बड़ी प्रेसवार्ता: प्रमुख सचिव शहला निगार और डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी का बड़ा बयान—प्रदेश में LPG, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की कोई कमी नहीं, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत!

रायपु : प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच प्रमुख सचिव, कृषि विभाग श्रीमती शहला निगार, संचालक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने आज स्थानीय सर्किट हाउस में संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में ईंधन एवं उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है, साथ ही कालाबाजारी और अफवाहों पर सख्ती से नियंत्रण किया जा रहा है।

प्रदेश में ईंधन और उर्वरकों की आपूर्ति पर सरकार का बड़ा भरोसा, अफवाहों से दूर रहने की अपील

रायपुर : प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त है। पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालात के बाद 28 फरवरी 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य शासन लगातार भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है और ईंधन की स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है। सरकार ने बताया कि प्रदेश में 63.59 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मार्च 2026 में 35,000 टन की आवश्यकता के विरुद्ध 35,073 टन एलपीजी उपलब्ध कराई गई, जबकि अप्रैल माह में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मार्च के दूसरे सप्ताह में अफवाहों के चलते एलपीजी बुकिंग अचानक बढ़कर 1.30 लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई थी, लेकिन अब यह घटकर सामान्य स्तर 64,000 प्रतिदिन पर आ गई है, जिससे स्पष्ट है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

पेट्रोल और डीजल की बात करें तो प्रदेश में संचालित 2465 पेट्रोल पंपों और ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मार्च 2026 में पेट्रोल की आवश्यकता के मुकाबले 126 प्रतिशत और डीजल की 183 प्रतिशत तक आपूर्ति दर्ज की गई है। अप्रैल माह में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति जारी है, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। इसके साथ ही सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 419 छापे मारे हैं, जिनमें 3946 सिलेंडर जब्त किए गए और 105 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया गया है, ताकि उपभोक्ता सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था, संतुलित पोषण पर विशेष जोर

कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ संतुलित पोषक तत्व उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया है। कुल 15.55 लाख टन उर्वरक की मांग के मुकाबले 17 अप्रैल तक 8.72 लाख टन यानी लगभग 56 प्रतिशत भंडारण किया जा चुका है, जबकि सहकारी क्षेत्र में 4.83 लाख टन का स्टॉक रखा गया है। कृषि विभाग ने किसानों को केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भर न रहकर “एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन” अपनाने की सलाह दी है, जिससे उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत भी कम की जा सके। इसके अंतर्गत हरी खाद, नीली-हरी काई, जैव उर्वरक जैसे पीएसबी और एजोस्पाइरिलम के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

राज्य में जैव उर्वरकों के उत्पादन को भी गति दी गई है और किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के वितरण को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई ऑनलाइन प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें एकीकृत किसान पोर्टल और अन्य सरकारी पोर्टलों को जोड़ा जाएगा। नैनो उर्वरकों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन संभव हो सके।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की जमाखोरी, अधिक मूल्य पर बिक्री और अन्य अनियमितताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए निरीक्षकों की नियुक्ति और नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कुल मिलाकर, सरकार ने आम नागरिकों और किसानों को आश्वस्त किया है कि ईंधन और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

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