20 साल में पहली बार न्यायिक अवसंरचना में इतना बड़ा बदलाव! भाटापारा स्थापना दिवस पर खुलासा—95 से अधिक नए निर्माण, लंबित मामलों में 17 हजार की ऐतिहासिक कमी

भाटापारा व्यवहार न्यायालय के 20 वें स्थापना दिवस पर मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व एवं उपलब्धियों की गूंज मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण में उल्लेखनीय प्रगति बलौदाबाजार : अधिवक्ता संघ भाटापारा द्वारा बुधवार को व्यवहार न्यायालय परिसर, भाटापारा में व्यवहार न्यायालय भाटापारा का 20 वाँ स्थापना दिवस समारोह  आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष भव्यता एवं महत्व प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया…

Read More

न्याय का मूल अंतःकरण है, केवल प्रक्रिया नहीं — मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा; सरगुजा संभाग के 69 अधिकारियों का हुआ ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सेमिनार

न्याय केवल प्रणालियों और प्रक्रियाओं से नहीं होता है; यह न्यायाधीश के अंतः करण से प्रवाहित होता है – माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय रायपुर/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा सरगुजा संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन सर्किट हाउस, नए भवन, अम्बिकापुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। सेमिनार में सरगुजा संभाग के पाँच सिविल जिलों-अम्बिकापुर, बैकुंठपुर, जशपुर, बलरामपुर (रामानुजगंज), सूरजपुर- से 69 न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि, माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़…

Read More

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने किया बलौदाबाजार जिला न्यायालय में अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण, भाटापारा-सिमगा-कसडोल में सिविल न्यायालय भवनों का भूमिपूजन

जिला न्यायालय बलौदाबाजार में नव निर्मित अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण व भाटापारा, सिमगा तथा कसडोल में सिविल न्यायालय भवनों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास जिला बलौदाबाजार में न्यायिक अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा बलौदाबाजार : माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के द्वारा 6 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायपालिका में न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में जिला न्यायालय बलौदाबाज़ार में नव-निर्मित अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के…

Read More

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा का संदेश : हर केस के पीछे होती है संघर्ष, आशा और न्यायपालिका में विश्वास की कहानी – बस्तर संभागीय न्यायिक सेमिनार में न्यायिक अधिकारियों को किया संबोधित

रायपुर, 14 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन प्रेरणा हॉल, कलेक्टरेट भवन, जगदलपुर में किया गया। इस सेमिनार में बस्तर संभाग के चार जिलों जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने वर्चुअल माध्यम से सत्र का उद्घाटन किया। सेमिनार में श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला कांकेर की भी…

Read More

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने नेशनल लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की, 13 सितंबर को राज्यभर में होंगे लंबित मामलों का निपटारा

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 13 सितंबर, 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा हेतु राज्य के न्यायिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई बिलासपुर, 28 अगस्त, 2025 : माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक महोदय के द्वारा आगामी नेशनल लोक अदालत जो कि दिनांक 13 सितंबर, 2025 को आयोजित की जानी है, की तैयारियों की समीक्षा हेतु राज्य के सभी प्रधान जिला…

Read More

बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य – मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा

रायपुर, 24 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने कहा है कि बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना केवल विधिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि नैतिक और संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि बालिका के लिए सुरक्षित वातावरण केवल उसे अपराध से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक पहल से आरंभ होता है- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समान अवसर की उपलब्धता अपरिहार्य है। सभी संस्थानों का उद्देश्य केवल अन्याय को रोकना नहीं, बल्कि सशक्तिकरण करना है।…

Read More

“न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है।”- माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

बिलासपुर, 27 जुलाई 2025 : छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू-सर्किट हाउस में किया गया। इस सेमिनार में रायपुर संभाग के चार जिलों के 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रकरणों के शीघ्र निराकरण किये जाने, गिरफ्तारी रिमाण्ड और जमानत से संबधित प्रावधान, अभियुक्त की परीक्षण का उद्देश्य एवं प्रक्रिया तथा हिन्दु उत्तराधिकार अधिकार एवं विरासत से संबंधित कानून का विश्लेशण एवं अध्ययन किया जाना है। न्याय और विधिक…

Read More

न्यायिक अध्ययन जीवन पर्यन्त चलता है, और विनम्रता उसका सहचर होती है – न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने नव-पदोन्नत न्यायाधीशों को दी न्यायिक मर्यादा की सीख         

रायपुर-बिलासपुर, 23 जून 2025 : छत्तीसगढ़ राज्य के जिला न्यायालयों में पदस्थ एवं वर्ष 2024 में नव- पदोन्नत जिला न्यायाधीशों (प्रवेश स्तर) के लिए ओरिएंटेशन कोर्स (अंतिम चरण) कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 23/06/2025 को माननीय मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी, बिलासपुर श्री रमेश सिन्हा के द्वारा किया गया । उक्त कार्यक्रम में माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दुबे, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। मुख्य अतिथि माननीय श्री मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा के द्वारा अपने उद्बोधन में सभी…

Read More