ठाकुर प्यारे लाल सिंह जी स्मृति आयोजन : जिसने अंग्रेजी हुकूमत को दी चुनौती, उसी योद्धा को बिलासपुर ने किया नमन —20 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले ठाकुर प्यारे लाल सिंह — दो बार जेल, फिर भी नहीं टूटा हौसला.

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा सेनानियों के स्मरण कार्यक्रम के तहत 22 दिसम्बर को प्रातः 10:00 बजे नगर स्थित ड्रीम लैण्ड स्कूल सरकंडा में छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता आंदोलन के ध्वज वाहक ठाकुर प्यारे लाल सिंह जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुये संस्था की सांस्कृतिक सचिव, शिक्षाविद निवेदिता सरकार ने कहा ठाकुर प्यारे लाल सिंह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले छत्तीसगढ़ में श्रमिक आंदोलन के संस्थापक थे। उन्होंने राजनांदगाँव रियासत में 1920, 1924, 1937 में तीन प्रमुख आंदोलन का नेतृत्व किया, उनके त्याग बलिदान के लिये उन्हें त्यागमूर्ति मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। उनका पूरा परिवार स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से सहभागी रहा, असहयोग आंदोलन में वकालत छोड़ दी, छत्तीसगढ़ में पहला महाविद्यालय स्थापित किया, सहकारी चावल मिल, बुनकर समितियाँ, घानी,विश्वकर्मा,कांसेकार संघ का निर्माण किया, रायपुर नगर पालिका के दो बार अध्यक्ष, विधायक बने।

उसी कड़ी को बढ़ाते हुये आयोजक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने कहा कि सबसे पहिले मैं उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के महान व्यक्तित्व को नमन करता हूँ जिन्होंने भारत की आज़ादी की लड़ाई लड़ी। नवजवान योद्धा स्व. ठाकुर प्यारे लाल सिंह जी ने मात्र 20 वर्ष की छात्र आयु में श्रमिकों की दुर्दशा से व्यथित होकर ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध बिगुल फूंका, उसके लिये उन्हें दो बार जेल की यातना मिली, वे राष्ट्रभक्त सेनानी थे। ज़िला अध्यक्ष डॉ शकुंतला जितपुरे ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उनके योगदान की विस्तार से चर्चा की, उन्होंने कहाँ हमें छत्तीसगढ़ के प्रत्येक सेनानी परिवार के परिचय को संग्रहित करना है, आज हर युवाओं को देश के सेनानियों की गाथा, बलिदान का स्मरण कराने की ज़रूरत है। कार्यक्रम के प्रारंभ में ठाकुर प्यारे लाल सिंह जी के फ़ोटो पर दीप प्रज्वलित कर सेनानी परिवार के डॉ. शिवनाथ श्रीवास, रमेश श्रीवास, अशोक रंजन वर्मा, श्रीमती कुमुद वर्मा, डॉ. रश्मि जितपुरे ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम संयोजक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बतलाया नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मरण कार्यक्रम के तहत आज नगर के उत्तराधिकारी परिवार के सदस्य अमर शहीदों के स्मरण के तहत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह जी की 135 वीं जयंती में स्मरण कर बतलाया कि वर्ष 1930,32 में पुलिस ने गिरफ़्तार कर दो बार तीन वर्ष की सजा दी थी, आज उनके नातिन श्रीमती निवेदिता सरकार के विद्यालय ड्रीम लैण्ड स्कूल सरकंडा में उनके परिजन ने उनकी 135 वी जयंती पर उनके त्याग बलिदान का स्मरण कर मनाया गया।

इस अवसर पर सेनानी परिवार के सदस्य अशोक रंजन वर्मा, डॉ. शिव नाथ श्रीवास, रमेश श्रीवास, डॉ. रश्मि, श्रीमती कुमुद वर्मा ने कहा कि नगर की महान विभूतियों को हम कैसे जीवित रखें ताकि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिल सके इस दिशा में काम की आवश्यकता है। बैठक में नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के उत्तराधिकारी परिवार के सदस्य सर्व श्री डॉ. शकुंतला जितपुरे, चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, अशोक रंजन वर्मा, डॉ. रश्मि जितपुरे, श्रीमती कुमुद वर्मा, श्रीमती निवेदिता सरकार, तापोसी सरकार, दिव्या सिंह, रितु उपाध्याय, प्रतिमा गर्ग, सीमा भट्टाचार्य, सोमम, निशा, प्रिया, पुष्पा, मोना, सुनीता, दीपाली, रीता, कविता, सपना, हरीश, विजय, गीता, रश्मि, रजनी, शरीना, नीलिमा, नीलम, शोभा, भावना, पूर्वा, सुजाता, मिताली, दीपा, अनामिका, सुमन, स्मृति, हर्षा, कविता, हीरा बहन, सहित काफ़ी संख्या में सेनानी परिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, आभार श्रीमती तापोसी सरकार ने व्यक्त किया। जल पान उपरांत सभा विसर्जित हुई। आगामी बैठक नूतन वर्ष माह के प्रथम रविवार 4 जनवरी 2026 को वन्दे मातरम् उद्यान में प्रातः 10:00 बजे ध्वजारोहण से आयोजित होगी।

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