गौ-तस्करी पर पुलिस का शिकंजा : जंगल के रास्ते झारखंड भेजी जा रही थी 10 गौ-वंशों की खेप, पुलिस ने तोड़ा था तस्करी नेटवर्क, गौ-वंशों की तस्करी के दो फरार आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में वर्ष 2024 से गौ तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान ऑपरेशन शंखनाद’ चलाया जा रहा है, जिसके तहत जशपुर पुलिस निरंतर गौ तस्करी के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है। जशपुर पुलिस के द्वारा ऑपरेशन शंखनाद जारी तिथि से अब तक 145 प्रकरणों में जहां 1406 से अधिक गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है, वहीं 241 गौ तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। जशपुर पुलिस के द्वारा गौ तस्करी में प्रयुक्त 70 वाहनों को भी जप्त किया गया है, जिनमें से 24 वाहनों को राजसात किया जा चुका है।

थाना सिटी कोतवाली जशपुर को दिनांक 06 जनवरी 2026 को शाम करीबन 04:00 बजे मुखबीर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ग्राम डूमरटोली के जंगल के रास्ते काफी संख्या में गौ-वंशों को बेरहमीपूर्वक मारते पीटते हुए पैदल झारखंड राज्य की ओर ले जा रहा है। जिस पर पुलिस के द्वारा सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल मुखबिर के बताए स्थान डूमरटोली जंगल में जाकर देखा तो पाया कि एक व्यक्ति 10 नग गौ-वंशों को बेरहमीपूर्वक पीटते हुए, पैदल हांक कर जल्दी जल्दी ले जा रहा था। पुलिस टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घेराबंदी कर उससे 10 नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद किया गया था। पुलिस को आता देख संदिग्ध गौ तस्कर जंगल का फायदा उठा कर फरार हो गया था, पुलिस के द्वारा फरार आरोपी को चिन्हित कर लिया गया था, जिसकी पहचान ग्राम डूमरटोली थाना सिटी कोतवाली जशपुर, निवासी अजीत राम उम्र 38 वर्ष के रूप में हुई थी। पुलिस के द्वारा आरोपी अजीत राम को उसके घर में दबिश दे कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि इस कार्य में उसका साथी राजेश्वर राम के साथ-साथ गौ-वंश के मालिक नवाब खान एवं मुस्तकीम खान भी सम्मिलित थे। पुलिस द्वारा उसी दौरान डुमरटोली निवासी राजेश्वर राम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गौ-वंश के मालिक नवाब खान एवं मुस्तकीम खान फरार चल रहे थे।

पुलिस द्वारा फरार गौ-वंश के मालिक नवाब खान एवं मुस्तकीम खान की सघनता से पतासाजी की जा रही थी। इस दौरान मुखबीर एवं सायबर सेल से उनके जशपुर क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिलने पर उक्त दोनों आरोपियों को जशपुर के अलग-अलग क्षेत्रों से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर उनके द्वारा उक्त गौ-वंश को अपने हॉकरों के माध्यम से झारखंड की ओर तस्करी करना स्वीकार किया है। आरोपियों का उक्त कृत्य छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के अंतर्गत अपराध घटित करना पाये जाने पर उन्हें दिनांक 13 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। 

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