संस्कृत कॉलेज रायपुर में बाहरी उम्मीदवार की गुप्त नियुक्ति ? सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर लगाया पारदर्शिता खत्म करने का आरोप

संस्कृत कॉलेज रायपुर के वेद विभाग में गुपचुप तरीके से बाहरी उम्मीदवार की नियुक्ति

रायपुर : आउटसोर्सिंग के माध्यम से सरकारी विभागों में भर्ती किए जाने पर भाजपा सरकार को युवा विरोधी और छत्तीसगढ़िया विरोधी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार सरकारी विभागों में नियुक्तियों के लिए तय मापदंड, निर्धारित नीतियों और पारदर्शिता की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रही है। शासकीय संस्कृत कॉलेज रायपुर के वेद विभाग में अतिथि सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में स्थानीय योग्य युवाओं के अधिकारों को कुचलकर गुपचुप तरीके से बाहरी उम्मीदवार को नियुक्त कर दिया गया है। इससे पहले भी बचेली और किरंदुल के एनएमडीसी के माइंस के लिए भर्ती हैदराबाद से की गई, छत्तीसगढ़ के अनेकों विश्वविद्यालयों में बाहरी कुलपति बनाए, कई जिलों में वन रक्षक भर्ती और पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए हैदराबाद की इवेंट कंपनी से मिलीभगत करके की गई भयंकर गड़बड़ी सर्वविदित है। भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ को दूसरे प्रदेशों के संघी, भाजपाइयों का चारागाह बनाया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि महाविद्यालय ने पत्र क्रमांक 390/2025 रायपुर, दिनांक 27 जुलाई 2025 को विज्ञापन जारी किया, जिसमें वेद विभाग में अतिथि सहायक प्राध्यापक के एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 4 अगस्त 2025 रखी गई और 6 अगस्त को मेरिट सूची सह दावा-आपत्ति सूची जारी की गई। इस सूची में कई स्थानीय छत्तीसगढ़िया योग्य अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे, लेकिन अंतिम चयन सूची में छत्तीसगढ़ से बाहर के अभ्यर्थी को नियुक्त कर दिया गया, यह कृत्य सरकार के स्थानीय युवा विरोधी चरित्र को प्रमाणित करता है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि स्थानीय युवाओं के रोजगार के हक में डकैती यही खत्म नहीं हुआ, विगत 8 अक्टूबर 2025 को विभाग में वर्षों से कार्यरत एक अनुभवी अतिथि सहायक प्राध्यापक ने प्रशासन की दुर्भावना से व्यथित होकर त्यागपत्र दे दिया, उसके बाद नियमों के अनुसार नया विज्ञापन जारी होना चाहिए था, ताकि स्थानीय युवाओं को आवेदन का अवसर मिल सके, परंतु कॉलेज प्रशासन ने न तो नया विज्ञापन निकाला, न ही संबंधित विभाग से अनुमति ली बल्कि पूर्व में दावा-आपत्ति सूची से हटाए गए छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी नितिन नबीन के गृहप्रदेश बिहार निवासी व्यक्ति को गुपचुप तरीके से 6 नवंबर 2025 को बुलाकर जॉइनिंग करा दिया। यह नियुक्ति इसलिए भी आपत्तिजनक है क्योंकि नियुक्त किये गये अभ्यर्थी का नाम अंतिम चयन सूची में था ही नहीं यह नियुक्ति पूरी तरह से अवैधानिक है। राज्य शासन द्वारा 21 जून 2024 को लागू की गई “अतिथि व्याख्याता भर्ती नीति 2024” की कंडिका 5.4 में स्पष्ट उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थियों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थानीय युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अवसर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेचने का काम कर रही है।

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