निरीक्षक जय प्रकाश गुप्ता की उत्कृष्ट विवेचना से गैंगरेप की पीड़िता को मिला न्याय.
सभी आरोपी घटना करने के बाद नेपाल भागने की फिराक में थे जिन्हें पुलिस टीम के द्वारा कोरबा के घने जंगलों में घेराबंदी कर पकड़ा गया था.
फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट से मामले के सभी चार आरोपियों को 20-20 साल सश्रम कारावास की सजा और सभी को 50,000-50,000 रुपये के अर्थदंड से किया गया दण्डित.
नाम आरोपी – 1- मनोज कुमार पटेल निवासी कोरबा, 2- नरेंद्र कुमार पटेल निवासी कोरबा, 3- रामकुमार पटेल निवासी कोरबा, 4- धरम चौहान निवासी नागरदा जिला शक्ति.
जिले के SP श्री विजय कुमार पाण्डेय (भापुसे) के द्वारा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के दिए गए थे निर्देश
जांजगीर-चांपा : जांजगीर-चांपा में न्याय की एक अहम मिसाल सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ, तेज़ कार्रवाई और मजबूत विवेचना के चलते एक गंभीर अपराध में पीड़िता को इंसाफ मिला। निरीक्षक जय प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न केवल फरार आरोपियों को घने जंगलों से गिरफ्तार किया, बल्कि पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर उन्हें कड़ी सजा दिलाकर यह साबित कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, कानून से बचना असंभव है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 18 मई 2025 को थाना चाम्पा में एक गंभीर घटना हुई थी जिसमें चार आरोपियों के द्वारा एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उक्त घटना उस समय घटी जब पीड़िता अपने पिता के साथ घर पर थी, आरोपी पूर्व परिचित थे और घटना वाले दिन उन्होंने पीड़िता के घर भोजन भी किया। पिता के सो जाने के बाद सभी आरोपियों ने युवती को जबरन दूसरे कमरे में ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गए थे। पीड़िता की मां के द्वारा घटना के संबंध में सूचना थाना चाम्पा को दी गई थी, जिस पर थाना चाम्पा में आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

विवेचना के दौरान घटना-स्थल का फोरेंसिक एक्सपर्ट से निरीक्षण कराया गया तथा घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किया गया। घटना-स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया, जिसमें आरोपियों की उपस्थिति दिखाई दी, सभी आरोपियों के मोबाइल का टावर लोकेशन साइबर सेल के माध्यम से लिया गया, जो सभी आरोपी घटना के समय उपस्थित दिखे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु थाना चाम्पा से थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम रवाना हुई थी जो घटना करने के बाद सभी आरोपी रायगढ़ कोरबा मार्ग से होते हुऐ नेपाल भाग रहे थे, जिन्हें पुलिस टीम के द्वारा करतला जिला कोरबा के घने जंगलों से पकड़ा गया था। पुलिस टीम के द्वारा सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उक्त मामले में विवेचना कार्रवाई पूर्ण कर चारों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें कोर्ट के द्वारा प्रकरण में जल्द सुनवाई किया गया और कोर्ट के द्वारा साक्ष्य सबूत के आधार पर चारों आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपए के अर्थ-दंड से दंडित किया गया है।
पुलिस के द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही और आरोपियों को सजा मिलने से पीड़िता और उसके परिजनों तथा आमजनों में पुलिस और न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ा है।
इस प्रकरण की कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता तत्कालीन थाना प्रभारी चाम्पा, सहायक उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह, सहायक उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र कुमार टंडन, आरक्षक भूपेंद्र गोस्वामी, आरक्षक माखन साहू, आरक्षक अर्जुन यादव, आरक्षक हजारी लाल मेरसा का विशेष योगदान रहा है।
