अपराध समीक्षा बैठक : गुंडागर्दी, नशा और साइबर क्राइम पर वार, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा ! एसपी भावना गुप्ता के सख्त तेवर, हर थाने को अलर्ट, पुलिस की बड़ी रणनीति बैठक में तय.

दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पुलिस कार्यालय सभा-कक्ष बलौदाबाजार में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता द्वारा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों व थाना/चौकी प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली गयी। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। उनके द्वारा आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष एवं प्रभावी पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया तथा सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय एवं कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि थाना स्तर के कार्यों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए तथा प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संज्ञेय अपराधों में समय पर एफआईआर दर्ज करने, गंभीर अपराधों की विवेचना वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कराने तथा विलंब से बचने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक द्वारा चौक-चौराहों पर शराब के नशे में हुड़दंग एवं गुंडागर्दी करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बीट प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सतत् भ्रमण करने, ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने तथा वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सूचित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने थाना/चौकी प्रभारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों के मार्गदर्शन एवं समस्याओं के समाधान हेतु नियमित सुपरविजन सुनिश्चित करने को कहा, साथ ही नेटग्रिड जैसे तकनीकी कार्यों के लिए जिले में मल्टीपल स्टॉफ तैयार कर कार्यभार संतुलित रखने के निर्देश दिए। तकनीकी सुदृढ़ीकरण के तहत सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन माध्यम से संबंधित अस्पतालों तक भेजने, एनसीआरबी द्वारा विकसित ई-समंस समन्वय पोर्टल, साइबर क्राइम पोर्टल (NCCRP), Netgrid, JCCTP एवं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।

श्रीमती भावना गुप्ता द्वारा बैठक में अवैध रूप से शराब बिक्री, जुआ, सट्टा, गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान एवं शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। समयबद्ध प्रकरणों में 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, आमजन से सतत संवाद स्थापित करने, मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने एवं विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, साथ ही अपराधों की रोकथाम हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन एवं सरप्राइज चेकिंग के माध्यम से वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर अपराध एवं सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। बैठक के दौरान अपराध अनुसंधान, अपराधियों की धर-पकड़, जांच एवं विवेचना कार्यों में उत्कृष्ट एवं प्रशंसनीय प्रदर्शन करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

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