माह अक्टूबर 2025 में पुरना नगर, जशपुर के तूरीटोंगरी में मिली थी, एक अज्ञात युवक की अधजली लाश, मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत का.
पुलिस की जांच में मृतक की पहचान, महावीर राम भगत निवासी गड़ियोटोंगरी मनोरा के रूप में हुई.
मृतक की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत ने की थी अपने पति मृतक महावीर भगत की हत्या.
मामले से जुड़े दो नाबालिग बालिका व एक नाबालिग बालक के साथ मिलकर, शव को लगाया था ठिकाने, फिर पेट्रोल डाल कर लगा दी थी आग
मामले में आरोपियों के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 103(1),238(क) व 61(2)(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध
पुलिस के द्वारा आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल लाने में प्रयुक्त सफेद रंग की जरकीन व टॉर्च को भी किया जप्त.
नाम मृतक – महावीर राम भगत, उम्र 49वर्ष, निवासी गड़ियों टोंगरी, चौकी मनोरा,थाना सिटी कोतवाली जशपुर ( छ.ग)
नाम गिरफ्तार आरोपी क्रमशः – 1. मृतक की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत उम्र 50 वर्ष हाल मुकाम बांकी टोली जशपुर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर (छ.ग), 2. 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालिका, 3. एक 15 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक, 4.15 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालिका.
जशपुर : जशपुर जिले में महीनों से रहस्य बनी एक दिल दहला देने वाली घटना का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। पुरना नगर के तूरीटोंगरी जंगल में मिली अधजली अज्ञात लाश की गुत्थी को जशपुर पुलिस ने सुलझाते हुए एक जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या उसकी ही पत्नी ने तीन नाबालिगों के साथ मिलकर की थी और पहचान मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। यह मामला न केवल क्रूरता की हदें पार करता है, बल्कि पुलिस की सतत और तकनीकी जांच की मिसाल भी पेश करता है।
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पुरना नगर के तुरीटोंगरी में किसी व्यक्ति का अधजला शव मिली है, जिसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ है, जिस पर सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले के संबंध में अवगत कराते हुए, घटना स्थल, तुरीटोंगरी रवाना हुआ, जहां जाकर पुलिस ने पाया कि एक गड्ढे में एक युवक के शव को जलाया गया है, जिसके शरीर के चेहरे सहित, अधिकांश हिस्सा जल गया था। घटना-स्थल के निरीक्षण व शव के पंचनामा के पश्चात पुलिस के द्वारा, थाने में मर्ग कायम कर जांच विवेचना में लिया गया था। पुलिस के निरीक्षण के दौरान, चूंकि प्रथम दृष्टिया मामला हत्या का प्रतीत होता था, अतः पुलिस के द्वारा शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्टम भी कराया गया। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हत्यात्मक, बताने पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बी.एन.एस. की धारा 103(1) व 238(क) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

चूंकि शव अज्ञात था व शरीर का आधे से अधिक हिस्सा जल चुका था, अतः उसकी पहचान कर, आरोपियों की पतासाजी करना, पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। पुलिस के द्वारा शव की पहचान हेतु, उसके फोटो को आस-पास के थानों/चौकियों में सर्कुलेट किया गया था व क्षेत्र में गुम इंसानों की जानकारी भी ली जा रही थी। साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान माह दिसंबर 25 को मृतक महावीर राम भगत के भाई ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आकर संदेह व्यक्त किया कि मृतक महावीर राम भगत दिवाली के समय से ही घर से निकला था, परंतु वापस घर नहीं लौटा तथा जशपुर के एक मोहल्ले में रहने वाली मृतक महावीर राम भगत की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा भी अपने पति के गुम होने की कोई सुध नहीं ली जा रही है। जिस पर मृतक महावीर राम भगत के परिजनों के द्वारा कहने पर आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा सिटी कोतवाली जशपुर में मृतक महावीर राम भगत की गुम होने की सूचना दर्ज कराई गई थी।
पुलिस के द्वारा जब महावीर राम भगत की पतासाजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक महावीर राम भगत व उसकी पत्नी के मध्य पारिवारिक रिश्ते सही नहीं थे, इनके मध्य वाद-विवाद व मारपीट होते रहती थी, जिसके कारण आरोपिया सुमित्रा भगत, मृतक महावीर राम भगत से अलग अपने बच्चों के साथ जशपुर के मोहल्ले में रहती थी। इसी दौरान पुलिस व टेक्निकल सेल की संयुक्त टीम को पता चला, मृतक महावीर राम भगत दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को आरोपिया सुमित्रा भगत के जशपुर स्थित घर में आया हुआ था।
मामले में पुलिस को संदेह होने पर पुलिस के द्वारा पुरना नगर की तुरी टोंगरी में मिली लाश के सेंपल व मृतक महावीर राम भगत के बच्चों के सेंपल लेकर, उनका फोरेंसिक टेस्ट करते हुए, डीएनए जांच कराया गया। टेस्ट रिपोर्ट में सैंपल मैच होने से पुलिस को यह स्पष्ट हो गया, उक्त अधजली लाश गुम महावीर राम भगत की है, जिसे कि हत्या कर पहचान मिटाने हेतु पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया गया था।
स्थिति स्पष्ट होने पर जशपुर पुलिस का मृतक महावीर राम भगत की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत पर संदेह गहरा गया, चूंकि घटना दिनांक को अंतिम बार मृतक अपनी पत्नी सुमित्रा भगत के पास जशपुर स्थित उसके घर पर आया हुआ था, जिस पर जशपुर पुलिस के द्वारा संदिग्ध आरोपिया सुमित्रा भगत को हिरासत में लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा पहले पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया, परंतु पुलिस की मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे वह झुक गई। अपराध स्वीकार करते हुए बताई कि वह घरेलू काम करती है, उसका पति मृतक महावीर राम भगत मनोरा में अकेला रहता था। वह आए दिन आरोपिया सुमित्रा भगत से दारू पी कर मारपीट करता रहता था, जिसके कारण आरोपिया सुमित्रा भगत मृतक महावीर राम भगत से अलग जशपुर में रहती थी। घटना दिनांक 18 अक्टूबर 2025 की प्रातः करीबन 08:00 बजे वह किसी काम से जशपुर में ही अपने घर से बाहर गई हुई थी, जब वापस अपने घर लौटी तो देखी कि उसका मृतक पति महावीर राम भगत, मनोरा से स्कूटी में आरोपिया सुमित्रा भगत के जशपुर के एक मोहल्ले में स्थित घर में आया हुआ है व उसके हाथ में एक छोटी गैंती भी थी। जिससे आरोपिया सुमित्रा भगत भयभीत हो गई कि उसका पति मृतक महावीर राम भगत उसे मारने की नियत से आया है, इसके पूर्व भी वह आरोपिया को मारने की धमकी दे चुका था।
इसी दौरान दोनों में वाद-विवाद होने लगा व आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा आवेश में आकर मृतक महावीर राम भगत के हाथ से छोटी गैंती को छीन कर, उसके चेहरा और सिर में वार कर दिया गया, जिससे मृतक महावीर राम भगत जमीन पर गिर गया। उसके जबड़े से खून भी निकल रहा था, फिर आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा मृतक महावीर राम भगत के छाती में चढ़ कर उसके गले को दबा दिया गया और तब तक दबाया गया जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो गई। इस दौरान उसकी नाबालिग बेटियां घर में ही थी, उसकी नाबालिग बेटियों द्वारा घटना को करते देख उनके द्वारा अपनी मां आरोपिया सुमित्रा भगत के साथ मृतक महावीर राम भगत को मार कर एवं उसके शव को एक कमरे में चादर से ढंक कर रखा गया था। फिर रात को शव को ठिकाने लगाने की नियत से आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा अपने पड़ोस में रहने वाले एक 15 वर्षीय नाबालिग बालक से भी मदद ली गई और रात्रि करीबन 10:00 से 11:00 बजे के मध्य आरोपिया सुमित्रा भगत व दो नाबालिग बालिकाओं व एक नाबालिग पड़ोसी बालक के साथ मिल कर, मृतक महावीर राम भगत के शव को लकड़ी के बल्ली से बांध कर, उसे मिल कर ढोते हुए तूरी टोंगरी जंगल में ले गए थे व साथ में शव की पहचान न हो सके, इसलिए शव को जलाने की नियत से, एक सफेद प्लास्टिक की जरकीन में पेट्रोल को भर ले जाया गया था। उनके द्वारा मिलकर मृतक महावीर राम भगत के शव को पेट्रोल डाल कर जलाने का प्रयास किया गया था।
पुलिस के द्वारा आरोपियों के अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है व विधि से संघर्षरत बालक व बालिकाओं को बाल संप्रेषण गृह भेजा जावेगा।
पुलिस के द्वारा मुख्य आरोपिया सुमित्रा भगत की निशानदेही पर, उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल ले जाने में प्रयुक्त जरकिन व टॉर्च को भी जप्त कर लिया गया है।
चूंकि मामला अति संवेदनशील होने पर जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉक्टर लाल उमेद सिंह के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में 07 सदस्य टीम गठित कर मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिसके परिणाम स्वरूप मामले का खुलासा हो पाया।
इस प्रकरण की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में उप पुलिस अधीक्षक अजाक/क्राईम भावेश कुमार समरथ, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उपनिरीक्षक विपीन केरकेट्टा व साइबर सेल जशपुर की टीम से उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, थाना सिटी कोतवाली जशपुर से महिला प्रधान आरक्षक सावित्री भगत, आरक्षक राम प्रताप यादव, आरक्षक रवि भगत, आरक्षक रवि भगत, आरक्षक विनोद तिर्की, नगर सैनिक रवि डनसेना व थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई, एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए, तीन विधि से संघर्षरत बालक/बालिका सहित एक आरोपिया को गिरफ्तार किया है, जिन्हें क्रमशः बाल संप्रेषण गृह व आरोपिया पत्नी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।
