गजरथ यात्रा का अनोखा अभियान! अब तक 92 स्कूलों में 9800 छात्राओं को सिखाई हाथियों की भाषा, कांसाबेल में जारी जागरूकता की लहर

अब तक गजरथ यात्रा फरसाबहार, कुनकुरी, बगीचा एवं पत्थलगांव के 92 स्कूलों में लगभग 9800 छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की दी है जानकारी

जशपुर : विगत कई वर्षों से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्य सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनायें होने की संभावनाएं बनी रहती है।

जशपुर वनमण्डल द्वारा हाथी मानव द्वंद को न्यूनतम करने उद्देश्य से 21 जून 2025 को गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया है।

गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधियां के संबंध में विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06 वीं से 12वीं के छात्र व छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गांव के चौपालों में चलचित्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों में जागरूकता लाने का कार्य करेगी।

गजरथ यात्रा फरसाबहार, कुनकुरी बगीचा एवं पत्थलगांव विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले 92 स्कूलों में हाथी के व्यवहार एवं गतिविधियां की जानकारी लगभग 9800 छात्र व छात्राओं देकर गजरथ यात्रा कांसाबेल विकासखण्ड में पहुंचकर अब तक 04 स्कूलों के 903 छात्र व छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दिया गया। वर्तमान में कांसाबेल विकासखंड में निरंतर गजरथ यात्रा अपना कार्य कर रही है।

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