सफ़ाई अभियानों से लेकर सामाजिक जागरूकता—छत्तीसगढ़ के 33 ज़िलों में ‘विश्वशांति विश्वविद्यालय’ का जन-जागरण अभियान जारी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री उदयन बेहार की उपस्थिति में जांजगीर के कचहरी चौक में चलाया गया यातायात जागरूकता अभियान.
हेलमेट पहनकर मोटर सायकल चलाने, ट्रिपल सवारी न चलाने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, यातयात नियमों का पालन करने को फोकस करते हुए लोगों को किया गया जागरुक.
जांजगीर-चांपा : कचहरी चौक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार की मौजूदगी में विश्वशांति विश्वविद्यालय ने हेलमेट, ट्रिपल सवारी, शराब पीकर वाहन न चलाने और यातायात अनुशासन पर केंद्रित एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अभियान ने लोगों में यातायात सुरक्षा के प्रति सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। ‘विश्वशांति विश्वविद्यालय’ एवं न्यूज़ एंड मीडिया कंटेंट सेल की टीम के सदस्य ने बताया है कि संस्था का जन-जागरण एवं जन-सेवा अभियान देश के अनेक राज्यों में प्रभावी रूप से चल रहा है। पर्यावरण, स्वच्छता, मतदाता जागरूकता, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा और समाज सुधार जैसे मुद्दों पर संस्था द्वारा वर्षों से लगातार कार्य किया जा रहा है।
2018 से निरंतर सक्रिय अभियान –
विश्वशांति विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2018 से जन-जागरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अवधि में संस्था के कार्यकर्ताओं ने देश के 16 राज्यों में अभियान के तहत 04 लाख से अधिक किलोमीटर की यात्रा कर 50 से अधिक प्रमुख शहरों, गाँवों और कस्बों का भ्रमण किया। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों से लेकर बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए।
600 से ज्यादा जनसंपर्क सभाएँ आयोजित की गईं। लाखों लोगों को स्वच्छता, नशा त्याग, सड़क सुरक्षा, मतदाता जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पदयात्रा –
संस्था ने छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों में पदयात्रा करते हुए स्वच्छता और सामाजिक सुधार के संदेश आम जनता तक पहुँचाए। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस दौरान 36 स्थानों पर यात्रियों एवं साधकों को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग प्राप्त हुआ।
संस्थापक की प्रेरक कहानी –
अभियान के प्रमुख प्रेरक एवं विश्वशांति विश्वविद्यालय के संस्थापक श्री लाल जी वर्ष 1980 से सामाजिक सेवा में सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर निवासी श्री लाल जी का परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा रहा है। गाँव में संकट के समय परिवार के कठिन संघर्ष और जनसेवा की प्रेरणा ने उन्हें समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर किया। वर्ष 2001 में उन्होंने अपनी सेवा यात्रा प्रारंभ की, जो अब तक जारी है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक अभियान –
संस्था द्वारा निम्न प्रमुख विषयों पर राज्य एवं देश स्तर पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं —
* स्वच्छता अभियान, * नशा मुक्ति जागरूकता, * बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, * पर्यावरण संरक्षण (जल, जंगल, जमीन संरक्षण), * सड़क सुरक्षा एवं ट्रैफिक अनुशासन.
संस्था ने बताया कि यात्राओं के दौरान लोगों को स्वच्छ जीवन, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण बचाने तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
जनभागीदारी पर विशेष जोर –
दी गई जानकारी में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया है कि सामाजिक परिवर्तन तभी संभव है जब नागरिक स्वयं आगे बढ़ कर समाजहित के कार्यों में शामिल हों। संस्थान के अनुसार निकट भविष्य में और भी बड़े स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
