थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 524/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर शुरू की गई जांच, विवेचना के उपरांत आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में धारा 87, 64(2)(एम) बीएनएस, 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई.
रायगढ़ : चक्रधरनगर पुलिस ने नाबालिग बालिका को ओडिशा से सकुशल बरामद कर एक बार फिर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया है। शादी का लालच देकर बालिका को भगाने वाला आरोपी देवगढ़ में छिपा बैठा था, लेकिन तकनीकी निगरानी और सतत खोजबीन के बाद पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। नाबालिग को सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है, वहीं आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
चक्रधरनगर पुलिस ने थाना क्षेत्र से लापता हुई किशोर बालिका को ओडिशा से सकुशल दस्तयाब करते हुए उसे बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में रिमांड पर भेज दिया है। बीते 25 नवंबर 2025 को बालिका की मां ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी 24 नवंबर की शाम से लापता है और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे अपने साथ ले जाया गया है। रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 524/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि बालिका आदित्य दुबे नामक युवक के संपर्क में थी, जो घटना के बाद अपने कार्यस्थल से गायब हो गया था और उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला। पुलिस ने तकनीकी और मानव स्रोतों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। इसी दौरान उसके देवगढ़, ओडिशा में छिपे होने की जानकारी मिली, जिस पर पुलिस टीम तत्काल एएसआई नंद कुमार सारथी के नेतृत्व पुलिस टीम देवगढ़ रवाना हुई और आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को भी सकुशल बरामद किया गया। पूछताछ में बालिका ने बताया कि आरोपी ने उसे शादी का प्रलोभन देकर मोटरसाइकिल से अपने साथ भगा ले गया था।
बालिका का महिला उपनिरीक्षक वीना साहू से कथन दर्ज कराया गया और उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। आरोपी आदित्य दुबे के विरुद्ध प्रकरण में धारा 87, 64(2)(एम) बीएनएस, 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई है। आज आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया। इस प्रकरण की पूरी कार्रवाई में प्रभारी थाना चक्रधरनगर उप निरीक्षक गेंदलाल साहू, सहायक उपनिरीक्षक नंद कुमार सारथी, आरक्षक शैलेन्द्र पैंकरा और महिला आरक्षक दरोथिया किण्डो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
