थाना प्रेमनगर में अपराध क्रमांक 21/24 धारा 429 भादवि, छ.ग. कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर की गई कार्यवाही.
कलेक्टर सूरजपुर ने पशुओं के अवैध परिवहन में जप्त एक वाहन को राजसात करने जारी किया आदेश.
पशुओं के अवैध परिवहन में लिप्त व्यक्तियों पर आगे भी जारी रहेगी कठोर कार्रवाई.
सूरजपुर : पशु तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। सूरजपुर जिले में अवैध रूप से पशुओं के परिवहन में प्रयुक्त एक वाहन को शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया है। यह कार्रवाई न केवल पशु तस्करों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि तस्करी में उपयोग किए गए संसाधनों पर भी सीधा प्रहार कर रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के अवैध परिवहन और क्रूरता के मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम के अंतर्गत पशु तस्करी प्रकरण में जब्त किए गए एक वाहन को शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सूरजपुर श्री एस जयवर्धन ने जारी किया है। इस मामले में राजसात की कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कलेक्टर सूरजपुर को भेजा था।
राजसात किए गए वाहन में दिनांक 30 जनवरी 2024 को रात्रि में वाहन चालक मालिक अरबाज अली पिता असगर अली उम्र 20 वर्ष ग्राम गुमला, हुसैननगर थाना व जिला गुमला झारखण्ड के द्वारा कृषि योग्य पशुओं को क्रूरतापूर्वक महेन्द्रा बोलेरो पिक-अप वाहन में ठूंस-ठूंसकर भर कर रस्सी से बांध कर दिगर राज्य झारखण्ड ले जाते समय वाहन चालक द्वारा पिक-अप को गड्ढा में धकेल दिया, जिससे 3 मवेशी की मृत्यु हो गई। शेष 7 मवेशी रात में ही जंगल की ओर चले गए, मृत मवेशियों का पीएम कराया गया। इस मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए अपराध क्रमांक 21/24 धारा 429 भादवि, छ.ग. कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर बिना नंबर महेन्द्र बोलेरो पिक-अप वाहन को जप्त कर वाहन मालिक चालक अरबाज अली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
इस मामले में कलेक्टर सूरजपुर ने विधिवत् सुनवाई पूरी करते हुए पिक-अप वाहन के राजसात का आदेश दिनांक 17 दिसंबर 2025 को जारी किया है। अब इस वाहन की नीलामी कर प्राप्त राशि शासन के निर्धारित मद में जमा कराई जाएगी। यदि माननीय न्यायालय से कोई निर्देश प्राप्त होता है, तो आगे की कार्रवाई उसी के अनुरूप की जाएगी।
इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य पशु क्रूरता एवं अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। पशुओं के अवैध परिवहन में लिप्त व्यक्तियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
