नारकोटिक्स ड्रग डिटेक्शन एवं प्री-कर्सर डिटेक्शन किट पर कार्यशाला का आयोजन
रायपुर : नशे के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम के निर्देशन में नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में आधुनिक ड्रग डिटेक्शन किट्स के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल से अब संदिग्ध मादक पदार्थों की मौके पर ही पहचान संभव होगी, जिससे त्वरित कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी में बड़ी मदद मिलेगी।

पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में नारकोटिक्स ड्रग डिटेक्शन किट एवं प्री-कर्सर डिटेक्शन किट के उपयोग के बारे में पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में राज्य स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इन किट का उपयोग ऑन-स्पॉट ड्रग डिटेक्शन में किया जाता है, जिससे प्रथम दृष्टया संदिग्ध पदार्थ का मादक पदार्थ होने का पता चलता है। मादक पदार्थ की पहचान में इसकी उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए ड्रग डिटेक्शन किट एवं प्री-कर्सर जिलों को वितरित किये गये हैं। इन किट्स के उपयोग से ड्रग्स का पता लगाया जा सकेगा। जिस से दोषी व्यक्तियों को तत्काल गिरफ्तार करने तथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने में सहायता प्राप्त होगी।
राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त संचालक डॉ. एच.एस. भावरा एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. संदीप कुमार वैष्णव द्वारा डीडी किट एवं प्रीकर्सर डिटेक्शन किट के उपयोग के हेतु लाईव डेमो देते हुए इसका किस प्रकार इस्तेमाल किया जाना है, (ताकि ड्रग का परीक्षण भली-भांति किया जा सके) पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यशाला में एन्टीनारकोटिक्स टॉस्कफोर्स के नोडल अधिकारी एवं विवेचनाधिकारी सहित कुल 160 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अनामिका जैन, प्रभारी नारकोटिक्स सेल श्री अशुंमान सिंह सहित पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
