सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल : पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा श्री विजय कुमार पाण्डेय का सराहनीय कार्य, जिले के सबरीया समुदाय को शराब बनाना छोड़ स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया,
जिसके बारे में प्रेजेंटेशन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में दिया गया, जहां देश भर के पुलिस अधिकारियों ने इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की.
जांजगीर-चांपा : पुलिसिंग की एक ऐसी मिसाल जांजगीर-चांपा में सामने आई है, जिसने कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की नई कहानी लिख दी। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय की पहल ने सबरिया समुदाय को अवैध शराब निर्माण जैसे कार्यों से बाहर निकाल कर आत्मनिर्भरता की राह पर ला खड़ा किया। यह प्रयास न केवल अपराध पर नियंत्रण का उदाहरण बना, बल्कि पूरे देश में सामुदायिक पुलिसिंग का प्रेरणास्रोत भी बन गया।
श्री विजय कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया कार्य सामुदायिक पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने जिले के सबरिया समुदाय, जो लंबे समय से अवैध शराब निर्माण जैसी गतिविधियों में संलग्न था, को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अभिनव पहल की गई। पुलिस द्वारा संवेदनशीलता और विश्वास के साथ संवाद स्थापित कर समुदाय को जागरूक किया गया तथा उन्हें इस कुरीति से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया गया।
एसपी श्री विजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में समुदाय के लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्होंने अवैध कार्यों को त्याग कर वैध और सम्मानजनक जीवन अपनाया। इस प्रयास से न केवल अपराध में कमी आई, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिला।
उनके इस सराहनीय कार्य की प्रस्तुति राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में दी गई, जहां देशभर के पुलिस अधिकारियों ने इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की।
यह पहल दर्शाती है कि यदि पुलिस संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करे, तो समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
