धान खरीदी में तकनीकी सुधार का लाभ! किसान गौकरण साहू बोले—‘139 क्विंटल धान बेचना हुआ पहले से कहीं आसान और व्यवस्थित’

धान खरीदी प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और बेहतर सुविधाओं से संतुष्ट हुए- किसान गौकरण साहू

रायपुर : इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान समर्थन मूल्य में वृद्धि तथा उपार्जन केन्द्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का सीधा लाभ किसानों को मिलता दिख रहा है। दुर्ग जिले के ग्राम जंजगिरी के किसान श्री गौकरण साहू ने बताया कि उन्होंने इस खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 139 क्विंटल धान का विक्रय किया और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और व्यवस्थित रही।

       श्री साहू ने बताया कि इस बार उपार्जन केंद्र में सुगठित भंडारण व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया तथा पर्याप्त मजदूर उपलब्धता से धान की खरीदी बिना किसी बाधा के संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन जारी हो गया, जिससे अनावश्यक भीड़ और प्रतीक्षा दोनों से राहत मिली। खरीदी केंद्र में निरंतर बिजली आपूर्ति और संचार सुविधा भी बेहतर रही, जिससे कार्य में गति आई।

      उन्होंने कहा कि इस वर्ष शासन द्वारा किए गए कई बुनियादी सुधार जैसे मजबूत पावर सप्लाई, साफ-सुथरा प्लेटफ़ॉर्म, व्यवस्थित बोरा प्रबंधन, और पूर्णत: डिजिटल टोकन व्यवस्था से किसानों का समय, श्रम और लागत तीनों की बचत हुई है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के साथ-साथ आगे की खेती की तैयारियाँ भी समय पर करने में सुविधा मिली है। श्री गौकरण साहू ने कहा कि वे शासन के आभारी हैं, जिसने धान खरीदी मूल्य बढ़ाकर और खरीदी प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाकर किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी है।

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