरित न्याय प्राप्त हो सके।
बलौदाबाजार न्यायालय परिसर में अधिवक्ता कक्ष के निर्माण हेतु ₹48,80,00, भाटापारा में सिविल न्यायालय भवन के लिए 8करोड़ 83 लाख 74 हजार,कसडोल में सिविल न्यायालय भवन के लिए ₹7करोड़ 4 लाख 19 हजार तथा सिमगा में सिविल न्यायालय भवन के लिए 6करोड़ 90लाख 17 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार कुल लगभग ₹23 करोड़ 26 लाख 90 हजार की राशि इन परियोजनाओं पर व्यय की जाएगी। इन भवनों के निर्माण से जिला बलौदाबाजार-भाटापारा की न्यायिक अधोसंरचना में अभूतपूर्व सुदृढ़ता आएगी, जिससे न्यायिक कार्यों की गति में वृद्धि होगी तथा अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं पक्षकारों को बेहतर, आधुनिक एवं सुविधायुक्त वातावरण प्राप्त होगा।
यह उल्लेखनीय है कि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा पद भार ग्रहण करने के पश्चात् सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ जिला मुख्यालय एवं बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने से पक्षकारों, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी एवं अधिकारियों को होने वाली असुविधा को दृष्टिगत रखते हुये दूरदर्शिता पूर्ण एवं सकारात्मक सोच के भागीरथ प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में न्यायिक अधोसंरचना में अभूतपूर्व विकास का कार्य हो रहा है, जिससे अधिकारी एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होने के साथ पक्षकारों को सुविधायुक्त वातावरण शीघ्र न्याय प्राप्त करने की परिकल्पना साकार हो रही है।
उपरोक्त भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलौदाबाजार भाटापारा के स्वागत भाषण से हुई और समापन मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
इस कार्यक्रम में छ.ग. उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से तथा जिला न्यायालय बलौदाबाजार, व्यवहार न्यायालय भाटापारा, सिमगा और कसडोल के न्यायिक एवंप्रशासनिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी और इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।
