छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, सरकार और पुलिस लाचार: राजधानी में हर महीने 24 रेप, 120 चोरी, हर दूसरे दिन हत्या — गृहमंत्री की विफलता उजागर – सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर : प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल हो चुकी है, सरकार-पुलिस लाचार हो गये है। जिला पुलिस रायपुर द्वारा प्रस्तुत सालाना रिपोर्ट गृह मंत्री की विफल होने का प्रमाण है. जिस प्रकार से आपराधिक घटनाओं में तेजी आयी है उसके बाद गृह मंत्री को हटा देना चाहिए. राजधानी में महीने में 24 रेप हो रहे 120 चोरियाँ हो रही हर दूसरे दिन हत्या हो रहा है ऐसे इस गृहमंत्री के रहते कानून व्यवस्था में कसावट सम्भव नहीं है. समय जब दुनिया भर में प्रशासनिक सुधार के लिए व्यवस्था का सरलीकरण किया जा रहा है, अधिकारों के विकेन्द्रीकरण का दौर चल रहा उस समय राज्य सरकार द्वारा कमिश्नरी प्रणाली लागू कर के सत्ता अधिकारों का केन्द्रीकरण किया जा रहा है। एक ही व्यक्ति के अधीन गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक के अधिकार दिये जाने के निर्णय लिया जाना सरकार की रूढ़िवादी सोच को दर्शाता है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी रायपुर अपराध का गढ़ बन गया है। सरकार इसके लिए प्रदेश के अक्षम गृहमंत्री को बदलने के बजाए पुलिस की प्रणाली बदलने जा रही है। कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के निर्णय ये साफ हो गया की राजधानी सहित अन्य जिलों के पुलिस कप्तान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी थानेदार सरकार के नियंत्रण में नहीं है. गृहमंत्री की सुन नहीं रहे है. अपराध नियंत्रण में कोई रूचि नहीं हैं तो सरकार को इन पर कार्यवाही करने से किसने रोका है? प्रदेश में लचर कानून व्यवस्था हैं कहां कहां कमीशनर बैठायेंगे ज़ब नीचे का स्टॉफ ही काम नहीं करेगा. क्या भाजपा नेताओं के द्वारा मोटी रकम लेकर मन मुताबिक जिला में एसपी बने होने के कारण दबाव है. क्या इसलिए महासमुंद एसपी ने एसपी कांफ्रेंस में गृहमंत्री से बहस किया और सरकार चुपचाप सुनती रही है. ज़ब एसपी और अन्य अधिकारियो की जिम्मेदारी सरकार तय कर पा रही है तो दिल्ली दरबार की अनुशंसा पर बने कमीशर का क्या बिगाड़ लेगी? असल में कमजोरी गृहमंत्री हैं पहले उसे बदला जाये तो कानून व्यवस्था मजबूत होंगी.पुलिस  कमिश्नर को दंडाधिकारी अधिकार भी मिल जायेंगे। सरकार को क्या ऐसा लगता है वर्तमान में पुलिस और जिला प्रशासन के बीच सामंजस्य का अभाव है, इस कारण राजधानी की कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है, इसलिए कमिश्नर प्रणाली लागू करने जा रहे है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था सरकार की लापरवाही, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की अक्षमता के कारण बिगड़ी है। केवल राजधानी नहीं प्रदेश के सभी जिलों में लूट, हत्या, बलात्कार, डकैती, चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ गयी है। राजधानी में सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था के नाम पर कमिश्नरी प्रणाली लागू करने जा रही है, शेष प्रदेश में क्या करेंगे? गृहमंत्री का गृह जिला कवर्धा तो दो साल में अपराध की राजधानी बन गयी है। बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ हर जगह अपराध का ग्राफ बढ़ा है। वहां के बारे में सरकार की क्या कार्ययोजना है?

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